अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | वॉशिंगटन/नई दिल्ली | 6 नवंबर 2026
अमेरिका में डेमोक्रेट्स की चुनावी जीत के बाद वैश्विक वित्तीय बाजारों में बेचैनी बढ़ गई है। गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली। टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव रहा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े निवेश के भविष्य को लेकर निवेशकों की चिंताएं गहरा गईं।
अमेरिका के तीन प्रमुख शेयर सूचकांकों में तेज गिरावट दर्ज की गई। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 2.2 प्रतिशत गिरा, S&P 500 में 3.4 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि टेक कंपनियों पर केंद्रित नैस्डैक कंपोजिट 5.2 प्रतिशत टूट गया। सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में बिकवाली और भी तेज रही। फिलाडेल्फिया सेमीकंडक्टर इंडेक्स में 11 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई।
AI निवेश पर मंडराया राजनीतिक और कारोबारी जोखिम
बाजार में गिरावट की एक बड़ी वजह यह आशंका रही कि अमेरिकी कांग्रेस में डेमोक्रेट्स के नियंत्रण से AI इंफ्रास्ट्रक्चर में होने वाले भारी निवेश की रफ्तार प्रभावित हो सकती है। बीते वर्षों में अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में AI से जुड़े निवेश की बड़ी भूमिका रही है। डेटा सेंटर, चिप निर्माण और तकनीकी बुनियादी ढांचे पर कंपनियों ने भारी पूंजी लगाई है।
निवेशकों को आशंका है कि नई राजनीतिक परिस्थितियों में AI क्षेत्र से जुड़ी नीतियों और निवेश योजनाओं पर दबाव बढ़ सकता है। हालांकि, डेमोक्रेट्स की जीत से AI निवेश वास्तव में कितना प्रभावित होगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
क्वालकॉम के कमजोर नतीजों ने बढ़ाई बेचैनी
सेमीकंडक्टर क्षेत्र की दिग्गज कंपनी क्वालकॉम के कमजोर वित्तीय नतीजों ने भी बाजार की चिंता बढ़ाई। AI कारोबार की संभावनाओं को लेकर पहले से सतर्क निवेशकों ने टेक शेयरों में मुनाफावसूली और जोखिम कम करने की रणनीति अपनाई।
टेक्नोलॉजी शेयरों में गिरावट का असर पूरे S&P 500 पर पड़ा। नैस्डैक अपने रिकॉर्ड बंद स्तर से गिरकर सुधार क्षेत्र (Correction) में प्रवेश करने की स्थिति में पहुंच गया।
अमेरिकी बाजार की गिरावट का वैश्विक असर
अमेरिकी शेयर बाजार दुनिया के निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण संकेतक माना जाता है। वहां टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर कंपनियों में तेज गिरावट का असर दूसरे बाजारों और निवेश धारणा पर भी पड़ सकता है। खासकर उन कंपनियों पर दबाव बढ़ सकता है जिनका कारोबार AI, चिप निर्माण और डेटा सेंटर के विस्तार से जुड़ा है।
फिलहाल बाजार की गिरावट के पीछे केवल चुनावी नतीजे नहीं, बल्कि क्वालकॉम के कमजोर नतीजे और AI निवेश को लेकर अनिश्चितता भी प्रमुख कारण हैं। आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि नई अमेरिकी कांग्रेस की नीतियां तकनीकी निवेश और उद्योग के विस्तार को किस दिशा में ले जाती हैं।
बाजार का संदेश साफ है—AI में अंधाधुंध निवेश की उम्मीदों के बीच अब राजनीतिक अनिश्चितता और कंपनियों के वास्तविक नतीजों की परीक्षा शुरू हो गई है।



