राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 11 सितंबर 2026
एप्पल के नए फोल्डेबल आईफोन डुओ की लॉन्चिंग के साथ कांग्रेस ने इसी तकनीक को भाजपा सरकार पर हमला करने का नया हथियार बना दिया है। कांग्रेस ने आईफोन के फोल्ड होने और फिर बड़ी स्क्रीन में खुलने वाले अंदाज में ऐसा वीडियो तैयार किया, जिसमें सरकार के बड़े दावों और जमीन पर दिखाई देने वाली तस्वीरों के बीच अंतर दिखाने की कोशिश की गई। वीडियो की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसद में दिए गए उस बयान से होती है, जिसमें वे देश में सड़क निर्माण के लिए अंतरिक्ष तकनीक के इस्तेमाल की बात करते सुनाई देते हैं। लेकिन जैसे ही आईफोन खुलता है, स्क्रीन पर बारिश में धंसी सड़कें, बड़े गड्ढे और पानी में फंसी गाड़ियां दिखाई देने लगती हैं। कांग्रेस ने इस पूरे वीडियो के जरिए सवाल उठाया कि सरकारी दावे आखिर जमीन पर कितने दिखाई देते हैं।
मोदी का दावा और स्क्रीन पर सड़कों की तस्वीर
कांग्रेस के वीडियो की सबसे खास बात यही है कि उसने किसी लंबे भाषण के बजाय कुछ सेकंड की तस्वीरों से अपना राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की। पहले प्रधानमंत्री का बयान सुनाई देता है और फिर फोन खुलते ही सड़कें टूटती हुई नजर आती हैं। एक वीडियो में पानी से भरी सड़क पर ऑटो पलटता दिखाई देता है, जबकि दूसरे दृश्य में सड़क के गड्ढे से पानी तेजी से बहता दिखता है। आखिर में फोन फिर बंद होता है और प्रधानमंत्री की आवाज में “सीना चौड़ा हो गया, वाह” सुनाई देता है। कांग्रेस का तंज साफ है—अगर विकास के दावे इतने बड़े हैं, तो फिर बारिश में सड़कों की यह हालत क्यों दिखाई देती है?
अमेरिका को लेकर भी कांग्रेस का सीधा हमला
कांग्रेस ने इसी फोल्डेबल आईफोन के अंदाज में एक दूसरा वीडियो भी जारी किया। इसमें प्रधानमंत्री मोदी की अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ विदेश नीति को लेकर कांग्रेस ने तंज कसा है। वीडियो में मोदी सरकार की अमेरिका के साथ नीतियों को लेकर ‘सरेंडर’ का राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की गई है। कांग्रेस का आरोप और सवाल दोनों साफ हैं—क्या भारत की विदेश नीति अपने हितों के आधार पर चल रही है या अमेरिका के दबाव में?
BJP के 12 साल के दावों पर कांग्रेस का पलटवार
भाजपा अपने वीडियो में अयोध्या का राम मंदिर, अनुच्छेद 370 में बदलाव, ट्रेन, हाईवे, बंदरगाह और दूसरी योजनाओं को अपनी उपलब्धियों के रूप में दिखा रही है। लेकिन कांग्रेस का हमला इन दावों के ठीक सामने जमीनी सवाल खड़ा करने वाला है। कांग्रेस यह बताने की कोशिश कर रही है कि केवल बड़ी परियोजनाओं और बड़े दावों की तस्वीरें दिखाने से विकास की पूरी कहानी सामने नहीं आती। आम लोगों के लिए सड़क, रोजगार, सुरक्षा, महंगाई और रोजमर्रा की सुविधाएं भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं।
सोशल मीडिया पर कांग्रेस का नया राजनीतिक हथियार
राजनीतिक लड़ाई अब सिर्फ संसद, रैलियों और प्रेस कॉन्फ्रेंस तक सीमित नहीं रह गई है। कांग्रेस ने आईफोन के नए ट्रेंड को तुरंत पकड़कर उसे भाजपा सरकार के दावों पर सवाल उठाने वाले राजनीतिक संदेश में बदल दिया। खास बात यह है कि फोल्डेबल स्क्रीन का इस्तेमाल ही संदेश का हिस्सा बन गया—बंद स्क्रीन पर दावा और खुली स्क्रीन पर जमीन की तस्वीर। यही वजह है कि यह वीडियो सामान्य राजनीतिक बयान से अलग नजर आता है।
दिल्ली के सत्य निकेतन में पीजी इमारत गिरने से सात लोगों की मौत के बाद भी कांग्रेस ने छात्रों की सुरक्षा और पर्याप्त हॉस्टल व्यवस्था का मुद्दा उठाया था। कांग्रेस ने इसे सिर्फ एक इमारत हादसा नहीं, बल्कि छात्रों की सुरक्षा से जुड़ा बड़ा सवाल बताया था। अब आईफोन वीडियो के जरिए भी पार्टी उसी तरह सरकार के दावों और आम लोगों के अनुभव के बीच अंतर को सामने लाने की कोशिश कर रही है।
अब सवाल BJP के दावों पर
सियासत में वीडियो आते-जाते रहेंगे, लेकिन कांग्रेस ने आईफोन के इस नए ट्रेंड के जरिए एक सीधा सवाल जरूर खड़ा कर दिया है—क्या सरकार की चमकदार तस्वीरों के पीछे जमीन की सच्चाई भी उतनी ही मजबूत है? अगर विकास इतना व्यापक है, तो बारिश में सड़कें क्यों टूटती हैं? अगर बुनियादी ढांचा इतना मजबूत है, तो आम लोगों को बार-बार ऐसी परेशानियों का सामना क्यों करना पड़ता है?
आईफोन की स्क्रीन बंद हो सकती है, खुल सकती है और फिर बंद हो सकती है—लेकिन जनता के सामने जमीन की तस्वीर को आखिर कितनी देर तक बंद रखा जा सकता है?



