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वायनाड टनल परियोजना में मलबा धंसा: 3 की मौत, 5 लापता; मंत्री बोले- यह प्राकृतिक नहीं, मानवजनित हादसा

राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | वायनाड | 7 जुलाई 2026

केरल के वायनाड जिले में निर्माणाधीन अनक्कमपोयिल – कल्लाडी – मेप्पडी टनल (AKMT) रोड परियोजना में मंगलवार को भारी बारिश के बीच बड़ा हादसा हो गया। टनल के प्रवेश द्वार के पास अचानक भारी मात्रा में मलबा और मिट्टी धंसने से कम से कम 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि 5 लोग अब भी लापता हैं। राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है।

हादसा कल्लाडी स्थित मीनाक्षी ब्रिज के पास हुआ, जहां टनल परियोजना के श्रमिकों के अस्थायी शिविर बने हुए थे। अधिकारियों के अनुसार कुल 18 लोग हादसे की चपेट में आए, जिनमें से 10 लोगों को सुरक्षित निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनमें मजदूर, सुरक्षा कर्मी और परियोजना से जुड़े अधिकारी शामिल हैं।

घटना के बाद एनडीआरएफ, राज्य आपदा प्रबंधन बल, पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने संयुक्त बचाव अभियान शुरू किया। हालांकि लगातार तेज बारिश, दलदली मिट्टी और खराब मौसम के कारण राहत कार्य में भारी मुश्किलें आ रही हैं।

इस बीच केरल के कृषि मंत्री टी. सिद्दीक ने इस हादसे को “प्राकृतिक नहीं बल्कि मानवजनित (Man-made) आपदा” बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य के दौरान निकाली गई मिट्टी को वैज्ञानिक तरीके से हटाने के बजाय एक जगह जमा कर दिया गया था। भारी बारिश के बाद यही मिट्टी ढह गई और हादसे का कारण बनी।

मंत्री ने दावा किया कि जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण पहले ही ठेकेदारों को जमा मिट्टी हटाने के निर्देश दे चुके थे, लेकिन उन चेतावनियों की अनदेखी की गई। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते निर्देशों का पालन किया जाता तो यह दुर्घटना टाली जा सकती थी।

मुख्यमंत्री ने भी घटना के बाद आपात बैठक बुलाई और दो मंत्रियों को तत्काल वायनाड भेजकर राहत कार्यों की निगरानी के निर्देश दिए। विपक्ष के नेताओं ने भी मृतकों के प्रति शोक व्यक्त करते हुए फंसे लोगों को जल्द निकालने की अपील की है।

यह टनल परियोजना कोझिकोड और वायनाड को जोड़ने वाली लगभग 8.73 किलोमीटर लंबी महत्वाकांक्षी सड़क परियोजना है। पर्यावरण मंत्रालय ने इस परियोजना को मंजूरी देते समय 24 कड़ी पर्यावरणीय शर्तें लगाई थीं, जिनमें वन संरक्षण और पर्यावरणीय सुरक्षा के विशेष प्रावधान शामिल थे।

उधर, पर्यावरण विशेषज्ञों ने इस हादसे के बाद संवेदनशील पर्वतीय क्षेत्रों में बड़े बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पश्चिमी घाट जैसे पारिस्थितिक रूप से नाजुक क्षेत्रों में निर्माण कार्य के दौरान वैज्ञानिक मानकों का सख्ती से पालन होना चाहिए।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने वायनाड और कोझिकोड जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है और अगले 24 घंटों में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और संवेदनशील इलाकों से दूर रहने की अपील की है।

राहत और बचाव अभियान जारी है तथा प्रशासन लापता लोगों की तलाश में जुटा हुआ है। हादसे के वास्तविक कारणों की जांच भी शुरू कर दी गई है।

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