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गाज़ा जल उठा — इज़रायली हमलों में 104 मौतें, उम्मीदें राख में बदलीं

गाजा सिटी/रमल्लाह, 30 अक्टूबर 2025 

गाजा पट्टी में रात भर चले इजरायली हवाई हमलों में कम से कम 104 फिलिस्तीनियों की मौत हो गई, जिसमें 30 से अधिक बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग शामिल हैं। इन हमलों ने हजारों विस्थापितों के तंबुओं, घरों और एक अस्पताल के आसपास के इलाकों को निशाना बनाया, जिससे क्षेत्र में भय और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, हमलों में करीब 250 से अधिक लोग घायल भी हुए हैं, जिनमें से कई की हालत गंभीर बनी हुई है। ये हमले इजरायल के उस आरोप के बाद तेज हुए, जिसमें उसने हमास पर अपने सैनिकों पर हमला करने का इल्जाम लगाया। इजरायली सेना ने मंगलवार को दक्षिणी गाजा के राफाह इलाके में संघर्ष के दौरान एक सैनिक की मौत की पुष्टि की। हमास ने इन आरोपों का खंडन करते हुए इसे संघर्ष विराम का उल्लंघन बताया। सिविल डिफेंस के प्रवक्ता महमूद बसल ने हमलों को “नरसंहार जैसा और क्रूर” करार देते हुए कहा, “यह संघर्ष विराम समझौते का खुला उल्लंघन है। विस्थापितों के तंबू, घर और अस्पताल के आसपास के इलाके बेरहमी से निशाना बनाए गए।”

अस्पतालों में शवों की लाइन, घायलों की चीखें

अल-शिफा अस्पताल के निदेशक मोहम्मद अबू सेल्मिया ने बताया कि अस्पताल में 35 से अधिक शव लाए गए, जिनमें 12 बच्चे और 10 महिलाएं शामिल हैं। इसके अलावा 70 घायल पहुंचे, जिनमें 30 से अधिक बच्चे गंभीर रूप से जख्मी हैं। मौत का आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है। इसी तरह, अल-अवदा अस्पताल में नुसैरत शरणार्थी शिविर पर हुए हमले से आठ बच्चों समेत 20 शव पहुंचे।

गाजा के निवासी अब्दुल-हय अल-हज अहमद ने दर्द भरी आवाज में कहा, “अब वे हमास पर देरी का आरोप लगा रहे हैं, जो नई जंग का बहाना है। हम बस जीना चाहते हैं। मुझे डर है कि जंग फिर शुरू हो जाएगी।” ये हमले अमेरिका की मध्यस्थता वाले संघर्ष विराम के ठीक बाद हुए, जो 10 अक्टूबर 2025 को लागू हुआ था। इस समझौते के तहत हमास ने 20 जीवित बंधकों को रिहा किया, लेकिन 28 मृत बंधकों के शवों को लौटाने को लेकर विवाद गहरा गया है। इजरायल ने हमास पर शवों की खोज को “नाटक” बताते हुए आरोप लगाया कि वे गड्ढे खोदकर शव छिपा रहे हैं।

इजरायली नेताओं की सख्त चेतावनी

इजरायल के रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज ने कहा, “हमास के नेताओं के लिए कोई छूट नहीं—चाहे वे सूट में हों या सुरंगों में छिपे हों। जो सैनिक पर हाथ उठाएगा, उसका हाथ काट दिया जाएगा।” अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल के जवाबी हमलों का समर्थन करते हुए कहा, “उन्होंने एक इजरायली सैनिक को मारा। इसलिए इजरायल ने जवाब दिया, और उन्हें ऐसा करना चाहिए।” उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने कहा कि संघर्ष विराम अब भी बरकरार है, भले ही “छिटपुट झड़पें” चल रही हों।

दो साल पुरानी जंग की काली छाया

यह घटना 7 अक्टूबर 2023 को हमास के इजरायल पर हमले की याद दिलाती है, जिसमें 251 बंधक बनाए गए थे। संयुक्त राष्ट्र की विशेषज्ञ फ्रांसेस्का अल्बानेस ने पश्चिमी देशों पर गाजा में “नरसंहार में सहभागिता” का आरोप लगाते हुए कहा, “संयुक्त राष्ट्र पूरी तरह विफल रहा है और अपनी प्रासंगिकता खो चुका है। 

इजरायल के साथ सभी संबंध तत्काल निलंबित किए जाएं।” गाजा में 90 प्रतिशत स्कूल और विश्वविद्यालय नष्ट हो चुके हैं, जिससे शिक्षा पूरी तरह ठप है। एक किशोरी डेनिया अलाफ्रांजी ने रोते हुए कहा, “हम नर्क में कैद हैं। यहां पढ़ाई का नामोनिशान नहीं।”इन हमलों ने गाजा के लोगों की पुनर्निर्माण की आखिरी उम्मीद को चकनाचूर कर दिया है। 

कतर, मिस्र, अमेरिका और तुर्की जैसे मध्यस्थ देश संघर्ष विराम बचाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन बढ़ते तनाव ने शांति की राह को और कठिन बना दिया है। गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, कुल मौतों का आंकड़ा अब 43,000 से अधिक हो चुका है।

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