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माओ पर टिप्पणी Mbappé को पड़ी भारी, चीन में पोस्टरों से हटाई जा रही तस्वीरें; कंपनियों ने तोड़े करार

फ्रांस और रियल मैड्रिड के स्टार फुटबॉलर की टिप्पणी पर चीन में विवाद; डोंगपेंग, मेंगनियू और मिल्कग्राउंड ने खत्म की साझेदारी, ला लीगा का प्रसारण भी निलंबित

अंतरराष्ट्रीय/खेल | ABC NATIONAL NEWS | बीजिंग | 29 अक्टूबर 2026

फ्रांस के दिग्गज फुटबॉलर किलियन एम्बाप्पे को चीन के पूर्व नेता माओत्से तुंग पर की गई टिप्पणी भारी पड़ती दिखाई दे रही है। विवाद के बाद चीन में कई जगहों पर उनके प्रचार पोस्टरों और होर्डिंग्स से तस्वीरें हटाई जा रही हैं या ढकी जा रही हैं। सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों में मेट्रो परिसर में लगे एक प्रचार पोस्टर पर एम्बाप्पे का चेहरा सफेद कपड़े से ढका दिखाई दे रहा है। कुछ उत्पादों की पैकेजिंग से भी उनकी तस्वीर हटाए जाने की खबर है।

इस विवाद के चलते चीन की कई बड़ी कंपनियों ने एम्बाप्पे के साथ अपनी साझेदारी समाप्त कर दी है। इनमें पेय पदार्थ बनाने वाली कंपनी डोंगपेंग, डेयरी कंपनियां मेंगनियू और मिल्कग्राउंड शामिल हैं। इसके अलावा, चीन के सरकारी प्रसारक सीएमजी ने स्पेनिश फुटबॉल लीग ला लीगा के प्रसारण को निलंबित करने की घोषणा की है। एम्बाप्पे इसी लीग में रियल मैड्रिड के लिए खेलते हैं।

कैसे शुरू हुआ विवाद?

विवाद एक वीडियो सामने आने के बाद शुरू हुआ, जिसमें एम्बाप्पे माओत्से तुंग से जुड़ी एक लोकप्रिय इंटरनेट मीम पर टिप्पणी करते दिखाई दिए। इस मीम में फ्रांसीसी फुटबॉलर को तानाशाह के रूप में दिखाया गया था।

एम्बाप्पे ने मीम के अलग-अलग रूपों पर प्रतिक्रिया देते हुए एक ऐसी तस्वीर का जिक्र किया, जिसमें उनका चेहरा किसी व्यक्ति की तस्वीर पर लगाया गया था। उन्होंने कहा कि वह व्यक्ति उन्हें कोई चीनी तानाशाह लगता है। इस टिप्पणी को चीन में माओत्से तुंग के संदर्भ में देखा गया और इसे लेकर नाराजगी बढ़ने लगी।

माओ चीन की कम्युनिस्ट क्रांति के प्रमुख नेता और पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के संस्थापक थे। चीन में उन्हें क्रांति के नायक के रूप में याद किया जाता है, हालांकि उनकी नीतियों और शासनकाल के दौरान हुई व्यापक मौतों को लेकर इतिहास में गंभीर आलोचनाएं भी दर्ज हैं।

एम्बाप्पे ने मांगी माफी

विवाद बढ़ने के बाद एम्बाप्पे ने 27 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर बयान जारी कर अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगी। उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणी अनुचित थी और अब उन्हें समझ आया है कि इससे चीन तथा दुनिया भर के चीनी समुदायों के लोगों को ठेस पहुंची।

एम्बाप्पे ने कहा कि उनका किसी को आहत करने का इरादा नहीं था। उन्होंने चीनी लोगों और उनके इतिहास के प्रति सम्मान जताते हुए अपनी बात पर खेद व्यक्त किया।

हालांकि, माफी के बावजूद विवाद थमता दिखाई नहीं दे रहा है। चीन में उनकी प्रचार सामग्री हटाए जाने और कंपनियों द्वारा साझेदारी खत्म किए जाने की खबरें सामने आ रही हैं।

ला लीगा ने भी जताया खेद

स्पेन की शीर्ष फुटबॉल लीग ला लीगा ने कहा कि एम्बाप्पे की टिप्पणी उनकी व्यक्तिगत हैसियत में की गई थी और इसे लीग का आधिकारिक रुख नहीं माना जाना चाहिए। इसके बावजूद लीग ने अपने बयान में चीनी प्रशंसकों और चीन के प्रति सम्मान जताया तथा कहा कि विभिन्न संस्कृतियों के बीच सम्मान, सह-अस्तित्व और एकता फुटबॉल के बुनियादी मूल्य हैं।

लीग ने चीनी प्रशंसकों के समर्थन को भी महत्वपूर्ण बताया। चीन में फुटबॉल की बड़ी लोकप्रियता के कारण वहां प्रसारण और प्रायोजन का बाजार अंतरराष्ट्रीय क्लबों तथा लीगों के लिए खास मायने रखता है।

एक टिप्पणी से ब्रांड और फुटबॉल पर असर

यह विवाद दिखाता है कि वैश्विक खेल सितारों की सार्वजनिक टिप्पणियां उनके व्यावसायिक करारों और अंतरराष्ट्रीय छवि को प्रभावित कर सकती हैं। एम्बाप्पे दुनिया के सबसे चर्चित फुटबॉल खिलाड़ियों में शामिल हैं और उनकी लोकप्रियता का इस्तेमाल कई ब्रांड अपने प्रचार में करते रहे हैं।

फिलहाल, चीन में उनकी तस्वीरों को हटाए जाने की खबरों और कंपनियों के फैसलों के बीच यह देखना अहम होगा कि माफी के बाद विवाद शांत होता है या उनके व्यावसायिक संबंधों पर इसका असर आगे भी बना रहता है।

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