अंतरराष्ट्रीय/ट्रैवल | एबीसी नेशनल न्यूज़ | नई दिल्ली | 28 अगस्त 2026
स्पेन—जहां छुट्टी सिर्फ घूमना नहीं, जिंदगी को महसूस करना है
स्पेन उन देशों में शामिल है जहां यात्रा केवल ऐतिहासिक इमारतें देखने, समुद्र किनारे तस्वीरें खिंचवाने या मशहूर खाना खाने का नाम नहीं है। यहां की असली खूबसूरती इसकी जीवनशैली में छिपी है। लंबे लंच, देर रात का खाना, खुले चौक, सड़क किनारे कैफे, संगीत, नृत्य, फुटबॉल, समुद्र, पुराने शहर और लोगों का मिलनसार अंदाज—ये सब मिलकर स्पेन को ऐसा देश बनाते हैं जिसे केवल देखा नहीं, बल्कि महसूस किया जाता है। भारत से जाने वाले पर्यटकों के लिए स्पेन इसलिए भी खास है क्योंकि एक ही यात्रा में इतिहास, कला, वास्तुकला, समुद्र, खान-पान और आधुनिक शहरों का अनुभव मिल सकता है। 2026 में 7 से 10 दिन की एक सामान्य स्पेन यात्रा के लिए उड़ान, वीजा, होटल, भोजन, स्थानीय परिवहन और घूमने-फिरने को मिलाकर लगभग 1.2 लाख से 2.5 लाख रुपये प्रति व्यक्ति का शुरुआती बजट रखा जा सकता है। हालांकि होटल की श्रेणी, मौसम, उड़ान की कीमत और कितने शहर देखने हैं, इसके अनुसार खर्च काफी बढ़ या घट सकता है।
स्पेन पहुंचते ही सबसे पहले समझिए—यहां जिंदगी की रफ्तार अलग है
भारत से स्पेन पहुंचने वाले पर्यटकों को यहां की समय-सारणी शुरुआत में थोड़ी अलग लग सकती है। यहां दोपहर का खाना भारत की तुलना में देर से और रात का खाना भी काफी देर से खाने की आदत है। शाम ढलने के बाद शहरों की रौनक बढ़ती जाती है और कई लोग रात 9 बजे या उसके बाद भोजन करते हैं। दोपहर की तेज धूप से बचने की पुरानी आदत ने भी यहां की दिनचर्या को प्रभावित किया है। हालांकि बड़े शहरों में पारंपरिक सिएस्ता अब पहले जैसी सामान्य नहीं रही, लेकिन दोपहर की गर्मी और देर से खाने की संस्कृति आज भी दिखाई देती है। इसलिए भारतीय पर्यटकों के लिए बेहतर होगा कि सुबह दर्शनीय स्थलों को देखें, दोपहर में थोड़ा आराम करें और शाम से रात तक शहर की असली जिंदगी का आनंद लें।
कतार दिखाई न दे तो परेशान मत होइए, पूछिए—“एल उल्तिमो?”
स्पेन में बाजार, बेकरी, फार्मेसी या छोटी दुकान पर आपको कभी-कभी कोई सीधी-साफ कतार दिखाई नहीं देगी। लोग अलग-अलग जगह खड़े नजर आ सकते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वहां कोई व्यवस्था नहीं है। अक्सर लोग अपनी बारी तय करने के लिए एक-दूसरे से पूछते हैं—“एल उल्तिमो?”, यानी “आखिरी कौन है?” जिस व्यक्ति को आखिरी बताया जाए, उसके बाद आपकी बारी मानी जाएगी। इसके बाद आप दुकान में सामान देखते हुए थोड़ा इधर-उधर जा सकते हैं, लेकिन अपनी बारी का ध्यान रखना होगा। भारतीय पर्यटक पहली बार इसे देखकर थोड़ा चौंक सकते हैं, लेकिन कुछ ही देर में यह व्यवस्था समझ में आने लगती है। बस इतना याद रखिए—आपसे भी कोई आकर पूछ सकता है, “एल उल्तिमो?”
