राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 31 जुलाई 2026
जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में एक महिला के खिलाफ दर्ज एफआईआर को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत डिपके ने सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि आपत्तिजनक भाषा के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है, तो ऐसे मामलों में सभी के लिए समान मानदंड अपनाए जाने चाहिए।
डिपके ने एक वीडियो संदेश में कहा कि भाजपा नेताओं और भाजपा आईटी सेल के कुछ सदस्यों पर भी अतीत में अभद्र भाषा के आरोप लगते रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि यदि ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज की जा रही है, तो अन्य मामलों में भी समान रूप से कार्रवाई क्यों नहीं की जाती।
उन्होंने दावा किया कि केवल अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल अपने आप में आपराधिक अपराध नहीं है और इस प्रकार के मामलों में कानून का समान रूप से पालन होना चाहिए। डिपके ने यह भी आरोप लगाया कि कानून के लागू होने में दोहरे मानदंड अपनाए जा रहे हैं।
इस बीच, CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने भी महिला के खिलाफ दर्ज एफआईआर का विरोध करते हुए इसे आपराधिक न्याय व्यवस्था के दुरुपयोग का मामला बताया। वहीं पार्टी के एक अन्य प्रवक्ता आशुतोष रांका ने भी सोशल मीडिया पर समान मामलों में एक जैसी कानूनी कार्रवाई की मांग की।
गौरतलब है कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर 23 जुलाई को हुए प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी का वीडियो सामने आने के बाद शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसके आधार पर पुलिस ने पहले नोएडा में जीरो एफआईआर दर्ज की, जिसे बाद में अधिकार क्षेत्र के अनुसार नई दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाना स्थानांतरित कर दिया गया। मामले की जांच जारी है।




