Home » Kerala » Page 3

Kerala

abcnationalnews

केरल में ‘वोट चोरी’ का बवाल: पहली बार लोकसभा जीतने वाली बीजेपी पर कांग्रेस-सीपीएम के गंभीर आरोप

तिरुवनंतपुरम, 13 अगस्त 2025  ऐतिहासिक जीत, लेकिन आरोपों से घिरी बीजेपी केरल की राजनीतिक जमीन पर इस बार एक बड़ा बदलाव देखने को मिला, जब बीजेपी ने राज्य के इतिहास में पहली बार लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज की। यह जीत जहां बीजेपी कार्यकर्ताओं के लिए ऐतिहासिक और जश्न का कारण बनी, वहीं विपक्षी दलों

केरल आयुर्वेद: तन, मन और आत्मा के विश्राम की राह

तिरुवनंतपुरम, केरल 12 अगस्त 2025 जब थकान केवल शरीर में नहीं, जीवन की गति में उतर आए — तब ज़रूरत होती है ऐसी यात्रा की, जो केवल बाहर नहीं, अंदर की ओर भी ले जाए। केरल का आयुर्वेद पर्यटन इसी भावना को साकार करता है। यहाँ इलाज केवल दवा नहीं, जीवनशैली का दर्शन है। 2025

केरल ब्लू इको टूरिज्म: समंदर में जीवन और जागरूकता की लहर

तिरुवनंतपुरम, केरल 10 अगस्त 2025 जब यात्रा केवल दृश्य अनुभव नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और जीवन के प्रति जिम्मेदारी की प्रेरणा बन जाए — तो उसे ही कहते हैं ब्लू इको टूरिज्म। केरल ने 2025 में इस अवधारणा को न केवल अपनाया, बल्कि इसे एक जन-आंदोलन और सतत पर्यटन की पहचान में बदल

केरल फ़ूड टूरिज्म: स्वाद और परंपरा की लज़ीज़ यात्रा

तिरुवनंतपुरम, केरल 11 अगस्त 2025 पर्यटन जब स्वाद से जुड़ता है, तो वह केवल पेट नहीं, संस्कृति और आत्मा की भूख भी मिटाता है। केरल में भोजन कोई व्यंजन मात्र नहीं — यह जीवनशैली, परंपरा और रिश्तों की अभिव्यक्ति है। केरल टूरिज्म ने 2025 में इस पहचान को निखारते हुए एक अभिनव पहल की —

केरल धर्म यात्रा: सबरीमला से मंजेश्वरम् तक आस्था का मार्ग

तिरुवनंतपुरम, केरल 9 अगस्त 2025 केरल का इंटरफेथ स्पिरिचुअल सर्किट — जब श्रद्धा बन जाती है साझा संस्कृति की संजीवनी…. केरल को अगर किसी एक शब्द में समझना हो, तो वह है — सह-अस्तित्व। यह भूमि न केवल हरियाली और जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि यहाँ की आध्यात्मिक विविधता और धार्मिक सहिष्णुता भी

केरल ग्रीन हाईवे: हरियाली भरा अनुभवों का सफर

तिरुवनंतपुरम से कासरगोड तक 8 अगस्त 2025 यात्रा केवल मंज़िल पाने का नाम नहीं है — वह रास्ते में रुकने, देखने, सीखने और महसूस करने का अवसर भी है। और अगर बात केरल की हो, तो यहाँ की सड़कें सिर्फ यातायात मार्ग नहीं, बल्कि चलती-फिरती जीवंत तस्वीरें हैं — हरियाली, संस्कृति, स्वाद और सुकून से

केरल की संस्कृति: लोककला, संगीत और परिधान में सजी यात्रा

तिरुवनंतपुरम, केरल 7 अगस्त 2025 अगर यात्रा केवल स्थल तक सीमित हो, तो वह सतही अनुभव बन जाती है। लेकिन जब यात्रा किसी राज्य की आत्मा से, उसकी लोक-धुनों से, उसकी रंग-बिरंगी पोशाकों से और उसकी जीवंत कलाओं से जुड़ती है — तब वह एक गहन, बहुआयामी सांस्कृतिक संवाद बन जाती है। केरल की यही

केरल के गाँव: ज़मीन से जुड़ी संवेदना और विकास की यात्रा

तिरुवनंतपुरम, केरल 6 अगस्त 2025 जब पूरी दुनिया पर्यटन को केवल लग्ज़री और दर्शनीय स्थलों की सीमाओं में बाँधने में लगी है, तब केरल ने एक नई दिशा दी है — एक ऐसा पर्यटन मॉडल जिसमें स्थानीय लोगों की भागीदारी, संस्कृति की रक्षा, और पर्यावरण की संवेदना का अनूठा समन्वय है। इसे नाम दिया गया

केरल के त्योहार: संस्कृति से सजी यात्राओं का उत्सव

तिरुवनंतपुरम, केरल 5 अगस्त 2025 भारत में यात्रा सिर्फ स्थल की खोज नहीं होती, वह संवेदनाओं, संस्कृति और समुदाय से मिलने का माध्यम भी होती है। और जब बात केरल की हो, तो यह प्रदेश अपने प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ एक और अमूल्य धरोहर समेटे हुए है — त्योहारों की समावेशी, जीवंत और सजीव परंपरा।

कोवलम-वर्कला: योग, सूर्य और समुद्र का संगम

तिरुवनंतपुरम, केरल 4 अगस्त 2025 जब भी कोई यात्री भारत में समुंदर के किनारे शांति, स्वास्थ्य और आत्मिक ऊर्जा की तलाश करता है — तो उसकी यात्रा अनायास ही कोवलम और वर्कला जैसे तटों की ओर बढ़ती है। इन दोनों स्थानों ने 2025 तक अपने पारंपरिक सौंदर्य को सहेजते हुए खुद को वेलनेस टूरिज़्म, योग