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टोयोटा की बिक्री पर चीन और मिडिल ईस्ट की मार, जुलाई में वैश्विक बिक्री 4.8% गिरी

बिजनेस | ABC NATIONAL NEWS | टोक्यो | 28 अगस्त 2026

दुनिया भर में टोयोटा की बिक्री में गिरावट

दुनिया की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनियों में शामिल टोयोटा मोटर के लिए जुलाई का महीना चुनौतीपूर्ण रहा। कंपनी की वैश्विक वाहन बिक्री जुलाई में पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 4.8 प्रतिशत घटकर 8,56,125 वाहन रह गई। कंपनी की कुल उत्पादन संख्या में भी गिरावट दर्ज की गई और वैश्विक उत्पादन 2.1 प्रतिशत नीचे आया। टोयोटा की बिक्री में यह गिरावट ऐसे समय आई है, जब दुनिया के कई बड़े वाहन बाजारों में मांग, ईंधन की कीमतों और क्षेत्रीय आर्थिक परिस्थितियों का असर ऑटो उद्योग पर दिखाई दे रहा है। कंपनी के आंकड़ों से साफ है कि खासतौर पर चीन और मध्य पूर्व के बाजारों में कमजोर बिक्री ने उसके वैश्विक प्रदर्शन पर बड़ा दबाव डाला।

चीन बना सबसे बड़ी चिंता

टोयोटा के लिए सबसे बड़ी चिंता इस समय चीन का बाजार बना हुआ है। जुलाई में चीन में कंपनी की बिक्री में पिछले साल की तुलना में 24.3 प्रतिशत की भारी गिरावट आई। यह लगातार छठा महीना है जब चीन में टोयोटा की बिक्री नीचे गई है। कंपनी के मुताबिक बढ़ती पेट्रोल कीमतों ने ग्राहकों की खरीदारी को प्रभावित किया है और इसका असर केवल पारंपरिक पेट्रोल-डीजल वाहनों पर ही नहीं, बल्कि हाइब्रिड वाहनों की मांग पर भी पड़ा है। चीन दुनिया के सबसे बड़े ऑटोमोबाइल बाजारों में शामिल है और वहां स्थानीय तथा अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा भी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में टोयोटा के लिए चीन में लगातार छह महीने की गिरावट एक महत्वपूर्ण चुनौती बन गई है।

चीन में उत्पादन भी बुरी तरह प्रभावित

चीन में केवल बिक्री ही नहीं, बल्कि टोयोटा का उत्पादन भी काफी कमजोर हुआ। जुलाई में चीन में कंपनी का उत्पादन 32.7 प्रतिशत घट गया। यह गिरावट वैश्विक उत्पादन के आंकड़ों पर भी दिखाई दी। अमेरिका में उत्पादन भी करीब 4 प्रतिशत कम हुआ, जिसके कारण दुनिया भर में टोयोटा का कुल उत्पादन 2.1 प्रतिशत नीचे चला गया। हालांकि जापान में कंपनी ने बेहतर प्रदर्शन किया और वहां उत्पादन में 12.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इससे पता चलता है कि अलग-अलग बाजारों में टोयोटा की स्थिति एक जैसी नहीं है और कंपनी को क्षेत्र के हिसाब से अलग-अलग चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

अमेरिका में मामूली गिरावट, मध्य पूर्व में बड़ा झटका

टोयोटा के सबसे बड़े बाजारों में से एक अमेरिका में भी जुलाई के दौरान बिक्री में 0.8 प्रतिशत की मामूली गिरावट दर्ज की गई। हालांकि यह गिरावट चीन के मुकाबले बहुत कम है, लेकिन अमेरिका जैसे बड़े बाजार में बिक्री का नीचे जाना कंपनी के लिए महत्वपूर्ण है। दूसरी ओर मध्य पूर्व में स्थिति और गंभीर रही, जहां टोयोटा की बिक्री में 44.5 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई। मध्य पूर्व में बिक्री में इतनी बड़ी गिरावट ने चीन में हुई गिरावट के साथ मिलकर कंपनी के वैश्विक आंकड़ों को काफी प्रभावित किया। टोयोटा के कुल बिक्री आंकड़ों में उसकी लग्जरी ब्रांड लेक्सस की बिक्री भी शामिल है।

