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‘हिंद महासागर अवसरों का महासागर बने’: सेशेल्स से पीएम मोदी का बड़ा संदेश, मिला सर्वोच्च नागरिक सम्मान

विदेश | ABC NATIONAL NEWS | विक्टोरिया (सेशेल्स) | 28 जून 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने तीन दिवसीय सेशेल्स दौरे के दौरान हिंद महासागर क्षेत्र को लेकर भारत की दीर्घकालिक रणनीतिक सोच स्पष्ट करते हुए कहा कि भारत की परिकल्पना एक ऐसे हिंद महासागर की है, जहां समुद्री सुरक्षा, आर्थिक समृद्धि और आपसी विश्वास साथ-साथ आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि भारत का लक्ष्य हिंद महासागर को “Ocean of Opportunity” यानी अवसरों का महासागर बनाना है, जहां साझेदारी किसी देश के आकार से नहीं, बल्कि परस्पर सम्मान, विश्वास और साझा हितों के आधार पर तय हो।

सेशेल्स की राजधानी विक्टोरिया में राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और सेशेल्स के संबंध केवल कूटनीतिक नहीं, बल्कि ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और समुद्री साझेदारी पर आधारित हैं। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग के सभी प्रमुख क्षेत्रों की समीक्षा की और समुद्री सुरक्षा, ब्लू इकोनॉमी, जलवायु परिवर्तन, विकास साझेदारी, व्यापार, क्षमता निर्माण तथा हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की। दोनों देशों ने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।

इस अवसर पर सेशेल्स सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के क्षेत्र में योगदान के लिए देश के सर्वोच्च नेतृत्व सम्मान “Guardian of the Blue Horizon” से सम्मानित किया। यह सम्मान सेशेल्स द्वारा किसी विदेशी नेता को दिए जाने वाले सर्वोच्च सम्मानों में शामिल माना जाता है। सम्मान स्वीकार करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने इसे भारत के 140 करोड़ नागरिकों के प्रति सम्मान बताया और कहा कि भारत तथा सेशेल्स मिलकर समुद्री संसाधनों के संरक्षण और सतत विकास के लिए आगे भी साझेदारी मजबूत करेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि हिंद महासागर केवल व्यापारिक मार्ग नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आजीविका, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और क्षेत्रीय स्थिरता का आधार है। उन्होंने कहा कि भारत “सुरक्षा और विकास सबके लिए” (SAGAR) की अपनी नीति के तहत समुद्री सहयोग को लगातार मजबूत कर रहा है। उनका कहना था कि समुद्री सुरक्षा, मानवीय सहायता, आपदा राहत, जलवायु परिवर्तन से मुकाबला और ब्लू इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में भारत छोटे द्वीपीय देशों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।

प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण सहयोग प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। भारत ने सेशेल्स के साथ क्षमता निर्माण, डिजिटल सहयोग, स्वास्थ्य, शिक्षा, समुद्री निगरानी, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। विश्लेषकों का मानना है कि हिंद महासागर क्षेत्र में चीन की बढ़ती सक्रियता के बीच सेशेल्स जैसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण द्वीपीय देशों के साथ भारत की साझेदारी नई भू-राजनीतिक अहमियत रखती है।

प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब हिंद महासागर क्षेत्र वैश्विक शक्ति संतुलन, समुद्री व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और सामरिक प्रतिस्पर्धा का प्रमुख केंद्र बन चुका है। ऐसे में भारत द्वारा “Ocean of Opportunity” का संदेश केवल विकास का विजन नहीं, बल्कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपनी रणनीतिक भूमिका को और मजबूत करने का संकेत भी माना जा रहा है।

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