अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | 7 सितंबर 2026
ईरान की सीधी चेतावनी—अब हमला हुआ तो जवाब और खतरनाक
अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध में होर्मुज जलडमरूमध्य अब सबसे खतरनाक मोर्चों में बदलता जा रहा है। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर गालिबाफ ने अमेरिका को खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि ईरान पर कोई नया हमला हुआ तो उसका जवाब “और तेज, भारी और दर्दनाक” होगा। इसी बीच ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया कि उसने होर्मुज में तीन अमेरिकी-संबद्ध जहाजों और तीन तेल टैंकरों को निशाना बनाया। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन समुद्री क्षेत्र में सैन्य टकराव तेजी से बढ़ता दिखाई दे रहा है।
अमेरिका का पलटवार—3 ईरानी तेल टैंकर निशाने पर
ईरान के हमलों के दावों के बीच अमेरिका ने भी तीन ईरानी तेल टैंकरों पर हमला करने की बात कही है। यानी अब टकराव का असर सिर्फ सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं है। तेल टैंकर, व्यापारिक जहाज और दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री ऊर्जा मार्ग सीधे संघर्ष की चपेट में हैं। अगर यह सिलसिला और बढ़ता है तो इसका असर केवल अमेरिका और ईरान तक नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक तेल आपूर्ति और कीमतों पर भी पड़ सकता है।
92 जहाजों का रास्ता बदला, होर्मुज में खतरा गंभीर
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार उसकी नौसेना ने रविवार तक 92 वाणिज्यिक जहाजों का रास्ता बदलवाया, तीन को निष्क्रिय किया और दो पर सवार होकर तलाशी ली। दूसरी ओर यूकेएमटीओ के मुताबिक पिछले 48 घंटों में 59 जहाज होर्मुज से गुजरे हैं, लेकिन इस महत्वपूर्ण जलमार्ग का खतरे का स्तर अभी भी “गंभीर” है। इसका मतलब साफ है—होर्मुज पूरी तरह बंद नहीं हुआ है, लेकिन यहां से गुजरने वाला हर जहाज बढ़ते सैन्य जोखिम के बीच सफर कर रहा है।
तेहरान का संदेश—नाकेबंदी जारी रही तो जवाब और बड़ा होगा
ईरानी विशेषज्ञ मुस्तफा खोशचेश्म ने अल जजीरा से कहा कि हालिया समुद्री घटनाएं संकेत देती हैं कि युद्ध की रणनीति बदल रही है और ईरान ज्यादा आक्रामक रुख अपना रहा है। उनका आकलन है कि यदि अमेरिका ईरानी जहाजों को निशाना बनाता और नाकेबंदी जारी रखता है तो ईरान की अगली प्रतिक्रिया बहुत बड़ी हो सकती है। हालांकि यह विशेषज्ञ का आकलन है, इसे ईरान की आधिकारिक घोषणा के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
तेल की नस पर बढ़ा दबाव
होर्मुज दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा मार्गों में से एक है। अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट के मुताबिक औसतन करीब 90 लाख बैरल तेल प्रतिदिन इस जलमार्ग से गुजर रहा है। लेकिन समुद्र में सैन्य कार्रवाई बढ़ती रही और जहाजों को रास्ता बदलना पड़ा तो ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बढ़ सकता है। इसका सीधा असर पेट्रोल-डीजल से लेकर परिवहन और महंगाई तक दिखाई दे सकता है।
इजरायल की तरफ से भी धमकी, पश्चिम एशिया में कई मोर्चे खुले
उधर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के मौजूदा शासन के अंत की बात कही है और चेतावनी दी कि अगर ईरान ने इजरायल पर हमला किया तो उसे बेहद कड़ा जवाब मिलेगा। दूसरी तरफ गाजा और लेबनान में भी इजरायली सैन्य कार्रवाई जारी है। गाजा शहर में छह साल की बच्ची समेत दो लोगों की मौत और दक्षिणी लेबनान में ड्रोन हमले में तीन लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है।
दुनिया के सामने सबसे बड़ा सवाल—अब अगला कदम किसका?
अमेरिका नाकेबंदी और सैन्य दबाव बढ़ा रहा है, ईरान जवाबी कार्रवाई और कड़ी चेतावनी दे रहा है और इजरायल भी ईरान को खुली धमकी दे रहा है। ऐसे में होर्मुज अब सिर्फ एक समुद्री रास्ता नहीं, बल्कि पूरे पश्चिम एशिया के भविष्य का सबसे संवेदनशील मोर्चा बन गया है। अभी किसी पक्ष की जीत या हार तय नहीं है, लेकिन इतना साफ है कि अगर समुद्र में यह टकराव और बढ़ा तो इसकी कीमत सिर्फ युद्ध लड़ने वाले देशों को नहीं, बल्कि पूरी दुनिया को तेल, व्यापार और महंगाई के रूप में चुकानी पड़ सकती है।




