अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 29 अक्टूबर 2026
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम जल्द भारत का दौरा कर सकते हैं। भारत में ब्रिटिश उच्चायोग के कार्यवाहक प्रमुख बेन मेलर ने गुरुवार को संकेत दिया कि ब्रिटिश प्रधानमंत्री भारत आने के इच्छुक हैं और उनकी यात्रा निकट भविष्य में हो सकती है। हालांकि, अभी दौरे की तारीख या आधिकारिक कार्यक्रम की घोषणा नहीं की गई है।
समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में बेन मेलर ने कहा कि प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद एंडी बर्नहम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत के दौरान भारत आने की इच्छा जताई थी। मेलर के मुताबिक, बर्नहम भारत की यात्रा को लेकर काफी उत्सुक हैं।
यह संभावित दौरा ऐसे समय में चर्चा में आया है, जब भारत और ब्रिटेन अपने आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने तथा द्विपक्षीय व्यापार का दायरा बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं। दोनों देशों का लक्ष्य 2030 तक आपसी व्यापार को बढ़ाकर करीब 120 अरब डॉलर तक पहुंचाना है।
भारत-ब्रिटेन संबंधों में व्यापार पर खास जोर
भारत और ब्रिटेन के संबंधों में व्यापार, निवेश, तकनीक, शिक्षा और रणनीतिक सहयोग महत्वपूर्ण विषय रहे हैं। दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को विस्तार देने की कोशिशों के तहत कारोबारियों और निवेशकों के लिए नए अवसर पैदा करने पर जोर दिया जा रहा है।
ब्रिटेन भारत के साथ अपने व्यापारिक संबंधों को मजबूत करना चाहता है, जबकि भारत के लिए ब्रिटिश बाजार में कारोबार, निवेश और सेवाओं के क्षेत्र में संभावनाएं महत्वपूर्ण हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ने से उद्योगों, कंपनियों और रोजगार के अवसरों को लाभ मिल सकता है।
2030 तक 120 अरब डॉलर के व्यापार का लक्ष्य इस साझेदारी की महत्वाकांक्षा को दर्शाता है। हालांकि, इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए व्यापारिक बाधाओं को कम करना, कंपनियों के लिए बेहतर अवसर तैयार करना और निवेश को प्रोत्साहित करना अहम होगा।
मोदी से बातचीत के बाद जताई थी भारत आने की इच्छा
बेन मेलर के बयान के अनुसार, एंडी बर्नहम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत में भारत आने की इच्छा जाहिर की थी। अब ब्रिटिश उच्चायोग की ओर से दिए गए संकेतों ने संभावित यात्रा को लेकर चर्चा बढ़ा दी है।
प्रधानमंत्री स्तर की यात्राएं आम तौर पर दोनों देशों के बीच राजनीतिक संवाद को मजबूत करने के साथ-साथ व्यापार और सहयोग से जुड़े मुद्दों को आगे बढ़ाने का अवसर देती हैं। ऐसे दौरे में विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी की समीक्षा और भविष्य की प्राथमिकताओं पर बातचीत हो सकती है।
फिलहाल, ब्रिटिश उच्चायोग के बयान से यह स्पष्ट है कि बर्नहम भारत आने के इच्छुक हैं, लेकिन उनकी यात्रा कब होगी और किन मुद्दों पर औपचारिक बातचीत होगी, इसे लेकर अभी कोई अंतिम जानकारी सामने नहीं आई है।
व्यापार समझौते से बढ़ी उम्मीदें
भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता 15 जुलाई 2026 से लागू हो चुका है। भारत के लंदन स्थित उच्चायोग के अनुसार, इस समझौते के तहत भारतीय निर्यात की 99 प्रतिशत वस्तुओं को ब्रिटिश बाजार में शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी। इससे कपड़ा, चमड़ा, रत्न एवं आभूषण, इंजीनियरिंग उत्पाद और अन्य क्षेत्रों के निर्यातकों को अवसर मिल सकते हैं। hcilondon.gov.in +1
दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाने का लक्ष्य ऐसे समय में है, जब कंपनियां नए बाजारों, निवेश के अवसरों और आपूर्ति शृंखलाओं को मजबूत करने पर ध्यान दे रही हैं। व्यापार समझौते का वास्तविक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि कारोबारियों को नए अवसरों का कितना फायदा मिलता है और दोनों देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियां किस गति से बढ़ती हैं।
दौरे की तारीख पर आधिकारिक घोषणा बाकी
ब्रिटिश उच्चायोग के कार्यवाहक प्रमुख के बयान से एंडी बर्नहम की भारत यात्रा को लेकर उम्मीद जरूर बढ़ी है, लेकिन फिलहाल यात्रा की तारीख, कार्यक्रम और संभावित समझौतों के बारे में आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
यदि यह दौरा तय होता है, तो भारत-ब्रिटेन संबंधों की मौजूदा दिशा और 2030 तक व्यापार को 120 अरब डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य पर चर्चा का अवसर मिल सकता है। फिलहाल दोनों देशों की नजर इस बात पर रहेगी कि आर्थिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए घोषित लक्ष्यों को जमीन पर किस तरह लागू किया जाता है।



