खेल | ABC NATIONAL NEWS | इस्लामाबाद | 15 सितंबर 2026
इंग्लैंड में 0-3 की हार के बाद PCB में फिर बदलाव की तैयारी
पाकिस्तान क्रिकेट टीम के लिए मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 0-3 की शर्मनाक हार, आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में नौवें स्थान पर खिसकने और टीम में लगातार हो रहे बदलावों के बाद अब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड यानी पीसीबी में एक और बड़ा फेरबदल होने की खबर सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी अब राष्ट्रीय चयन समिति में भी बड़े बदलाव करने की तैयारी में हैं और पूर्व टेस्ट क्रिकेटर आकिब जावेद को वरिष्ठ चयनकर्ता के पद से हटाया जा सकता है। यानी जिस चयन व्यवस्था के जरिए टीम को बदलने की कोशिश की गई थी, अब उसी व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
आकिब जावेद के फैसलों पर भी उठे सवाल
आकिब जावेद पाकिस्तान के टेस्ट टीम में हालिया बड़े बदलावों के पीछे प्रमुख भूमिका में रहे हैं। इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट में हार के बाद पाकिस्तान ने अचानक टीम में बड़ा फेरबदल किया। सात खिलाड़ियों और दो कोचों को वापस भेज दिया गया। मुख्य कोच सरफराज अहमद और गेंदबाजी कोच उमर गुल को भी टीम से अलग कर दिया गया। इस फैसले ने पाकिस्तान क्रिकेट में पहले से चल रही अस्थिरता को और बढ़ा दिया। अब रिपोर्टों के मुताबिक इन्हीं बदलावों के बाद आकिब जावेद खुद पद से हटाए जाने की स्थिति में हैं।
एक हार के बाद पूरी टीम बदलने की रणनीति कितनी सही?
पाकिस्तान क्रिकेट में पिछले कुछ समय से एक समस्या लगातार दिखाई दे रही है—हार के बाद तुरंत बड़े बदलाव। कभी कप्तान बदला जाता है, कभी कोच, कभी चयनकर्ता और कभी पूरी टीम का ढांचा। लेकिन अगर लगातार बदलाव ही समस्या का समाधान होता, तो पाकिस्तान क्रिकेट की स्थिति इतनी खराब नहीं होती। सवाल यही है कि क्या खिलाड़ियों को पर्याप्त समय और स्थिर माहौल मिल रहा है? क्या टीम को एक स्पष्ट योजना के तहत तैयार किया जा रहा है या हर हार के बाद जिम्मेदारी किसी नए व्यक्ति के सिर डाल दी जाती है?
वहाब रियाज पर भी गिर सकती है गाज
आकिब जावेद अकेले ऐसे बड़े नाम नहीं हैं जिन पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है। रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज वहाब रियाज भी अपनी जिम्मेदारी से हटाए जा सकते हैं। वह इस समय पाकिस्तान महिला क्रिकेट टीम के साथ मेंटर की भूमिका में हैं और जापान में होने वाले एशियाई खेलों के अभियान के बाद उन्हें भी इस पद से हटाने की तैयारी बताई जा रही है। अगर ऐसा होता है तो पीसीबी के भीतर एक साथ कई महत्वपूर्ण चेहरों के हटने से यह साफ संकेत जाएगा कि बोर्ड मौजूदा व्यवस्था से खुश नहीं है।
मोहसिन नकवी ने अब क्यों बदला रुख?