खाना खत्म हुआ तो कहानी खत्म नहीं हुई—स्पेन में है सोबरेमेसा
स्पेन की सबसे दिलचस्प सामाजिक परंपराओं में से एक है सोबरेमेसा। इसका सीधा मतलब है खाना खत्म होने के बाद भी मेज पर बैठकर बातचीत करते रहना। लोग खाना खा चुके होते हैं, लेकिन बातचीत जारी रहती है। कॉफी आ सकती है, कोई दूसरा पेय भी आ सकता है और दोस्त या परिवार काफी देर तक साथ बैठे रह सकते हैं। भारतीय संस्कृति में भी भोजन को अक्सर केवल पेट भरने का माध्यम नहीं, बल्कि साथ बैठने और बातचीत करने का समय माना जाता है। इसलिए यह परंपरा भारतीय यात्रियों को काफी अपनी-सी लग सकती है। स्पेन के किसी रेस्तरां में भोजन खत्म होते ही बिल मांगने की जल्दबाजी करने के बजाय कुछ देर बैठकर माहौल का आनंद लेना स्थानीय जीवन को समझने का शानदार तरीका है।
सबसे बड़ा खान-पान का सबक—पैएला रात में नहीं, दोपहर में आजमाइए
भारत से स्पेन जाने वाले पर्यटकों की सूची में पैएला, तपास और सांगरिया लगभग तय होते हैं। लेकिन स्पेन के स्थानीय खान-पान को समझना हो तो केवल इन तीन चीजों तक सीमित रहना सही नहीं होगा। पैएला का संबंध खास तौर पर वेलेंसिया से है और स्थानीय परंपरा में इसे आम तौर पर दोपहर के भोजन में खाना ज्यादा पसंद किया जाता है। रात में इसे खाने के बजाय हल्का स्थानीय भोजन चुनना बेहतर अनुभव हो सकता है। इसी तरह तपास का स्वाद और रूप शहर तथा क्षेत्र के साथ बदलता है। बास्क क्षेत्र में जाएं तो पिंचोस जरूर आजमाएं। ठंड के मौसम में मैड्रिड का कोसिदो और गर्मियों में अंदालूसिया का ठंडा गास्पाचो आपकी यात्रा के स्वाद को बिल्कुल अलग बना सकता है। यानी स्पेन का खाना केवल एक राष्ट्रीय स्वाद नहीं है—हर क्षेत्र की अपनी पाक पहचान है।
पर्यटक वाली तस्वीर देखकर नहीं, स्थानीय लोगों को देखकर रेस्तरां चुनिए
स्पेन में अच्छा और अपेक्षाकृत किफायती भोजन करने का एक शानदार तरीका है मेनू डेल दिया, यानी दिन का तय मेनू। खासकर सप्ताह के दिनों में दोपहर के समय स्थानीय रेस्तरां में यह विकल्प मिल सकता है। उपलब्ध यात्रा बजट अनुमानों के अनुसार मैड्रिड में यह लगभग 12 से 15 यूरो और वेलेंसिया में करीब 10 से 13 यूरो के आसपास मिल सकता है, जबकि बार्सिलोना में कीमत कुछ अधिक हो सकती है। बहुत ज्यादा पर्यटकों से भरी जगहों के बजाय उन रेस्तरां को तलाशना उपयोगी होता है जहां स्थानीय लोग बड़ी संख्या में खाना खाते दिखाई दें। यदि बाहर लगा मेनू बहुत ज्यादा पर्यटक-केंद्रित हो या केवल तस्वीरों से भरा हो, तो थोड़ा आगे बढ़कर किसी स्थानीय इलाके में जाना कई बार बेहतर स्वाद और बेहतर कीमत दोनों दे सकता है।
भारत से पहली बार जा रहे हैं तो मैड्रिड से शुरू करना समझदारी हो सकती है
