राष्ट्रीय / पश्चिम बंगाल | अरिंदम बनर्जी | ABC NATIONAL NEWS | 9 मई 2026
पश्चिम बंगाल की राजनीति में शनिवार को ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला, जब बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इसके साथ ही पहली बार पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की सरकार आधिकारिक रूप से सत्ता में आ गई और तृणमूल कांग्रेस के 15 साल लंबे शासन का अंत हो गया। कोलकाता के प्रतिष्ठित ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित भव्य समारोह में राज्यपाल आर. एन. रवि ने शुभेंदु अधिकारी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
शपथ ग्रहण समारोह को बीजेपी ने राजनीतिक परिवर्तन और “सोनार बांग्ला” के नए दौर की शुरुआत के रूप में पेश किया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, कई केंद्रीय मंत्री, एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। हजारों बीजेपी समर्थकों ने ब्रिगेड ग्राउंड पहुंचकर “जय श्रीराम” और “सोनार बांग्ला” के नारे लगाए। पूरा मैदान भगवा झंडों और बैनरों से रंगा नजर आया।
शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल में बीजेपी के पहले मुख्यमंत्री बने हैं। विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 294 सदस्यीय विधानसभा में 207 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया। यह जीत बीजेपी के लिए पूर्वी भारत में अब तक की सबसे बड़ी राजनीतिक सफलता मानी जा रही है। शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी को हराया, जबकि नंदीग्राम सीट भी अपने कब्जे में बरकरार रखी।
शपथ ग्रहण के तुरंत बाद बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने मंत्री पद की शपथ ली। इसके अलावा अग्निमित्रा पॉल, निशीथ प्रमाणिक, अशोक कीर्तनिया और क्षुदिराम टुडू सहित कई नेताओं को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में मंत्रिमंडल का और विस्तार किया जाएगा।
ब्रिगेड परेड ग्राउंड, जो कभी वाम दलों और बाद में तृणमूल कांग्रेस की विशाल रैलियों का गढ़ माना जाता था, वहीं बीजेपी सरकार का पहला शपथ ग्रहण होना अपने आप में बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। समारोह के दौरान बंगाल की सांस्कृतिक विरासत को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया। मंच पर दक्षिणेश्वर मंदिर, देवी दुर्गा और बंगाली संस्कृति से जुड़े प्रतीकों की झलक दिखाई दी। छऊ नृत्य और जनजातीय प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्सव में बदल दिया।
समारोह से पहले पूरे कोलकाता में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी को देखते हुए केंद्रीय बलों और कोलकाता पुलिस की बहुस्तरीय तैनाती की गई। शुभेंदु अधिकारी के आवास, ब्रिगेड ग्राउंड और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास के बाहर भी सुरक्षा बढ़ाई गई।
शपथ लेने से पहले शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि “आज पश्चिम बंगाल में ‘सोनार बांग्ला’ के युग की आधिकारिक शुरुआत हो रही है।” उन्होंने इसे दशकों के संघर्ष और बीजेपी के संस्थापक नेताओं के सपनों को साकार करने वाला क्षण बताया। बीजेपी नेताओं ने इसे “डबल इंजन सरकार” के जरिए विकास, शांति और निवेश के नए दौर की शुरुआत करार दिया है।
हालांकि विपक्ष इस बदलाव को लेकर सतर्क नजर आ रहा है। तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव परिणामों और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं, जबकि बीजेपी इसे जनता के जनादेश की जीत बता रही है। अब सबकी नजर नई सरकार के पहले फैसलों और प्रशासनिक बदलावों पर टिकी है, क्योंकि बंगाल की राजनीति में यह सत्ता परिवर्तन केवल सरकार बदलने तक सीमित नहीं बल्कि राज्य की राजनीतिक दिशा बदलने वाला ऐतिहासिक मोड़ माना जा रहा है।