जापान ने दी राहत

जब चीन, अमेरिका और मध्य पूर्व जैसे महत्वपूर्ण बाजारों में बिक्री कमजोर रही, तब जापान टोयोटा के लिए राहत की खबर लेकर आया। जुलाई में जापान में कंपनी की बिक्री पिछले साल की तुलना में 11 प्रतिशत बढ़ी। हालांकि जापान की मजबूत बिक्री चीन और मध्य पूर्व में हुए नुकसान की पूरी भरपाई नहीं कर सकी, लेकिन इसने कंपनी की वैश्विक गिरावट को कुछ हद तक संभालने में मदद जरूर की। उत्पादन के मोर्चे पर भी जापान का प्रदर्शन मजबूत रहा और वहां उत्पादन 12.4 प्रतिशत बढ़ा।

जापान से निर्यात ने भी बनाया रिकॉर्ड

टोयोटा के लिए जापान से वाहनों का निर्यात भी सकारात्मक रहा। जुलाई में जापान से कंपनी का निर्यात 10.2 प्रतिशत बढ़कर 1,96,000 से कुछ अधिक वाहनों तक पहुंच गया। यह लगातार तीसरा महीना रहा जब जापान से टोयोटा का निर्यात बढ़ा। इतना ही नहीं, जुलाई का निर्यात स्तर अक्टूबर के बाद का सबसे ऊंचा स्तर रहा। ऐसे समय में जब कई अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बिक्री कमजोर है, जापान से बढ़ता निर्यात कंपनी के लिए महत्वपूर्ण सहारा बनकर सामने आया है।

ऑटो बाजार में बदल रही तस्वीर

टोयोटा के जुलाई के आंकड़े दुनिया के ऑटोमोबाइल बाजार में बदलती तस्वीर की ओर भी इशारा करते हैं। चीन में पेट्रोल की बढ़ती कीमतों और कमजोर मांग के अलावा वहां वाहन कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा भी काफी तेज है। दूसरी तरफ अमेरिका में वाहन बाजार अपनी अलग चुनौतियों से गुजर रहा है, जबकि मध्य पूर्व में भारी गिरावट ने क्षेत्रीय परिस्थितियों के असर को सामने रखा है। इसी दौरान जापान में बिक्री और उत्पादन का मजबूत होना बताता है कि कंपनियों का प्रदर्शन अब केवल वैश्विक स्तर पर नहीं, बल्कि हर बाजार की स्थानीय परिस्थितियों पर तेजी से निर्भर हो रहा है।

हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती भूमिका

ऑटो उद्योग में एक और बड़ा बदलाव यह है कि ग्राहक पारंपरिक पेट्रोल वाहनों के साथ-साथ हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों को भी तेजी से देख रहे हैं। टोयोटा लंबे समय से हाइब्रिड तकनीक पर जोर देती रही है, लेकिन चीन जैसे बाजार में स्थानीय वाहन निर्माताओं की मजबूत मौजूदगी और बदलती ग्राहक पसंद ने प्रतिस्पर्धा को और कठिन बना दिया है। कंपनी के लिए आने वाले समय में यह महत्वपूर्ण होगा कि वह अलग-अलग देशों में ग्राहकों की बदलती जरूरतों के अनुसार अपने मॉडल और तकनीक को कितनी तेजी से आगे बढ़ाती है।

आगे टोयोटा के सामने बड़ी चुनौती

जुलाई के आंकड़े टोयोटा के लिए किसी एक बाजार की समस्या नहीं, बल्कि कई महत्वपूर्ण बाजारों में एक साथ पैदा हुई चुनौती को दिखाते हैं। चीन में लगातार छठे महीने बिक्री का गिरना, अमेरिका में हल्की कमजोरी और मध्य पूर्व में भारी गिरावट ने कंपनी की वैश्विक बिक्री को नीचे खींचा है। हालांकि जापान में मजबूत बिक्री, बढ़ता उत्पादन और निर्यात कंपनी के लिए उम्मीद की किरण हैं। अब सबसे बड़ी नजर इस बात पर रहेगी कि टोयोटा चीन जैसे बड़े बाजार में गिरती बिक्री को कैसे संभालती है और बदलती वैश्विक मांग के बीच अपनी उत्पादन तथा सप्लाई रणनीति में किस तरह बदलाव करती है। फिलहाल जुलाई के आंकड़े यह साफ संदेश दे रहे हैं कि दुनिया की बड़ी ऑटो कंपनियों के लिए सिर्फ ज्यादा वाहन बनाना ही पर्याप्त नहीं है—बदलती कीमतों, ग्राहक पसंद और क्षेत्रीय बाजारों के हिसाब से खुद को तेजी से बदलना भी उतना ही जरूरी हो गया है।

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