मैड्रिड स्पेन की राजधानी होने के साथ-साथ इतिहास, कला, संग्रहालय, शाही विरासत, बाजार और आधुनिक शहर की जिंदगी का शानदार मेल है। प्राडो संग्रहालय, रॉयल पैलेस, ग्रान विया, रेटिरो पार्क और प्लाजा मेयर यहां की यात्रा में शामिल किए जा सकते हैं। शहर में केवल संग्रहालयों और इमारतों को देखने के बजाय शाम के समय गलियों और चौकों में घूमना भी अपने आप में अनुभव है। मैड्रिड से टोलेडो की एक दिन की यात्रा भी की जा सकती है। पुराना शहर, ऐतिहासिक गलियां और अलग-अलग सांस्कृतिक प्रभावों वाली वास्तुकला इसे बेहद खास बनाती है। मध्यम बजट वाले यात्री के लिए मैड्रिड में प्रतिदिन लगभग 100 से 140 यूरो का बजट रखना एक उपयोगी शुरुआती अनुमान हो सकता है।
बार्सिलोना—जहां गौड़ी की कल्पना और समुद्र साथ-साथ चलते हैं
बार्सिलोना पहली स्पेन यात्रा का शायद सबसे रोमांचक पड़ाव हो सकता है। यहां सग्रादा फमिलिया, पार्क गुएल, गॉथिक क्वार्टर, ला रांबला और समुद्र तट जैसे अनुभव एक ही शहर में मिलते हैं। वास्तुकार एंतोनी गौड़ी की अनोखी वास्तुकला बार्सिलोना को यूरोप के दूसरे शहरों से अलग पहचान देती है। यहां इतिहास और आधुनिकता एक-दूसरे के बिल्कुल करीब दिखाई देते हैं। लेकिन एक बात ध्यान में रखें—बार्सिलोना स्पेन के महंगे पर्यटन शहरों में शामिल है। मध्यम स्तर के पर्यटक के लिए यहां लगभग 120 से 160 यूरो प्रतिदिन का बजट रखना व्यावहारिक हो सकता है। होटल और प्रमुख आकर्षणों की कीमत मौसम के अनुसार काफी बदल सकती है, इसलिए लोकप्रिय तारीखों में पहले से बुकिंग करना बेहतर रहेगा।
वेलेंसिया—पैएला, समुद्र और सुकून का खूबसूरत मेल
अगर आप स्पेन का ऐसा शहर चाहते हैं जहां समुद्र, इतिहास, खाना और आधुनिकता सब मिले, लेकिन बार्सिलोना जैसी लगातार भागदौड़ और कीमतें न हों, तो वेलेंसिया पर जरूर विचार करें। यही वह शहर है जिसे पैएला की जन्मभूमि माना जाता है। यहां पुराने शहर की गलियां हैं, समुद्र तट हैं और आधुनिक वास्तुकला भी है। वेलेंसिया में मध्यम बजट वाले पर्यटक के लिए लगभग 65 से 95 यूरो प्रतिदिन का शुरुआती बजट रखा जा सकता है। भारतीय यात्रियों के लिए यह शहर खास इसलिए भी हो सकता है क्योंकि यहां स्पेन की स्थानीय जिंदगी को अपेक्षाकृत आराम से महसूस किया जा सकता है। सुबह शहर की गलियों में घूमना, दोपहर में असली पैएला खाना और शाम समुद्र किनारे बिताना—एक दिन का शानदार स्पेनिश अनुभव बन सकता है।
सेविल और ग्रानादा—स्पेन के इतिहास की एक अलग कहानी
अगर आपकी रुचि इतिहास, संस्कृति, वास्तुकला और पुरानी सभ्यताओं के मेल में है तो सेविल और ग्रानादा को यात्रा में जरूर जगह दें। अंदालूसिया का यह इलाका स्पेन के लंबे और विविध इतिहास की कई परतें खोलता है। ग्रानादा का अल्हाम्ब्रा दुनिया के प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्थलों में गिना जाता है। सेविल की पुरानी गलियां, चौक, इमारतें और स्थानीय संस्कृति आपको स्पेन का बिल्कुल अलग चेहरा दिखाती हैं। मध्यम बजट में इन शहरों के लिए लगभग 70 से 100 यूरो प्रतिदिन का शुरुआती अनुमान रखा जा सकता है। खासकर अल्हाम्ब्रा जैसे लोकप्रिय स्थल के लिए टिकट पहले से लेना समझदारी होगी, क्योंकि आखिरी समय पर उपलब्धता मुश्किल हो सकती है।
