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“मुस्लिम मुद्दों” पर कांग्रेस में अंदरूनी सवाल, राशिद अल्वी ने अपनी ही पार्टी को घेरा

राजनीति | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 24 मई 2026

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा मुस्लिम नेताओं से “मुस्लिम मुद्दों पर खुलकर आवाज उठाने” की अपील के बाद अब कांग्रेस के भीतर ही सवाल उठने लगे हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राशिद अल्वी ने पार्टी नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि सिर्फ बयान देने से काम नहीं चलेगा, बल्कि यह भी देखना होगा कि पार्टी अपने वरिष्ठ मुस्लिम नेताओं और जमीनी मुद्दों को कितना महत्व दे रही है।

राशिद अल्वी ने कहा कि राहुल गांधी की बात सही हो सकती है, लेकिन उन्हें यह भी पूछना चाहिए था कि अल्पसंख्यक सलाहकार बैठकों में वरिष्ठ मुस्लिम नेताओं को क्यों नहीं बुलाया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इन बैठकों में भोजशाला विवाद, नेपाल सीमा पर मस्जिदों और मदरसों पर कार्रवाई, या कर्नाटक में कथित तौर पर मुस्लिम बस्तियों पर हुई कार्रवाई जैसे मुद्दों पर कोई चर्चा हुई?

कांग्रेस नेता ने कर्नाटक की घटना का भी जिक्र करते हुए कहा कि फकीर कॉलोनी में सैकड़ों मुस्लिम परिवारों के घर तोड़े गए, लेकिन पार्टी ने इस पर खुलकर चर्चा नहीं की। अल्वी ने कहा कि अगर मुसलमानों के मुद्दों पर बात करनी है, तो सिर्फ प्रतीकात्मक राजनीति नहीं, बल्कि वास्तविक समस्याओं पर भी गंभीरता से आवाज उठानी होगी।

दरअसल, राहुल गांधी ने कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग की बैठक में कहा था कि अगर किसी मुसलमान के साथ अन्याय होता है, तो उसे सिर्फ “अल्पसंख्यक” के रूप में नहीं बल्कि “मुसलमान” के तौर पर अपनी बात रखनी चाहिए। बीजेपी ने इस बयान पर कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया था। अब उसी बयान को लेकर पार्टी के भीतर से भी सवाल उठने लगे हैं।

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राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह बयान और उसके बाद की प्रतिक्रियाएं कांग्रेस के भीतर अल्पसंख्यक राजनीति की दिशा को लेकर चल रही असहजता को सामने ला रही हैं। एक तरफ पार्टी खुद को सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों की आवाज बताना चाहती है, वहीं दूसरी ओर उसके भीतर ही यह बहस तेज हो रही है कि क्या जमीनी मुद्दों पर पर्याप्त स्पष्टता और गंभीरता दिखाई जा रही है।

सोशल मीडिया पर भी इस विवाद को लेकर बहस तेज है। कुछ लोग राशिद अल्वी के बयान को “आत्ममंथन” बता रहे हैं, जबकि दूसरे इसे कांग्रेस के भीतर बढ़ती वैचारिक असहमति का संकेत मान रहे हैं।

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