राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | भुवनेश्वर | 23 अगस्त 2026
पारादीप से सिंगापुर जा रहा जहाज समुद्र में डूबा
बंगाल की खाड़ी में एक बड़ा समुद्री हादसा हुआ है। ओडिशा के पारादीप तट से करीब 220 नॉटिकल मील दक्षिण-पूर्व में पनामा के झंडे वाला बल्क कैरियर M.V. Ocean Winner समुद्र में डूब गया। जहाज पर कुल 24 चालक दल के सदस्य सवार थे। भारतीय तटरक्षक बल ने हादसे की जानकारी मिलते ही बड़े स्तर पर सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है। यह जहाज ओडिशा से लौह अयस्क लेकर सिंगापुर के लिए रवाना हुआ था और उसने 20 अगस्त को पारादीप पोर्ट छोड़ा था। समुद्र के बीच अचानक जहाज के डूबने की खबर सामने आने के बाद पूरे इलाके में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है।
24 में से दो क्रू सदस्य सुरक्षित बचाए गए
हादसे के बाद भारतीय तटरक्षक बल ने तत्काल समुद्री क्षेत्र में खोज अभियान शुरू किया। अब तक दो चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित रेस्क्यू किया जा चुका है। हालांकि जहाज पर सवार बाकी लोगों की स्थिति को लेकर अभी चिंता बनी हुई है और उनकी तलाश लगातार जारी है। समुद्र में किसी बड़े जहाज के डूबने के बाद शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, इसलिए तटरक्षक बल की टीमें लगातार संभावित सर्वाइवर की तलाश कर रही हैं। दो लोगों के सुरक्षित मिलने से राहत जरूर मिली है, लेकिन बाकी क्रू सदस्यों के बारे में जानकारी मिलने तक अभियान बेहद महत्वपूर्ण बना हुआ है।
तीन तटरक्षक जहाज घटनास्थल के आसपास तैनात
भारतीय तटरक्षक बल ने रेस्क्यू ऑपरेशन को और तेज करते हुए तीन ICG जहाजों को घटनास्थल के आसपास तैनात किया है। ये जहाज समुद्र में लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं और संभावित रूप से किसी भी व्यक्ति के दिखाई देने या मदद की जरूरत होने पर तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार हैं। हादसे की जगह पारादीप तट से काफी दूर समुद्र में है, जिससे बचाव अभियान आसान नहीं है। इसके बावजूद तटरक्षक बल की टीमें समुद्री क्षेत्र को लगातार कवर कर रही हैं और लापता क्रू सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
20 अगस्त को लौह अयस्क लेकर निकला था M.V. Ocean Winner
जानकारी के मुताबिक पनामा-फ्लैग वाला M.V. Ocean Winner एक बल्क कैरियर जहाज था, जिसमें ओडिशा से लौह अयस्क लदा हुआ था। जहाज ने 20 अगस्त को पारादीप पोर्ट से सिंगापुर के लिए अपनी यात्रा शुरू की थी। यात्रा के दौरान जहाज किन परिस्थितियों में डूबा, इसकी वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हुई है। अभी प्राथमिकता हादसे के कारणों का पता लगाने से ज्यादा समुद्र में फंसे या लापता चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित तलाशना और उन्हें बाहर निकालना है। हादसे की विस्तृत परिस्थितियां और जहाज के डूबने की वास्तविक वजह आगे की जांच में सामने आ सकती है।
समुद्र में हर मिनट बेहद अहम
समुद्र में जहाज के डूबने के बाद बचाव अभियान समय के खिलाफ दौड़ जैसा होता है। समुद्र की स्थिति, घटनास्थल की दूरी और मौसम जैसी परिस्थितियां रेस्क्यू ऑपरेशन को चुनौतीपूर्ण बना सकती हैं। ऐसे में भारतीय तटरक्षक बल की ओर से तीन जहाजों को घटनास्थल के आसपास तैनात किया जाना अभियान की गंभीरता को दिखाता है। फिलहाल बचाव दल की पूरी कोशिश यही है कि समुद्र में मौजूद अन्य क्रू सदस्यों का जल्द से जल्द पता लगाया जा सके और उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला जाए।
दो जिंदगी बचीं, बाकी के लिए तलाश जारी
इस हादसे में फिलहाल सबसे बड़ी राहत यह है कि 24 सदस्यीय क्रू में से दो लोगों को बचा लिया गया है। लेकिन बाकी सदस्यों की तलाश जारी होने के कारण अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है। भारतीय तटरक्षक बल की टीमें समुद्र में लगातार ऑपरेशन चला रही हैं और हर संभावित क्षेत्र की जांच की जा रही है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि बचाव दल कितने और लोगों तक सुरक्षित पहुंच पाता है।
बंगाल की खाड़ी में डूबे जहाज के बाद बचाव अभियान तेज है—दो क्रू सदस्य सुरक्षित हैं, जबकि बाकी की जिंदगी बचाने के लिए तटरक्षक बल की टीमें समुद्र में लगातार जुटी हुई हैं।