अगर 8 दिन हैं तो ऐसे बन सकती है शानदार स्पेन यात्रा
पहली यात्रा के लिए 8 दिन का एक संतुलित कार्यक्रम बनाया जा सकता है। पहले दो दिन मैड्रिड को दें और शहर के प्रमुख ऐतिहासिक तथा सांस्कृतिक स्थलों को देखें। तीसरे दिन टोलेडो की दिनभर की यात्रा करें। चौथे दिन सेविल पहुंचकर पुराने शहर और स्थानीय संस्कृति का आनंद लें। पांचवें दिन ग्रानादा जाएं और अल्हाम्ब्रा के लिए पर्याप्त समय रखें। छठे दिन वेलेंसिया की ओर बढ़ें और शाम को शहर तथा समुद्र तट का अनुभव लें। सातवें और आठवें दिन बार्सिलोना में रखें और सग्रादा फमिलिया, पार्क गुएल, गॉथिक क्वार्टर तथा समुद्र किनारे का आनंद लें। हालांकि यह कार्यक्रम थोड़ा तेज है। यदि आपके पास 10 दिन हैं तो प्रत्येक शहर में ज्यादा समय देकर यात्रा को आरामदायक बनाया जा सकता है। बहुत ज्यादा शहर एक साथ जोड़ने के बजाय कम शहरों में थोड़ा ज्यादा समय बिताना स्पेन के लिए बेहतर रणनीति है।
7 से 10 दिन की यात्रा के लिए कितना बजट रखें?
भारत से स्पेन जाने वाले एक यात्री के लिए 7 से 10 दिन की यात्रा का कुल शुरुआती बजट लगभग 1.2 लाख से 2.5 लाख रुपये प्रति व्यक्ति रखा जा सकता है। वापसी की अंतरराष्ट्रीय उड़ान में लगभग 75 हजार से 1.20 लाख रुपये या उससे अधिक लग सकते हैं। मध्यम स्तर के होटल में एक रात के लिए लगभग 4,500 से 15,000 रुपये या उससे अधिक खर्च हो सकता है। भोजन के लिए प्रतिदिन लगभग 2,000 से 5,000 रुपये का बजट रखा जा सकता है। इसके अलावा शहरों के बीच ट्रेन या उड़ान, स्थानीय मेट्रो और बस, संग्रहालयों व पर्यटन स्थलों के टिकट, यात्रा बीमा और व्यक्तिगत खरीदारी का खर्च अलग से जोड़ना चाहिए। अगर दो लोग एक कमरा साझा करते हैं तो प्रति व्यक्ति होटल का खर्च काफी कम किया जा सकता है। वहीं जुलाई-अगस्त जैसे व्यस्त समय या बड़े आयोजनों के दौरान होटल और उड़ान दोनों महंगे हो सकते हैं।
खर्च कम करना है तो तीन शहरों वाली यात्रा ज्यादा समझदार हो सकती है
अगर बजट सीमित है तो हर शहर को यात्रा में ठूंसने की जरूरत नहीं है। पहली बार जाने वाले भारतीय पर्यटक मैड्रिड + वेलेंसिया + बार्सिलोना जैसी यात्रा भी बना सकते हैं। इससे यात्रा में राजधानी का इतिहास, वेलेंसिया का स्थानीय स्पेन और समुद्र तथा बार्सिलोना की वास्तुकला—तीनों का संतुलन मिल जाता है। दूसरी ओर अगर इतिहास और संस्कृति आपकी प्राथमिकता है तो मैड्रिड + सेविल + ग्रानादा + बार्सिलोना ज्यादा दिलचस्प संयोजन हो सकता है। यात्रा के बीच ट्रेन का इस्तेमाल कई मार्गों पर सुविधाजनक हो सकता है। हर बार विमान लेना जरूरी नहीं है। शहरों के बीच तेज ट्रेन से यात्रा करने पर समय भी बच सकता है और एयरपोर्ट की अतिरिक्त भागदौड़ भी कम होती है।
वीजा के लिए क्या तैयार रखें?
