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‘आर्थिक सुनामी’ की राहुल गांधी की चेतावनी के बीच बाजार में ₹17 लाख करोड़ स्वाहा, दो हफ्ते में विदेशी मुद्रा भंडार $20 अरब घटा

राष्ट्रीय/ व्यापार | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 29 सितंबर 2026

कांग्रेस ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर देश की अर्थव्यवस्था को लेकर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने कहा है कि लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने इसी साल 3 जून को देश में आने वाली “भयंकर आर्थिक सुनामी” को लेकर चेतावनी दी थी और अब उनके उस बयान का असर जमीन पर दिखाई दे रहा है। कांग्रेस ने शेयर बाजार में गिरावट, निवेशकों की संपत्ति में भारी कमी, विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट, रुपये की कमजोरी, बढ़ती महंगाई, सुस्त पड़ती आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के संकट को मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों का नतीजा बताया है।

कांग्रेस ने कहा कि राहुल गांधी ने समय रहते देश को आर्थिक संकट के संभावित खतरों से आगाह किया था, लेकिन केंद्र सरकार ने उनकी चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया। पार्टी के मुताबिक आज स्थिति यह है कि केवल एक महीने में शेयर बाजार में गिरावट के चलते निवेशकों की संपत्ति में करीब 17 लाख करोड़ रुपये की कमी आ चुकी है। कांग्रेस ने इसे देश की अर्थव्यवस्था और आम निवेशकों के लिए बड़ा झटका बताया है।

पार्टी ने विदेशी मुद्रा भंडार में आई गिरावट को भी गंभीर आर्थिक संकेत बताया। कांग्रेस के अनुसार, केवल दो सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार करीब 20 अरब डॉलर कम हो गया है। पार्टी का कहना है कि विदेशी मुद्रा भंडार में इतनी बड़ी गिरावट, रुपये पर बढ़ता दबाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता भारत की अर्थव्यवस्था के सामने मौजूद चुनौतियों को दिखाती है।

कांग्रेस ने रुपये की कमजोर होती स्थिति को लेकर भी केंद्र सरकार को घेरा है। पार्टी का कहना है कि डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत लगातार दबाव में है और इसका सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था के साथ-साथ आम लोगों की जेब पर पड़ता है। आयात महंगा होने से ईंधन, कच्चे माल और दूसरी जरूरी वस्तुओं की लागत बढ़ सकती है, जिसका असर महंगाई पर पड़ता है।

महंगाई को लेकर कांग्रेस ने कहा कि आम आदमी पहले से ही बढ़ती कीमतों का सामना कर रहा है। पार्टी का आरोप है कि सरकार आर्थिक मोर्चे पर स्थिति को नियंत्रित करने में नाकाम रही है। कांग्रेस के मुताबिक महंगाई, कमजोर रुपया और रोजगार के सीमित अवसरों का सबसे ज्यादा असर मध्यम वर्ग, गरीब परिवारों और युवाओं पर पड़ रहा है।

कांग्रेस ने मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर और छोटे कारोबारों की स्थिति पर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि देश में विनिर्माण क्षेत्र की रफ्तार सुस्त पड़ रही है और छोटे तथा मध्यम उद्योगों यानी MSME पर दबाव बढ़ रहा है। कांग्रेस के अनुसार कई छोटे कारोबार बंद होने की स्थिति में हैं और इसका सीधा असर रोजगार के अवसरों पर पड़ रहा है। पार्टी ने दावा किया कि रोजगार का संकट लगातार गंभीर होता जा रहा है और युवाओं के लिए पर्याप्त नौकरियां पैदा नहीं हो रही हैं।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार की आर्थिक नीतियों का असर शेयर बाजार से लेकर छोटे कारोबार और आम परिवारों तक दिखाई दे रहा है। पार्टी का कहना है कि बाजार में निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ है और आर्थिक गतिविधियों पर भी इसका असर पड़ रहा है। कांग्रेस ने इसे केवल शेयर बाजार की गिरावट का मामला नहीं, बल्कि आम भारतीयों की आय, रोजगार और भविष्य से जुड़ा आर्थिक संकट बताया है।

पार्टी ने राहुल गांधी के 3 जून के बयान को दोहराते हुए कहा कि उन्होंने सरकार को समय रहते चेताया था। कांग्रेस के मुताबिक यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उस समय नेता विपक्ष राहुल गांधी की बात को गंभीरता से लिया होता और जरूरी आर्थिक कदम उठाए होते, तो आज देश को इन परिस्थितियों का सामना नहीं करना पड़ता।

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आर्थिक नीतियों पर सीधा हमला करते हुए आरोप लगाया कि उनकी सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर दिया है। पार्टी का कहना है कि सरकार को अब राजनीतिक दावों के बजाय आर्थिक संकट से निपटने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

कांग्रेस ने कहा कि 17 लाख करोड़ रुपये की निवेशक संपत्ति का नुकसान, दो सप्ताह में करीब 20 अरब डॉलर विदेशी मुद्रा भंडार की कमी, कमजोर रुपया, महंगाई, रोजगार का संकट और MSME पर बढ़ता दबाव ऐसे संकेत हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। पार्टी के मुताबिक राहुल गांधी ने जिस आर्थिक खतरे की चेतावनी जून में दी थी, आज वही सवाल देश के सामने खड़ा है।

कांग्रेस ने केंद्र सरकार से आर्थिक स्थिति पर जवाब देने और आम लोगों, युवाओं, छोटे कारोबारियों तथा निवेशकों के हित में तत्काल कदम उठाने की मांग की है।

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