रिपोर्ट में एक आंतरिक सूत्र के हवाले से कहा गया है कि मोहसिन नकवी को भी अब महसूस हो गया है कि पाकिस्तान क्रिकेट में हार के सिलसिले को रोकने के लिए बड़े और कड़े कदम उठाने की जरूरत है। इसी वजह से राष्ट्रीय चयन समिति में बदलाव की तैयारी चल रही है। हालांकि अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है। नकवी जल्द ही अपने करीबी अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक करेंगे और पीसीबी गवर्निंग बोर्ड के सदस्यों को भी फैसले से पहले विश्वास में लिया जाएगा।
माइक हेसन को लेकर भी बड़ा खेल
पाकिस्तान क्रिकेट में बदलाव की इस कहानी में न्यूजीलैंड के पूर्व क्रिकेटर और कोच माइक हेसन का नाम भी महत्वपूर्ण है। रिपोर्ट के मुताबिक इंग्लैंड दौरे के दौरान कोचिंग में बदलाव की एक वजह यह भी थी कि हेसन ने पाकिस्तान पुरुष टीम के लिए सभी प्रारूपों में कोच की भूमिका संभालने में रुचि दिखाई थी। पीसीबी विदेशी कोचों के साथ बातचीत भी कर रहा है। साथ ही एशियाई खेलों के बाद पाकिस्तान महिला टीम के लिए नए विदेशी मुख्य कोच की तलाश भी जारी है।
लेकिन हेसन ने भी रख दी अपनी शर्तें
माइक हेसन ने पाकिस्तान के साथ लाल गेंद यानी टेस्ट क्रिकेट की जिम्मेदारी संभालने में रुचि दिखाई है, लेकिन उन्होंने अपनी शर्तें भी स्पष्ट कर दी हैं। वह चाहते हैं कि उन्हें टीम में बदलाव लागू करने के लिए पर्याप्त समय मिले। इसके साथ ही उन्हें एक स्पष्ट समयसीमा और अपने फैसलों में किसी तरह का अनावश्यक हस्तक्षेप न होने का भरोसा चाहिए। यानी पाकिस्तान क्रिकेट को अगर नया कोच मिलता भी है, तो उसके सामने सबसे बड़ी चुनौती सिर्फ टीम को संभालना नहीं बल्कि लगातार बदलते प्रशासनिक फैसलों के बीच काम करना भी होगी।
पाकिस्तान क्रिकेट का सबसे बड़ा संकट क्या है?
आज पाकिस्तान क्रिकेट के सामने सिर्फ मैच हारने की समस्या नहीं है। असली समस्या स्थिरता और स्पष्ट योजना की दिखाई देती है। जब खिलाड़ी, कप्तान, कोच और चयनकर्ता बार-बार बदलते हैं, तो टीम से लंबे समय की सफलता की उम्मीद करना मुश्किल हो जाता है। इंग्लैंड में 0-3 की हार और टेस्ट रैंकिंग में नौवें स्थान पर पहुंचना इस संकट का बड़ा संकेत है। अब अगर आकिब जावेद और वहाब रियाज भी हटा दिए जाते हैं, तो सवाल उठेगा कि क्या पाकिस्तान एक बार फिर नए चेहरों के साथ वही पुरानी कहानी दोहराने जा रहा है?
अब नकवी के सामने असली परीक्षा
मोहसिन नकवी के सामने अब सिर्फ किसी एक चयनकर्ता या कोच को हटाने की चुनौती नहीं है। उन्हें यह तय करना होगा कि पाकिस्तान क्रिकेट को आखिर किस दिशा में ले जाना है। क्या टीम को हर हार के बाद बदलना है या एक लंबी और स्थिर योजना बनानी है? क्या खिलाड़ियों को भरोसा देकर तैयार किया जाएगा या हर सीरीज के बाद नए प्रयोग होंगे? और सबसे बड़ा सवाल—क्या बार-बार चेहरे बदलने से पाकिस्तान क्रिकेट की किस्मत बदलेगी?
आकिब जावेद पर कार्रवाई की खबर, वहाब रियाज पर भी गाज और नए कोच की तलाश—पाकिस्तान क्रिकेट में बदलाव का दौर फिर शुरू होता दिखाई दे रहा है। लेकिन अगर व्यवस्था वही रही और सिर्फ चेहरे बदलते रहे, तो क्या अगली हार के बाद फिर किसी नए व्यक्ति को जिम्मेदार ठहराया जाएगा? पाकिस्तान क्रिकेट को अब बदलाव नहीं, एक स्थिर और साफ दिशा की जरूरत है।



