राष्ट्रीय/ दिल्ली | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 31 मई 2026
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के साकेत इलाके में शनिवार रात एक बड़ा हादसा हो गया, जब एक बहुमंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है, जबकि बचाव और राहत कार्य युद्धस्तर पर जारी है। यह हादसा दक्षिण दिल्ली के सैदुलाजाब क्षेत्र में साकेत मेट्रो स्टेशन के पास वेस्टर्न मार्ग पर हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इमारत गिरने से पहले जोरदार आवाज सुनाई दी और कुछ ही सेकंड में पूरी संरचना धूल के गुबार के बीच जमींदोज हो गई। आसपास मौजूद लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि ढही हुई इमारत के साथ लगी एक टीन शेड कैंटीन भी मलबे की चपेट में आ गई। बताया जा रहा है कि हादसे के समय वहां कुछ बच्चे रात का भोजन कर रहे थे। आशंका जताई जा रही है कि कई बच्चे भी मलबे के नीचे फंस सकते हैं। इस सूचना के बाद बचाव एजेंसियों ने अभियान और तेज कर दिया है।
घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग और आपदा राहत टीमें मौके पर पहुंच गईं। दिल्ली फायर सर्विस ने चार दमकल गाड़ियों को तैनात किया है। जेसीबी मशीनों और विशेष उपकरणों की मदद से मलबा हटाने का काम जारी है। राहतकर्मी जीवन के संकेत तलाशने के लिए लगातार खोज अभियान चला रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार ढही हुई इमारत ग्राउंड फ्लोर के ऊपर तीन मंजिलों वाली थी। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इमारत में उस समय कितने लोग मौजूद थे। प्रशासन ने आसपास के क्षेत्र को घेरकर आम लोगों की आवाजाही रोक दी है ताकि बचाव कार्य में कोई बाधा न आए।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि हादसा इतना अचानक हुआ कि लोगों को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला। कई परिवार अपने परिजनों के बारे में जानकारी जुटाने के लिए घटनास्थल के आसपास जमा हैं। मौके पर मौजूद लोगों की आंखों में चिंता और भय साफ दिखाई दे रहा है।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना है। देर रात तक बचाव अभियान जारी रहने की संभावना है। अधिकारियों ने कहा है कि सभी लोगों को निकालने के बाद ही नुकसान और संभावित कारणों का सही आकलन किया जा सकेगा।
दिल्ली में हाल के वर्षों में इमारत ढहने की घटनाओं ने निर्माण गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों और भवन निरीक्षण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। साकेत का यह हादसा एक बार फिर शहरी सुरक्षा व्यवस्था की चुनौतियों को उजागर करता है। पूरे शहर की निगाहें अब राहत अभियान पर टिकी हैं और लोग मलबे में फंसे लोगों के सुरक्षित बाहर निकलने की प्रार्थना कर रहे हैं।




