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अग्निवीर योजना पर कांग्रेस का मोदी सरकार से सवाल—बदलाव करना था तो योजना लाई ही क्यों?

राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 7 नवंबर 2026

अग्निवीर योजना को लेकर कांग्रेस ने मोदी सरकार के खिलाफ अपना अभियान तेज कर दिया है। कांग्रेस के पूर्व सैनिक विभाग ने योजना को देश की सुरक्षा और युवाओं के भविष्य के लिए नुकसानदेह बताते हुए इसे पूरी तरह रद्द करने तथा सेना में नियमित सैनिकों की भर्ती दोबारा शुरू करने की मांग की है। कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी लगातार इस मुद्दे को उठाते रहे हैं और उनके नेतृत्व में पार्टी के विरोध तथा दबाव के चलते सरकार को अग्निवीर योजना में बदलाव करना पड़ा है।

कांग्रेस के पूर्व सैनिक विभाग के नेताओं ने सवाल उठाया कि यदि चार साल की सेवा व्यवस्था में बदलाव की जरूरत थी तो मोदी सरकार ने शुरुआत में ही इस योजना को सेना पर क्यों थोपा? अब पहले बैच के अग्निवीरों की चार साल की सेवा पूरी होने से पहले ही सरकार ने दो साल का अतिरिक्त सेवा अवसर देने का फैसला किया है। कांग्रेस का कहना है कि यह बदलाव योजना की बुनियादी खामियों का समाधान नहीं है। उसकी मांग है कि अग्निपथ योजना समाप्त कर नियमित सैनिकों की भर्ती बहाल की जाए।

दो साल का विस्तार, लेकिन स्थायी सेवा की गारंटी नहीं

4 नवंबर को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अग्निवीरों की सेवा अवधि में बदलाव को मंजूरी दी थी। इसके तहत चार साल की सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त सेवा अवसर दिया जाएगा। इस अवधि के बाद नियमित सैन्य सेवा में शामिल होने के इच्छुक अग्निवीरों का चयन निर्धारित मानदंडों के आधार पर किया जाएगा।

CDS जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि ने बताया था कि शुरुआती चार साल के प्रदर्शन का आकलन सकारात्मक रहा है। पहले जहां 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित सेवा में शामिल करने का प्रावधान था, वहीं अब बाकी 75 प्रतिशत को भी दो साल का अतिरिक्त सेवा अवसर मिलेगा। हालांकि, छह साल बाद नियमित सेवा में चयन की गारंटी सभी के लिए नहीं है। India News +1

कांग्रेस के पूर्व सैनिक विभाग का सवाल है कि जब CDS खुद अग्निवीरों के प्रदर्शन को सकारात्मक बता रहे हैं तो फिर सभी जवानों को नियमित सैनिक क्यों नहीं बनाया जा सकता? दो साल और सेवा लेने के बाद भी चयन की शर्तें क्यों रखी जा रही हैं?

पंजाब के पूर्व सैनिकों ने उठाए सवाल

चंडीगढ़ एक्स-सर्विसमैन विभाग के चेयरमैन और पंजाब में दोआबा प्रभारी लेफ्टिनेंट कर्नल नवजोत सिंह थिंड ने कहा कि अग्निवीर योजना लाकर सेना के साथ अनावश्यक छेड़छाड़ की गई। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर योजना में कोई कमी नहीं थी तो सरकार को अब इसमें बदलाव करने की जरूरत क्यों पड़ी?

थिंड ने कहा कि राहुल गांधी लगातार अग्निवीर योजना के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं और उनके दबाव के चलते मोदी सरकार को अपने फैसले में बदलाव करना पड़ा। उन्होंने कहा कि बीजेपी को पंजाब के चुनाव में इस योजना का राजनीतिक खामियाजा भुगतना पड़ेगा। कांग्रेस देश के युवाओं के लिए अपनी आवाज उठाती रहेगी और अग्निवीर योजना रद्द कराने की लड़ाई जारी रखेगी।

उत्तराखंड में सेना की नौकरी परिवारों की परंपरा

उत्तराखंड एक्स-सर्विसमैन विभाग के चेयरमैन कर्नल राम रतन नेगी ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि के साथ वीरों की भूमि भी है। यहां सेना में नौकरी करना केवल रोजगार का साधन नहीं, बल्कि अनेक परिवारों की पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा है। परिवार अपने बच्चों को सेना में भेजकर राष्ट्रसेवा के लिए तैयार करते रहे हैं।

नेगी ने कहा कि अग्निवीर योजना ने इस परंपरा को प्रभावित किया है। उनके मुताबिक उत्तराखंड के युवाओं से लेकर सभी आयु वर्ग के लोगों में इस योजना को लेकर नाराजगी है और वे इसे रद्द करवाना चाहते हैं।

सेना की ट्रेनिंग व्यवस्था प्रभावित होने का दावा

पश्चिमी उत्तर प्रदेश एक्स-सर्विसमैन विभाग के वाइस चेयरमैन कर्नल सिधिर कुमार ने कहा कि अग्निवीर योजना ने सेना की प्रशिक्षण व्यवस्था को भी प्रभावित किया है। उनके मुताबिक चार साल की सीमित अवधि में जवानों को पर्याप्त प्रशिक्षण देना और उन्हें अलग-अलग कैडर के लिए तैयार करना मुश्किल हो रहा है।

उन्होंने विशेष रूप से तकनीकी हथियारों से जुड़े प्रशिक्षण का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे कामों के लिए नियमित प्रशिक्षण और लंबे समय तक अनुभव की जरूरत होती है। उन्होंने पाकिस्तान और चीन की सेनाओं में ऐसी व्यवस्था नहीं होने का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि भारत को इस तरह की योजना लागू करने की जरूरत क्यों पड़ी?

