राष्ट्रीय / राजनीति | ABC NATIONAL NEWS | मुंबई 23 अगस्त 2026
FIR के बाद अलग अंदाज में सामने आए अभिजीत डिपके
Cockroach Janta Party (CJP) के संस्थापक अभिजीत डिपके के खिलाफ महाराष्ट्र के लातूर जिले में FIR दर्ज होने के बाद उन्होंने पारंपरिक राजनीतिक बयान देने के बजाय सोशल मीडिया के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी है। डिपके ने X पर किशोर कुमार के चर्चित गीत ‘ये जीवन है’ की पंक्तियों वाला वीडियो साझा किया। इसके साथ ही Instagram Stories पर FIR से जुड़ी खबर शेयर करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक मीम भी लगाया, जिसमें लिखा था—“Oh my god.” इस तरह डिपके ने सीधे तौर पर किसी लंबे बयान के बजाय गीत और मीम के जरिए पूरे घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया दर्ज कराई।
सरकारी स्कूल में प्रवेश को लेकर दर्ज हुई FIR
मामला लातूर जिले के औसा इलाके के जवाली स्थित जिला परिषद उर्दू स्कूल से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, डिपके, पार्टी कार्यकर्ता अजिंक्य शिंदे और CJP के कुछ अन्य कार्यकर्ताओं के खिलाफ स्कूल परिसर में कथित तौर पर बिना अनुमति प्रवेश करने, सरकारी काम में बाधा डालने और शिक्षकों को धमकाने के आरोपों को लेकर FIR दर्ज की गई है। यह शिकायत स्कूल की शिक्षिका 53 वर्षीय सैयद शमशादबानो खैरातअली की ओर से दर्ज कराई गई। शिकायत के मुताबिक डिपके और उनके सहयोगी कथित तौर पर बिना अनुमति स्कूल में पहुंचे, छात्रों के साथ बैठे और स्कूल की स्थिति को लेकर सवाल किए। शिकायत में आरोप लगाया गया कि इस गतिविधि से शैक्षणिक और सरकारी काम प्रभावित हुआ।
‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत पहुंचे थे स्कूल
डिपके का कहना है कि स्कूल में जाना उनके संगठन के ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान का हिस्सा था। यह अभियान 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस से शुरू किया गया था। इसकी शुरुआत डिपके ने महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में अपने पैतृक गांव संतुक पिंपरी के एक सरकारी स्कूल से की थी। अभियान का उद्देश्य सरकारी स्कूलों की स्थिति को सामने लाना और वहां मौजूद समस्याओं को उजागर करना बताया गया है। हालांकि, इस अभियान के दौरान CJP कार्यकर्ताओं को कई जगह प्रशासनिक स्तर पर विरोध और रोक का सामना करना पड़ा है। सरकार और स्थानीय निकायों की ओर से बिना पूर्व अनुमति स्कूलों में प्रवेश नहीं करने को कहा गया है।
मुंबई में भी CJP कार्यकर्ताओं को नहीं मिली अनुमति
महाराष्ट्र के मुंबई में भी CJP के ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान को लेकर विवाद सामने आया। मुंबई civic education department ने CJP स्वयंसेवकों को बिना अनुमति नगर निगम के स्कूलों में प्रवेश करने से रोक दिया। संगठन के कार्यकर्ताओं ने कोलाबा स्थित मुंबई पब्लिक स्कूल का निरीक्षण किया था, जबकि गुरुवार को उसके कार्यकर्ताओं ने वडाला स्थित नाडकर्णी पार्क म्युनिसिपल स्कूल में जाने की कोशिश की। हालांकि, अनुमति नहीं होने के कारण CJP के वरिष्ठ सदस्यों को प्रवेश नहीं दिया गया। इससे साफ है कि संगठन के अभियान और सरकारी स्कूलों में प्रशासनिक अनुमति को लेकर टकराव बढ़ता जा रहा है।
राजस्थान में अभियान के दौरान हमले का आरोप
CJP के ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान का विवाद महाराष्ट्र तक सीमित नहीं रहा। राजस्थान के जयपुर जिले के बगरू विधानसभा क्षेत्र के रामपुरा कंवरपुरा गांव में जर्जर सरकारी स्कूल का दौरा करने पहुंचे CJP कार्यकर्ताओं पर एक समूह द्वारा हमला किए जाने की बात भी सामने आई। इस घटना के बाद सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर बहस और तेज हुई। खास बात यह है कि राजस्थान सरकार ने बाद में माना कि राज्य में 611 स्कूल ऐसे हैं जो अपने स्वयं के भवन के बिना संचालित हो रहे हैं। सरकार ने संबंधित स्कूल के लिए नए भवन के निर्माण का आदेश भी दिया है और इसके लिए काम 1 सितंबर 2026 से शुरू किए जाने की बात कही गई है।
सवाल स्कूलों की हालत पर भी, तरीका भी बहस में
अभिजीत डिपके के खिलाफ दर्ज FIR ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—क्या सरकारी स्कूलों की समस्याओं को सामने लाने के लिए राजनीतिक या सामाजिक कार्यकर्ताओं को स्कूलों का निरीक्षण करने की अनुमति मिलनी चाहिए और अगर हां, तो उसकी प्रक्रिया क्या हो? दूसरी ओर, सरकारी संस्थानों में बिना अनुमति प्रवेश करने और कामकाज में हस्तक्षेप के आरोप भी गंभीर हैं। ऐसे में विवाद केवल डिपके की FIR तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सरकारी स्कूलों की जवाबदेही, नागरिक निगरानी और प्रशासनिक अनुमति के बीच संतुलन का सवाल भी बन गया है।
FIR पर डिपके का संदेश—बयान नहीं, व्यंग्य
FIR दर्ज होने के बाद डिपके की प्रतिक्रिया का अंदाज भी चर्चा में है। उन्होंने किशोर कुमार के गीत ‘ये जीवन है’ की पंक्तियों के जरिए यह संकेत देने की कोशिश की कि उनके लिए यह घटनाक्रम राजनीति और सार्वजनिक जीवन में आने वाली परिस्थितियों का हिस्सा है। Instagram पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मीम के साथ FIR की खबर साझा करना भी उनके राजनीतिक और व्यंग्यात्मक अंदाज को दिखाता है। हालांकि FIR में लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण जांच और कानूनी प्रक्रिया के जरिए ही होगा। फिलहाल ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान, सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति और CJP कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई—तीनों मुद्दे एक साथ चर्चा के केंद्र में हैं।




