राजनीति | काव्या अग्रवाल | ABC NATIONAL NEWS | चेन्नई/ नई दिल्ली | 7 जून 2026
तमिलनाडु की राजनीति में सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) लगातार अपनी पकड़ मजबूत करती दिखाई दे रही है। शनिवार को AIADMK को बड़ा झटका देते हुए उसके चार पूर्व मंत्री—एम.सी. सम्पत, एन.आर. शिवापति, कडम्बूर सी. राजू और उदुमलाई के. राधाकृष्णन—TVK में शामिल हो गए। इन नेताओं ने चेन्नई के निकट पनैयूर स्थित पार्टी मुख्यालय में TVK की सदस्यता ग्रहण की। पार्टी में शामिल होने के दौरान TVK के महासचिव एवं ग्रामीण विकास एवं जल संसाधन मंत्री एन. आनंद समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। राजनीतिक जानकार इसे तमिलनाडु में बदलते राजनीतिक समीकरणों का बड़ा संकेत मान रहे हैं।
हाल के विधानसभा चुनावों में विजय के नेतृत्व में मिली शानदार जीत के बाद TVK लगातार विपक्षी दलों के प्रभावशाली नेताओं को अपने साथ जोड़ने में सफल रही है। चार पूर्व मंत्रियों के एक साथ पार्टी में शामिल होने को AIADMK के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है, क्योंकि ये नेता अपने-अपने क्षेत्रों में मजबूत जनाधार रखते हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम दर्शाता है कि TVK अब केवल एक नई राजनीतिक पार्टी नहीं रह गई है, बल्कि तमिलनाडु की राजनीति में एक प्रमुख शक्ति के रूप में उभर रही है। दूसरी ओर AIADMK के सामने संगठन को एकजुट रखने और अपने पारंपरिक वोट बैंक को बचाने की चुनौती और बढ़ गई है।
TVK नेतृत्व का दावा है कि राज्य में बदलाव की राजनीति को जनता का समर्थन मिल रहा है और विभिन्न दलों के नेता भी इसी सोच के साथ पार्टी से जुड़ रहे हैं। वहीं विपक्षी दल इसे अवसरवादी राजनीति करार दे रहे हैं।
चार पूर्व मंत्रियों के इस दलबदल ने तमिलनाडु की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। आने वाले दिनों में यदि अन्य वरिष्ठ नेता भी TVK का रुख करते हैं तो राज्य की राजनीतिक तस्वीर और तेजी से बदल सकती है।




