
प्रचार बनाम सच्चाई: ‘धुरंधर’ फ़िल्म, कंधार कांड और जवाबदेही से भागती विचारधारा
एबीसी डेस्क 20 दिसंबर 2025 आज के The Hindu में प्रकाशित लेख ‘How Dhurandhar is a prime example of government-embedded filmmaking’ कोई साधारण फ़िल्म रिव्यू

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प्रो. शिवाजी सरकार, अर्थशास्त्री नीति और पर्यावरण के नाम पर जो कुछ दिल्ली – एनसीआर में हो रहा है, वह आम आदमी के लिए किसी

एबीसी डेस्क 19 दिसंबर 2025 कांग्रेस अगर पार्टी के अंदर अनुशासन मजबूत कर ले, तो उसके फिर से खड़े होने में ज्यादा समय नहीं लगेगा।

आलोक कुमार | नई दिल्ली 18 दिसंबर 2025 राजनीति में समय के साथ बहुत कुछ बदलता है, लेकिन कभी-कभी बदलाव इतने तेज़ और इतने साफ़

एबीसी डेस्क | 18 दिसंबर 2025 काग़ज़ पर नाम बदला है, शब्द बदले हैं, आंकड़े सजाए गए हैं—लेकिन असलियत वही पुरानी है: गरीब से उसका

एबीसी डेस्क 18 दिसंबर 2025 राहुल गाँधी से “अंधभक्तों” को शिकायतें हैं—इतनी गहरी, इतनी निजी, मानो उनका पासवर्ड बदल दिया गया हो। शिकायतें भी कैसी-कैसी!

एबीसी डेस्क | 17 दिसंबर 2025 नेहरू पेपर्स को लेकर उठा मौजूदा विवाद दरअसल काग़ज़ों का नहीं, बल्कि राजनीतिक ईमानदारी और नैरेटिव कंट्रोल का है।

कांग्रेस ने देश को क्या दिया? — यह सवाल अक्सर राजनीतिक बहसों में उछाला जाता है। लेकिन इसका जवाब नारेबाज़ी में नहीं, तथ्यों और वैश्विक

एबीसी डेस्क 17 दिसंबर 2025 भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में कुछ तथ्य इतने ठोस और असहज हैं कि उन पर बहस नहीं, बल्कि

एबीसी डेस्क | 17 दिसंबर 2025 भारतीय जनता पार्टी में “ज्ञान” कोई साधारण अवधारणा नहीं, एक चलायमान दर्शन है—जो समय, तर्क और तथ्यों की सीमाओं