अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | वॉशिंगटन | 18 सितंबर 2026
चीन में जासूसी और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने के आरोपों में बंद अमेरिकी विद्वान यू मिन ज़िन की पत्नी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से अपने पति की रिहाई के लिए हस्तक्षेप करने की अपील की है। ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अगले सप्ताह व्हाइट हाउस में प्रस्तावित मुलाकात से पहले सिल्विया ज़िन ने अमेरिकी कांग्रेस में अपने पति का मामला उठाया और उम्मीद जताई कि ट्रंप सीधे शी जिनपिंग के सामने उनकी रिहाई का मुद्दा रखेंगे।
यू मिन ज़िन को 3 जून को चीन के कुनमिंग शहर में गिरफ्तार किया गया था। वह वहां एक अकादमिक सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे थे। ज़िन म्यांमार से जुड़े मामलों के विशेषज्ञ हैं और Myanmar Institute for Strategic and Policy Studies (ISP-Myanmar) नामक थिंक टैंक के निदेशक हैं। यह संस्थान चीन की म्यांमार में भूमिका, उसके हितों और क्षेत्रीय प्रभाव जैसे विषयों पर शोध करता है।
सिल्विया ज़िन ने बुधवार को अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की विदेश मामलों की समिति की ईस्ट एशिया एंड पैसिफिक सबकमेटी की सुनवाई में कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ट्रंप उनके पति का मामला शी जिनपिंग के सामने उठाएंगे। उन्होंने अपने पति के अलावा चीन में हिरासत में रखे गए अमेरिकी वैज्ञानिक चेन यूलिन की रिहाई का मामला भी उठाने की अपील की।
अमेरिकी विदेश विभाग पिछले महीने यू मिन ज़िन और चेन यूलिन को “गलत तरीके से हिरासत में लिए गए” अमेरिकी नागरिकों के रूप में नामित कर चुका है। इस तरह का अमेरिकी नामांकन होने के बाद मामलों को विशेष रूप से अमेरिकी सरकार के उस कार्यालय तक भेजा जा सकता है, जो विदेशों में हिरासत में लिए गए अमेरिकी नागरिकों की रिहाई के मामलों को देखता है। इससे अमेरिकी प्रशासन को ऐसे मामलों में अतिरिक्त संसाधन लगाने का रास्ता मिलता है।
सिल्विया ज़िन ने सुनवाई के दौरान अपने पति की स्थिति को लेकर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि वह अभी तक जेल में उनसे सीधे बात नहीं कर पाई हैं। उनका कहना है कि परिवार हर महीने अमेरिकी अधिकारियों की कांसुलर मुलाकात का इंतजार करता है, क्योंकि इससे उन्हें कम से कम यह भरोसा मिलता है कि उनके पति जीवित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी अधिकारियों ने उन्हें बताया था कि गिरफ्तारी के शुरुआती दौर में उनके पति से रोजाना कई घंटों तक पूछताछ की जाती थी।
उन्होंने कहा कि वह अपनी बेटी के लिए मजबूत बने रहने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन लगातार यह चिंता रहती है कि उनके पति किस स्थिति में हैं और वह उन्हें घर वापस कैसे ला पाएंगी।
यू मिन ज़िन का मामला ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका और चीन के बीच उच्चस्तरीय बातचीत जारी है। अगले सप्ताह शी जिनपिंग की वॉशिंगटन यात्रा प्रस्तावित है, जहां उनकी ट्रंप के साथ बैठक होनी है। इससे पहले चीन में हिरासत में रखे गए अमेरिकी नागरिकों के परिवार अमेरिका की राजधानी पहुंचकर अपने मामलों को अमेरिकी सांसदों और प्रशासन के सामने रख रहे हैं।
कांग्रेस की सुनवाई के दौरान सबकमेटी की अध्यक्ष यंग किम ने भी चीन में अमेरिकी नागरिकों की हिरासत को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि चीन की यात्रा करने वाले अमेरिकी नागरिकों को हिरासत में लिया जाना राजनयिक बातचीत में दबाव के साधन के रूप में इस्तेमाल किए जाने का खतरा पैदा करता है। यह उनका सुनवाई में व्यक्त किया गया आकलन था।
इसी सुनवाई में हांगकांग के मीडिया कारोबारी जिमी लाई के बेटे ने भी अपने पिता की रिहाई के लिए अमेरिकी सरकार से मदद की अपील की। ट्रंप पहले भी शी जिनपिंग के साथ जिमी लाई का मामला उठा चुके हैं। ट्रंप ने उस समय कहा था कि शी ने इस मामले को मुश्किल बताया था।
व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अमेरिकी नागरिकों की गलत तरीके से हुई हिरासत को खत्म करना राष्ट्रपति की प्राथमिकताओं में शामिल है।
अमेरिका-चीन संबंधों में अमेरिकी नागरिकों की हिरासत का मुद्दा पहले भी बातचीत का हिस्सा रहा है। पिछली ट्रंप-शी बैठक के दौरान एक अन्य अमेरिकी नागरिक की जेल से रिहाई का मामला उठाया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप द्वारा मामला उठाए जाने के करीब दो महीने बाद भूमिगत चर्च के नेता जिन मिंगरी को चीन की जेल से रिहा किया गया था।
अब यू मिन ज़िन के परिवार की उम्मीद अगले सप्ताह होने वाली ट्रंप-शी बैठक पर टिकी है। परिवार चाहता है कि इस उच्चस्तरीय मुलाकात में उनके पति की हिरासत और रिहाई का मुद्दा सीधे उठे। वहीं, मामले में चीन की ओर से लगाए गए आरोप और उसकी कानूनी प्रक्रिया भी आगे की स्थिति तय करने में महत्वपूर्ण होगी।



