खेल | ABC NATIONAL NEWS | नागोया, जापान | 29 सितंबर 2026
नागोया: एशियन गेम्स 2026 के 11वें दिन भारत के खिलाड़ियों ने पदकों की झड़ी लगा दी। शूटिंग में नीरू धांडा ने महिलाओं की ट्रैप व्यक्तिगत स्पर्धा में ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीतकर नया एशियाई रिकॉर्ड बनाया, वहीं एथलेटिक्स में भारतीय महिला 4×400 मीटर रिले टीम ने भी गोल्ड पर कब्जा कर देश का गौरव बढ़ाया। बॉक्सिंग में परवीन हुड्डा और अंकुश पंघाल ने फाइनल में जगह बनाकर स्वर्ण पदक की उम्मीदें कायम रखीं। गुलवीर सिंह ने 5000 मीटर में कांस्य पदक जीतकर एक एशियन गेम्स में तीन पदक जीतने वाले दूसरे भारतीय ट्रैक एंड फील्ड खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया।
सबसे बड़ी खबर शूटिंग रेंज से आई, जहां हरियाणा की 26 वर्षीय नीरू धांडा ने इतिहास रच दिया। नीरू महिलाओं की ट्रैप व्यक्तिगत स्पर्धा में एशियन गेम्स का स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय निशानेबाज बन गईं। उन्होंने फाइनल में 30 में से 28 अंक हासिल किए और पिछले एशियाई रिकॉर्ड 24 को पीछे छोड़ दिया। यह भारतीय शूटिंग के लिए इसलिए भी खास उपलब्धि है क्योंकि महिलाओं की ट्रैप या स्कीट व्यक्तिगत स्पर्धा में भारत ने इससे पहले एशियन गेम्स में स्वर्ण नहीं जीता था। नीरू इससे पहले महिलाओं की ट्रैप टीम स्पर्धा में आशिमा अहलावत और मनिषा कीर के साथ भारत को रजत पदक भी दिला चुकी हैं।
नीरू की उपलब्धि के साथ भारत की शूटिंग टीम का शानदार प्रदर्शन जारी रहा। महिला ट्रैप टीम स्पर्धा में भारत ने 328 अंक के साथ रजत पदक जीता था, जबकि चीन ने 346 अंक के साथ स्वर्ण अपने नाम किया। नीरू ने व्यक्तिगत स्पर्धा में उसी दबाव को पीछे छोड़ते हुए गोल्ड हासिल किया और भारत के पदक अभियान को नई रफ्तार दी।
एथलेटिक्स ट्रैक पर भी भारत के लिए बड़ा दिन रहा। महिला 4×400 मीटर रिले टीम ने स्वर्ण पदक जीतकर भारत के खाते में एक और गोल्ड जोड़ा। इससे पहले विथ्या रामराज ने 400 मीटर बाधा दौड़ में कांस्य पदक जीतते हुए पी.टी. उषा का 42 साल पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा था। विथ्या ने 54.75 सेकंड का समय निकाला था। अब रिले टीम की सफलता ने भारतीय एथलेटिक्स के लिए दिन को और खास बना दिया।
गुलवीर सिंह ने भी इतिहास रचा। पुरुषों की 5000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतकर गुलवीर एक ही एशियन गेम्स में तीन पदक जीतने वाले भारत के केवल दूसरे ट्रैक एंड फील्ड खिलाड़ी बन गए। इससे पहले वह 1500 मीटर और 10,000 मीटर में पदक जीत चुके हैं। उनके इस प्रदर्शन ने एथलेटिक्स में भारत की पदक तालिका को और मजबूत किया।
बॉक्सिंग में भी भारत का प्रदर्शन शानदार रहा। परवीन हुड्डा ने महिलाओं के 65 किलोग्राम वर्ग में चीन की ली शू को 5-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। इसके बाद अंकुश पंघाल ने पुरुषों के 80 किलोग्राम सेमीफाइनल में उज्बेकिस्तान के विश्व चैंपियन फजलिद्दीन एर्किनबोएव को 4-1 से हराकर स्वर्ण पदक मुकाबले में प्रवेश किया। अंकुश ने शुरुआती राउंड में पिछड़ने के बाद जोरदार वापसी की और निर्णायक तीसरे राउंड में 5-0 से जीत दर्ज की। अब दोनों भारतीय मुक्केबाज स्वर्ण के लिए रिंग में उतरेंगे।
हालांकि पुरुषों के +90 किलोग्राम वर्ग में नरेंदर बरवाल को सेमीफाइनल में कजाकिस्तान के विश्व चैंपियन ऐबेक ओरलबाय से 0-5 से हार मिली। उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। इसके बावजूद उनके पदक ने भारत के बॉक्सिंग अभियान को मजबूत किया है।
वॉलीबॉल में भी भारतीय पुरुष टीम ने शानदार वापसी की। दो सेट से पिछड़ने के बाद भारत ने कतर को 3-2 से हराया। मुकाबला करीब दो घंटे 47 मिनट चला। भारत ने 26-28, 25-27, 25-23, 25-20 और 24-22 के स्कोर से जीत दर्ज कर क्वार्टरफाइनल में जगह बनाई।
स्क्वैश में भारतीय महिला टीम ने ईरान को 3-0 से हराकर क्वार्टरफाइनल में प्रवेश किया। तन्वी खन्ना, अनाहत सिंह और जोशना चिनप्पा ने अपने-अपने मुकाबलों में जीत दर्ज की। टेनिस में अनिरुद्ध चंद्रशेखर और एन. श्रीराम बालाजी की जोड़ी ने नेपाल के अबिषेक बस्तौला और प्रदीप खड़का को 6-2, 6-1 से हराकर पुरुष युगल के क्वार्टरफाइनल में जगह बनाई।
तीरंदाजी में धीरज बोम्मदेवरा और नीरज चौहान ने पुरुष रिकर्व के क्वार्टरफाइनल में जगह बनाई। हालांकि ट्रैक साइक्लिंग में भारतीय टीमें पदक मुकाबलों तक नहीं पहुंच सकीं। सर्फिंग में किशोर कुमार अनबरासु का अभियान भी क्वार्टरफाइनल में फिलीपींस के टोबी एस्पेजोन से हार के बाद समाप्त हो गया।
दिन के इन नतीजों के बाद भारत का कुल पदक आंकड़ा 48—5 स्वर्ण, 21 रजत और 22 कांस्य तक पहुंच गया।
एशियन गेम्स के इस संस्करण में भारत के लिए 29 सितंबर का दिन खास तौर पर शूटिंग, एथलेटिक्स और बॉक्सिंग में यादगार रहा। नीरू धांडा का ऐतिहासिक स्वर्ण, महिला 4×400 रिले का गोल्ड, गुलवीर का कांस्य और बॉक्सिंग में दो फाइनलिस्ट—इन उपलब्धियों ने भारत के पदक अभियान को नई मजबूती दी है।