कर्नल सिधिर कुमार ने कहा कि दो साल का विस्तार केवल अस्थायी राहत है। उनकी मांग है कि अग्निवीर योजना समाप्त कर नियमित सैनिकों की भर्ती शुरू की जाए।

कांग्रेस के पूर्व सैनिक विभाग की छह प्रमुख मांगें

कांग्रेस के पूर्व सैनिक विभाग के चेयरमैन कर्नल रोहित चौधरी ने अग्निवीरों के अधिकारों और सुविधाओं को लेकर सरकार के सामने कई मांगें रखीं।

1\. जिन 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित सेवा में शामिल किया जा रहा है, उन्हें भर्ती के शुरुआती दिन से नियमित सैनिकों के सभी सेवा लाभ दिए जाएं।

2\. अग्निवीरों को भी नियमित सैनिकों की तरह 90 दिन की छुट्टी मिले।

3\. अग्निवीरों को शादी करने की अनुमति दी जाए। कांग्रेस के पूर्व सैनिक विभाग ने इसे उनका मौलिक अधिकार बताया।

4\. मेडिकल बोर्ड द्वारा सेवा से बाहर किए गए अग्निवीरों को दोबारा सेवा में शामिल करने यानी री-मस्टर करने की व्यवस्था की जाए।

5\. शहीद अग्निवीरों के परिवारों को नियमित सैनिकों के परिवारों की तरह सभी लाभ और आजीवन पेंशन दी जाए।

6\. अग्निवीरों और नियमित सैनिकों के वेतन तथा सुविधाओं में अंतर का पूरा हिसाब सार्वजनिक किया जाए।

कर्नल रोहित चौधरी ने कहा कि अग्निवीरों को नियमित सैनिकों की तुलना में मिलने वाले वेतन और सुविधाओं को लेकर गंभीर सवाल हैं। उन्होंने सरकार से पूछा कि बाकी सुविधाओं के लिए निर्धारित धनराशि का हिसाब देश को क्यों नहीं दिया जा रहा है।

40 से अधिक अग्निवीरों की आत्महत्या का दावा

कर्नल रोहित चौधरी ने दावा किया कि अग्निवीर योजना की सेवा शर्तों, भेदभाव और भविष्य की अनिश्चितता के चलते 40 से अधिक अग्निवीर आत्महत्या कर चुके हैं। उन्होंने इसे बेहद दुखद बताते हुए कहा कि अपने सैन्य सेवाकाल में उन्होंने ऐसे मामलों की इतनी बड़ी संख्या नहीं देखी थी।

उन्होंने कहा कि पहले बैच के अग्निवीरों की चार साल की सेवा पूरी होने का समय नजदीक आने के बाद सरकार ने दो साल के विस्तार का फैसला किया है। लेकिन सवाल अब भी वही है कि केवल दो साल का विस्तार क्यों, सभी अग्निवीरों को स्थायी सैनिक क्यों नहीं बनाया जा सकता?

कर्नल चौधरी ने आरोप लगाया कि सरकार ने आगामी चुनावों को देखते हुए यह बदलाव किया है। कांग्रेस के पूर्व सैनिक विभाग का कहना है कि यह फैसला युवाओं और पूर्व सैनिकों की चिंताओं का स्थायी समाधान नहीं है।

‘जय जवान-पार्ट 2’ का ऐलान

कांग्रेस के पूर्व सैनिक विभाग ने अग्निवीर योजना के खिलाफ ‘जय जवान-पार्ट 2’ अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। कर्नल रोहित चौधरी ने कहा कि यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक अग्निपथ योजना समाप्त नहीं होती और सेना में नियमित सैनिकों की भर्ती दोबारा शुरू नहीं की जाती।

कांग्रेस के पूर्व सैनिक विभाग के अध्यक्ष ने यह भी कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी पहले से ही देशभर में ‘जय जवान’ अभियान चलाकर अग्निवीर योजना का विरोध करती रही है। कांग्रेस का दावा है कि इस योजना के कारण सेना में दो लाख से अधिक जवानों की कमी हुई और सेना तथा वायुसेना में भर्ती होकर ज्वाइनिंग का इंतजार कर रहे करीब डेढ़ लाख युवाओं का सपना टूट गया। ये आंकड़े कांग्रेस के नेताओं की ओर से पेश किए गए हैं। Rediff +1

मोदी सरकार से कांग्रेस के सीधे सवाल

कांग्रेस का कहना है कि सेना में भर्ती केवल चार साल के रोजगार का मामला नहीं है। यह जवानों के भविष्य, उनके परिवारों की आर्थिक सुरक्षा, प्रशिक्षण की निरंतरता और देश की रक्षा व्यवस्था से जुड़ा विषय है।

पार्टी ने सवाल उठाया है कि यदि अग्निवीरों का प्रदर्शन अच्छा है तो उनमें से केवल एक हिस्से को ही नियमित सेवा में रखने की व्यवस्था क्यों है? दो साल का विस्तार देने के बाद भी बाकी जवानों का भविष्य अनिश्चित क्यों रहेगा?

कांग्रेस की मांग स्पष्ट है—अग्निवीर योजना रद्द हो, नियमित सैनिकों की भर्ती शुरू की जाए और अग्निवीरों को भी नियमित सैनिकों के समान अधिकार, सुविधाएं तथा शहीद होने पर उनके परिवारों को समान सम्मान और आर्थिक सुरक्षा मिले। ‘जय जवान-पार्ट 2’ के जरिए पार्टी ने इस मुद्दे पर अपना आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है।

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