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अक्षय कुमार की बेटी से मांगी न्‍यूड फोटो, ऑनलाइन गेम में सतर्कता जरूरी

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मुंबई 8 अक्टूबर 2025

बॉलीवुड सुपरस्टार अक्षय कुमार ने हाल ही में एक चौंकाने वाली घटना का खुलासा किया है, जिसमें उनकी 13 वर्षीय बेटी नितारा को एक मल्टीप्लेयर ऑनलाइन गेम खेलते समय एक अनजान व्यक्ति ने नग्न तस्वीरें मांगने का आपत्तिजनक प्रस्ताव भेजा। यह घटना साइबर सुरक्षा और बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा के प्रति एक मजबूत चेतावनी स्वरूप सामने आई है। अक्षय कुमार ने बताया कि जब नितारा ने गेम में पहले “क्या आप मेल हैं या फीमेल?” जैसे सामान्य सवाल का जवाब दिया कि वह लड़की है, तो तुरंत एक मैसेज प्राप्त हुआ — “क्या आप मुझे अपनी न्यूड तस्वीरें भेज सकती हैं?” हालांकि नितारा ने तुरन्त गेम बंद किया और माता-पिता को जानकारी दी, लेकिन ऐसी घटनाएँ कई माध्यमों में हो सकती हैं जहां बच्चे डर के मारे नहीं बोल पाते। 

यह मामला न केवल एक व्यक्तिगत अनुभव है, बल्कि यह सामाजिक और टेक्नोलॉजिकल चेतना के स्तर पर हमें यह याद दिलाता है कि ऑनलाइन गेम्स और डिजिटल प्लेटफार्मों में निजता सेटिंग्स कितनी महत्वपूर्ण होती हैं। अक्सर, गेम कंपनियां डिफ़ॉल्ट रूप से कम सुरक्षित सेटिंग्स करती हैं, जिससे अजनबी लोग किसी बच्चे को संदेश भेज सकते हैं या उन्हें छेड़खानी कर सकते हैं। इसके लिए, उपयोगकर्ता (विशेषकर अभिभावक और युवा खिलाड़ी) को चाहिए कि वे समय निकालकर अपनी प्राइवेसी सेटिंग्स की जांच करें और उन्हें अधिक सुरक्षित विकल्पों पर सेट करें — जैसे कि “Nobody (कोई नहीं)” या “Friends only (केवल दोस्तों)” विकल्प चुनना। 

उदाहरण के लिए, गेम “Roblox” में प्राइवेसी सेटिंग्स > Chat या Privacy मेनू में जाकर आप यह तय कर सकते हैं कि “Who can chat with me?” — इसे “No one” या “Friends only” पर सेट किया जा सकता है। इसके अलावा, Friend requests को “No one” चुनने से अनचाही संपर्क अपेक्षाकृत बंद हो जाएगा। इसी तरह, PUBG और Free Fire जैसे लोकप्रिय गेम्स में भी सेटिंग्स > Privacy के तहत “Stranger messages” या “Voice chat with strangers” विकल्पों को बंद या सीमित करना संभव है। 

जब एक अनुपयुक्त बातचीत या मैसेजिंग हो रही हो, तो तुरंत रिपोर्ट करना और उस यूजर को ब्लॉक करना चाहिए। इससे उस यूजर की पहुँच तुरंत बंद हो सकती है और भविष्य में ऐसी गतिविधि को रोकने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा, यदि संभव हो, तो अभिभावक या सुरक्षा विशेषज्ञों से मिलकर बच्चों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने की बातें समझावें — जैसे कि कभी भी अजनबियों को व्यक्तिगत या आपत्तिजनक सामग्री न भेजना, और संदिग्ध संरचनाओं को पहचानना और उनसे बचना।

यह घटना हमें याद दिलाती है कि डिजिटल दुनिया में सुरक्षा हर किसी का ज़िम्मा है — उपयोगकर्ता का, प्लेटफार्म का और परिवार का। सिर्फ तकनीकी बंदिशें काफी नहीं — हमें ऑनलाइन Etiquette, जागरूकता और सक्रिय सुरक्षा उपायों को अपनाना होगा ताकि हमारे बच्चे सुरक्षित गेमिंग अनुभव कर सकें।

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