राजनीति / पश्चिम बंगाल | ABC NATIONAL NEWS | कोलकाता/नई दिल्ली | 24 अप्रैल 2026
पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर तेज बयानबाज़ी और आरोप-प्रत्यारोप के दौर में प्रवेश कर चुकी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आगामी चुनावों को लेकर बड़ा दावा करते हुए कहा है कि बीजेपी पहले चरण की 152 सीटों में से 110 से अधिक सीटें जीतने जा रही है। शाह का यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्य में चुनावी सरगर्मी चरम पर है और सभी दल अपनी-अपनी रणनीति के साथ मैदान में उतर चुके हैं।
अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि बंगाल की जनता बदलाव चाहती है और बीजेपी को व्यापक समर्थन मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में भ्रष्टाचार, हिंसा और प्रशासनिक विफलताएं बढ़ी हैं, जिससे आम आदमी परेशान है। शाह ने भरोसा जताया कि यह जनाक्रोश चुनाव नतीजों में साफ दिखाई देगा और बीजेपी को स्पष्ट बहुमत मिलेगा।
वहीं, राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए शाह ने “तुष्टिकरण की राजनीति” का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बीजेपी विकास, सुशासन और कानून व्यवस्था के मुद्दों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि विरोधी दल जनता को गुमराह करने में लगे हैं।
हालांकि, विपक्ष ने शाह के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है और इसे “जमीनी हकीकत से दूर” बताया है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि बंगाल की जनता बीजेपी की राजनीति को समझ चुकी है और एक बार फिर ममता बनर्जी के नेतृत्व में सरकार बनाएगी।
इसी बीच, विपक्ष के कुछ नेताओं और समर्थकों की ओर से तीखे आरोप भी सामने आए हैं। उनका कहना है कि चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए चुनाव आयोग, ईडी, सीबीआई और अन्य एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। कुछ बयानों में यह भी दावा किया गया कि सुरक्षा बलों की तैनाती का दुरुपयोग कर कुछ इलाकों में मतदाताओं पर दबाव बनाया गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित एजेंसियों की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी माहौल में इस तरह के बड़े दावे और आरोप आम हैं। एक ओर जहां बीजेपी अपने पक्ष में माहौल बनने का दावा कर रही है, वहीं विपक्ष इसे लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव की रणनीति बता रहा है। बंगाल की सियासत फिलहाल दावों और पलटवारों के बीच उलझी हुई है। अब देखना यह होगा कि जनता किसके पक्ष में अपना अंतिम फैसला सुनाती है।




