मनोरंजन | अमरनाथ प्रसाद | ABC NATIONAL NEWS | मुंबई | 5 सितंबर 2026
कम बजट की फिल्मों के लिए बॉक्स ऑफिस पर जगह बनाना आसान नहीं होता, लेकिन नीम करौली बाबा की भक्ति और हनुमान जी से जुड़ी आस्था को केंद्र में रखकर बनी फिल्म ‘हनुमान अंश’ ने कमाई के मामले में ऐसी छलांग लगाई है, जिसने फिल्म कारोबार से जुड़े लोगों का ध्यान खींच लिया है। फिल्म के निर्देशक के अनुसार इसे करीब ₹1.7 करोड़ के बजट में बनाया गया था। 7 अगस्त को जब फिल्म सिनेमाघरों में पहुंची तो पहले दिन इसे सिर्फ ₹10 लाख की कमाई हुई। शुरुआती दो सप्ताह भी फिल्म के लिए खास नहीं रहे और 14 दिनों के बाद इसका कलेक्शन लगभग ₹1.48 करोड़ ही था। उस समय ऐसा लग रहा था कि फिल्म अपनी लागत निकालने के लिए भी संघर्ष कर रही है, लेकिन इसके बाद कहानी पूरी तरह बदल गई।
दो हफ्ते बाद आया ऐसा मोड़ कि कमाई ने पकड़ी रफ्तार
‘हनुमान अंश’ के लिए असली बदलाव रिलीज के शुरुआती दिनों में नहीं, बल्कि उसके बाद देखने को मिला। फिल्म की चर्चा धीरे-धीरे दर्शकों के बीच बढ़ी और सिनेमाघरों में इसकी कमाई तेजी से ऊपर जाने लगी। सैकनिल्क के अनुमान के अनुसार 3 सितंबर तक फिल्म ने भारत में करीब ₹72.88 करोड़ नेट कलेक्शन कर लिया था। यानी ₹1.7 करोड़ के बताए गए निर्माण बजट वाली इस फिल्म का अनुमानित घरेलू नेट कलेक्शन उसकी लागत के करीब 43 गुना तक पहुंच गया। हालांकि बॉक्स ऑफिस कलेक्शन को सीधे मुनाफा नहीं माना जा सकता, क्योंकि फिल्म के प्रचार, वितरण, थिएटर हिस्सेदारी और दूसरे खर्च अलग होते हैं।
नीम करौली बाबा की आस्था से जुड़ी कहानी ने खींचे दर्शक
फिल्म की चर्चा में नीम करौली बाबा और हनुमान भक्ति का संदर्भ इसे आम फिल्मों से अलग पहचान देता है। नीम करौली बाबा को हनुमान जी का परम भक्त माना जाता है और देश-विदेश में उनके अनुयायियों की बड़ी संख्या है। उनकी सादगी, भक्ति और आध्यात्मिक जीवन से जुड़ी कहानियां लंबे समय से लोगों के बीच लोकप्रिय रही हैं। ऐसे समय में जब फिल्मों की सफलता को अक्सर बड़े सितारों, भारी बजट और बड़े प्रचार से जोड़कर देखा जाता है, ‘हनुमान अंश’ का प्रदर्शन यह दिखाता है कि आस्था और धार्मिक भावनाओं से जुड़ा विषय भी दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींच सकता है।
₹10 लाख की शुरुआत से ₹72.88 करोड़ तक का सफर
इस फिल्म के आंकड़े अपने आप में इसकी पूरी कहानी बताते हैं। 7 अगस्त को ₹10 लाख की ओपनिंग, दो सप्ताह में ₹1.48 करोड़, और फिर 3 सितंबर तक अनुमानित ₹72.88 करोड़ नेट—यह बदलाव बेहद बड़ा है। फिल्म ने शुरुआती कमजोर प्रदर्शन के बाद जिस तरह अपनी रफ्तार पकड़ी, वह कम बजट वाली फिल्मों के लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण है। कई बार किसी फिल्म का शुरुआती कलेक्शन उसकी अंतिम सफलता तय नहीं करता और दर्शकों की प्रतिक्रिया के बाद फिल्म की कमाई कई गुना बढ़ सकती है। ‘हनुमान अंश’ इसका एक दिलचस्प उदाहरण बनती दिखाई दे रही है।
बड़े सितारे नहीं, कहानी और आस्था बनी ताकत?
‘हनुमान अंश’ की कमाई ने बॉलीवुड और फिल्म कारोबार के सामने एक बड़ा सवाल भी खड़ा किया है—क्या दर्शकों को हमेशा बड़े सितारों और सैकड़ों करोड़ के बजट वाली फिल्मों की ही जरूरत है? इस फिल्म के आंकड़े बताते हैं कि अगर विषय दर्शकों की भावनाओं से जुड़ जाए और फिल्म को धीरे-धीरे दर्शकों का समर्थन मिलने लगे, तो बेहद छोटे बजट की फिल्म भी उम्मीद से कहीं बड़ा कारोबार कर सकती है। खासकर धार्मिक और आध्यात्मिक विषयों पर दर्शकों की रुचि को इस फिल्म की सफलता ने एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।
नीम करौली बाबा की लोकप्रियता और फिल्म की बॉक्स ऑफिस कहानी
नीम करौली बाबा की पहचान सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रही है। उनके आश्रम और उनसे जुड़ी आध्यात्मिक परंपरा को देश-विदेश में भी लोग जानते हैं। यही वजह है कि बाबा की भक्ति, हनुमान जी में आस्था और आध्यात्मिक संदेश से जुड़ी कहानी पर बनी फिल्म को एक ऐसा दर्शक वर्ग मिल सकता है, जो सामान्य व्यावसायिक फिल्मों से अलग है। ‘हनुमान अंश’ की शुरुआती धीमी कमाई के बाद अचानक बढ़ी रफ्तार इसी व्यापक दर्शक रुचि की ओर संकेत करती है, हालांकि फिल्म की सफलता के पीछे कौन-सा कारण सबसे बड़ा रहा, इसे केवल बॉक्स ऑफिस आंकड़ों से तय नहीं किया जा सकता।
कम लागत, बड़ी कमाई और बदलता बॉक्स ऑफिस गणित
‘हनुमान अंश’ की कहानी फिलहाल भारतीय सिनेमा के उस पुराने सवाल को फिर सामने ला रही है कि फिल्म की कीमत उसके बजट से तय होती है या दर्शकों की पसंद से? करीब ₹1.7 करोड़ के बजट से शुरू हुई फिल्म का अनुमानित ₹72.88 करोड़ नेट तक पहुंचना निश्चित रूप से असाधारण प्रदर्शन है। अंतिम आधिकारिक आंकड़े और फिल्म से निर्माताओं को हुआ वास्तविक मुनाफा अलग हो सकता है, लेकिन इतना साफ है कि शुरुआती कमजोर प्रदर्शन के बावजूद फिल्म ने बाद के हफ्तों में बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त वापसी की है।




