राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 30 जुलाई 2026
जंतर-मंतर छात्र आंदोलन के दौरान लगे कथित आपत्तिजनक नारों को लेकर उठे विवाद के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा है कि यदि किसी व्यक्ति को किसी प्रदर्शनकारी की भाषा से आपत्ति है तो वह संबंधित व्यक्ति के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज करा सकता है, लेकिन केवल आपत्तिजनक भाषा के आधार पर आपराधिक कार्रवाई उचित नहीं है।
सौरव दास ने कहा कि संगठन किसी भी अभद्र भाषा का समर्थन नहीं करता, लेकिन आपराधिक न्याय प्रणाली का इस्तेमाल प्रदर्शनकारियों के खिलाफ करना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। उन्होंने कहा कि पुलिस को अपनी शक्तियों का राजनीतिक उद्देश्य से इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
उन्होंने युवा प्रदर्शनकारियों से भी अपील की कि वे विरोध-प्रदर्शन के दौरान भाषा की मर्यादा बनाए रखें और किसी के प्रति अपमानजनक टिप्पणी से बचें।
दिल्ली सरकार द्वारा CJP प्रदर्शनकारियों से जुड़े मामलों में आगे कानूनी कार्रवाई नहीं करने के आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए दास ने कहा कि सरकार को केवल मामलों को “बंद” बताने के बजाय स्पष्ट रूप से एफआईआर वापस लेने की घोषणा करनी चाहिए थी। उनका आरोप था कि सरकार इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की गलत व्याख्या कर रही है।
सौरव दास ने यह भी कहा कि 25 जुलाई को जंतर-मंतर समझौते के तहत सरकार ने जो आश्वासन दिए थे, उन्हें पूरी निष्ठा के साथ लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि वादे पूरे नहीं किए गए तो देश का युवा फिर सड़कों पर उतरने को मजबूर होगा।




