राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 28 जून 2026
देश में मादक पदार्थों की तस्करी और नशे के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने अगले तीन वर्षों की व्यापक रणनीति तैयार की है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को ‘विजन डॉक्यूमेंट ऑन ड्रग कंट्रोल 2026-2029’ जारी किया, जिसमें ड्रग्स के पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए “Detect, Disrupt and Destroy” यानी “पता लगाओ, नेटवर्क तोड़ो और पूरी व्यवस्था ध्वस्त करो” की नीति अपनाने की घोषणा की गई है। यह दस्तावेज़ नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) द्वारा आयोजित नार्को-कोऑर्डिनेशन सेंटर (NCORD) की 10वीं शीर्ष स्तरीय बैठक में जारी किया गया।
सरकार का कहना है कि यह केवल नशीले पदार्थों की बरामदगी तक सीमित योजना नहीं होगी, बल्कि ड्रग्स की खेती, उत्पादन, तस्करी, वित्तीय नेटवर्क, संगठित अपराध, सीमा पार संचालित गिरोह और नशे की लत—सभी के खिलाफ एक समन्वित राष्ट्रीय अभियान चलाया जाएगा। इस रणनीति के तहत केंद्रीय और राज्य एजेंसियों, सीमा सुरक्षा बलों, पुलिस, खुफिया एजेंसियों, वित्तीय जांच एजेंसियों और फार्मास्युटिकल क्षेत्र के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया जाएगा।
विजन डॉक्यूमेंट के अनुसार आने वाले तीन वर्षों में खुफिया सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई को प्राथमिकता दी जाएगी। ड्रग तस्करी में शामिल अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय गिरोहों के वित्तीय स्रोतों को चिन्हित कर उनकी संपत्तियां जब्त करने, तकनीक आधारित निगरानी बढ़ाने, साइबर माध्यम से होने वाली ड्रग तस्करी पर रोक लगाने और संगठित अपराध से जुड़े नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने की रणनीति बनाई गई है। सरकार का उद्देश्य केवल छोटे तस्करों तक सीमित रहने के बजाय पूरे सप्लाई चेन को खत्म करना है।
दस्तावेज़ में नशे के खिलाफ सामाजिक अभियान को भी बराबर महत्व दिया गया है। स्कूलों, कॉलेजों और युवाओं के बीच जागरूकता अभियान चलाने, नशे के आदी लोगों के पुनर्वास और उपचार की व्यवस्था मजबूत करने, परिवारों और स्थानीय समुदायों की भागीदारी बढ़ाने तथा ड्रग्स के खिलाफ जनभागीदारी को राष्ट्रीय अभियान का रूप देने की बात कही गई है। सरकार का मानना है कि केवल पुलिस कार्रवाई से समस्या समाप्त नहीं होगी, बल्कि रोकथाम और पुनर्वास भी उतने ही आवश्यक हैं।
सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि ड्रग्स से जुड़े मामलों में तकनीक का व्यापक इस्तेमाल किया जाएगा। डेटा एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल ट्रैकिंग, वित्तीय लेनदेन की निगरानी और विभिन्न एजेंसियों के बीच रियल टाइम सूचना साझा करने जैसी व्यवस्थाओं को मजबूत किया जाएगा, ताकि तस्करी के नए तरीकों पर तेजी से कार्रवाई की जा सके।
भारत की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए सरकार ने सीमा पार से होने वाली ड्रग तस्करी पर भी विशेष फोकस रखा है। गोल्डन क्रिसेंट और गोल्डन ट्रायंगल जैसे अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी क्षेत्रों से आने वाले नेटवर्क पर निगरानी बढ़ाने, सीमा सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय मजबूत करने तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने की भी योजना बनाई गई है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल ड्रग्स जब्त करना नहीं, बल्कि पूरे नार्कोटिक्स इकोसिस्टम को समाप्त करना है। उन्होंने सभी राज्यों से इस राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि नशामुक्त भारत केवल कानून लागू करने से नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक भागीदारी से ही संभव होगा।
विजन डॉक्यूमेंट 2026-2029 को सरकार की अब तक की सबसे व्यापक राष्ट्रीय ड्रग नियंत्रण रणनीति माना जा रहा है। आने वाले वर्षों में इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि केंद्र और राज्य सरकारें, सुरक्षा एजेंसियां तथा समाज मिलकर इस चुनौती से किस तरह मुकाबला करते हैं।




