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कर्नाटक में डी.के. शिवकुमार युग की शुरुआत, 3 जून को लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ

राजनीति / कर्नाटक | ABC NATIONAL NEWS | बेंगलुरु | 31 मई 2026

कर्नाटक की राजनीति में सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। कांग्रेस विधायक दल (CLP) का नेता चुने जाने के बाद डी.के. शिवकुमार ने शनिवार को राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मुलाकात कर सरकार गठन का दावा पेश किया। इसके तुरंत बाद राजभवन की ओर से उन्हें 3 जून को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने का औपचारिक निमंत्रण जारी कर दिया गया।

राज्यपाल द्वारा जारी पत्र के अनुसार डी.के. शिवकुमार बुधवार, 3 जून को शाम 4:05 बजे लोक भवन स्थित ग्लास हाउस में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। बताया जा रहा है कि शपथ ग्रहण समारोह अपेक्षाकृत सादगीपूर्ण होगा, लेकिन इसमें कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व सहित कई प्रमुख नेताओं के शामिल होने की संभावना है।

इससे पहले बेंगलुरु में आयोजित कांग्रेस विधायक दल की बैठक में डी.के. शिवकुमार को सर्वसम्मति से नेता चुना गया। विशेष बात यह रही कि उनके नाम का प्रस्ताव स्वयं निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने रखा। लगभग 17 वर्षों तक कांग्रेस विधायक दल का नेतृत्व करने वाले सिद्धारमैया ने इस अवसर पर नई नेतृत्व टीम को समर्थन देते हुए संगठनात्मक एकता का संदेश दिया। वरिष्ठ नेता जी. परमेश्वर ने प्रस्ताव का अनुमोदन किया।

राजनीतिक गलियारों में अब सबसे अधिक चर्चा नई कैबिनेट को लेकर हो रही है। अभी मंत्रिमंडल गठन को लेकर कांग्रेस नेतृत्व के बीच मंथन जारी है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि शपथ ग्रहण के दिन पूरी कैबिनेट शपथ लेगी या केवल मुख्यमंत्री और कुछ वरिष्ठ मंत्री ही शपथ ग्रहण करेंगे। इसके अलावा उपमुख्यमंत्री पद को लेकर भी अटकलों का दौर जारी है।

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डी.के. शिवकुमार लंबे समय से कर्नाटक कांग्रेस के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं। संगठन को मजबूत करने, चुनावी रणनीति तैयार करने और राजनीतिक संकटों में पार्टी को एकजुट रखने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही है। मुख्यमंत्री पद तक उनका पहुंचना कांग्रेस संगठन में उनकी बढ़ती स्वीकार्यता और राजनीतिक प्रभाव का संकेत माना जा रहा है।

हालांकि नई सरकार के सामने चुनौतियां भी कम नहीं होंगी। प्रशासनिक स्थिरता बनाए रखना, चुनावी वादों को पूरा करना, क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन के साथ कैबिनेट का गठन करना तथा विपक्ष के हमलों का सामना करना नई सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल होगा। साथ ही कांग्रेस नेतृत्व को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि सत्ता परिवर्तन के बाद पार्टी के भीतर किसी प्रकार की असंतुष्टि पैदा न हो।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव केवल मुख्यमंत्री बदलने का मामला नहीं है, बल्कि कर्नाटक कांग्रेस के भविष्य की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण मोड़ है। शिवकुमार के नेतृत्व में कांग्रेस राज्य की राजनीति में अपनी पकड़ और मजबूत करने की कोशिश करेगी, जबकि विपक्ष नई सरकार के शुरुआती फैसलों पर करीबी नजर बनाए हुए है।

अब पूरे देश की निगाहें 3 जून पर टिकी हैं, जब डी.के. शिवकुमार आधिकारिक रूप से कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेकर राज्य की सत्ता संभालेंगे और कांग्रेस के नए राजनीतिक अध्याय की शुरुआत करेंगे।

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