भारत से स्पेन जाने वाले यात्रियों को आम तौर पर शेंगेन शॉर्ट-स्टे वीजा की जरूरत होगी। आवेदन के लिए पासपोर्ट, यात्रा की योजना, होटल बुकिंग, आर्थिक स्थिति से जुड़े दस्तावेज, यात्रा बीमा और अन्य आवश्यक कागजात तैयार रखने होते हैं। वीजा शुल्क समय और विनिमय दर के अनुसार बदल सकता है। आवेदन से पहले भारत में स्पेन के आधिकारिक वीजा आवेदन केंद्र से वर्तमान शुल्क, दस्तावेजों और प्रक्रिया की जानकारी जरूर जांचें। यात्रा बीमा भी आवश्यक दस्तावेजों में शामिल होता है। वीजा प्रक्रिया के लिए आखिरी समय तक इंतजार करने के बजाय यात्रा से पर्याप्त पहले तैयारी शुरू करना बेहतर रहेगा।
भारतीय पर्यटकों के लिए स्पेन में क्या-क्या खास रहेगा?
भारतीय यात्रियों के लिए स्पेन की सबसे बड़ी खासियत इसकी विविधता है। मैड्रिड में कला और इतिहास, बार्सिलोना में गौड़ी की वास्तुकला और समुद्र, वेलेंसिया में पैएला और समुद्र तट, सेविल में अंदालूसियाई संस्कृति और ग्रानादा में अल्हाम्ब्रा—एक ही देश में अनुभवों की इतनी विविधता कम यात्राओं में मिलती है। इसके अलावा बड़े शहरों में शाकाहारी भोजन के विकल्प और भारतीय रेस्तरां भी मिल जाते हैं। भारतीय पर्यटकों को यहां की देर रात तक चलने वाली सामाजिक जिंदगी भी दिलचस्प लग सकती है। खुले चौक, कैफे, बाजार और शाम को परिवारों तथा युवाओं की भीड़ स्पेन को केवल दर्शनीय स्थलों का देश नहीं रहने देती, बल्कि इसे एक जीवंत सामाजिक अनुभव बना देती है।
भारतीयों के लिए एक और खास बात—स्पेन की संस्कृति को महसूस करना आसान है
भारत और स्पेन भले ही भौगोलिक रूप से बहुत दूर हैं, लेकिन दोनों समाजों में सार्वजनिक जीवन और भोजन को लेकर कुछ दिलचस्प समानताएं दिखाई दे सकती हैं। लोग परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताना पसंद करते हैं, खाने को सामाजिक अनुभव मानते हैं और सार्वजनिक चौक तथा बाजार सामाजिक जीवन का हिस्सा हैं। भारतीय पर्यटक अगर केवल होटल से पर्यटन स्थल और फिर होटल तक सीमित न रहें, बल्कि शाम को स्थानीय चौक में बैठें, बाजार घूमें और स्थानीय लोगों को देखें, तो स्पेन का अनुभव कहीं ज्यादा गहरा हो सकता है।
स्पेन में ये पांच गलतियां बिल्कुल न करें
सबसे पहली गलती होगी हर जगह सिर्फ पैएला और सांगरिया तलाशते रहना। दूसरी गलती होगी दोपहर की तेज धूप में बिना आराम किए लगातार घूमना। तीसरी गलती होगी यह मान लेना कि शाम 7 बजे हर स्थानीय रेस्तरां में रात का खाना शुरू हो जाएगा। चौथी गलती होगी केवल मुख्य पर्यटन सड़कों पर खाना और खरीदारी करना। पांचवीं और सबसे बड़ी गलती होगी एक ही यात्रा में इतने शहर जोड़ देना कि हर दिन सिर्फ होटल बदलने और सामान उठाने में निकल जाए। स्पेन को जल्दी-जल्दी “पूरा” करने की कोशिश न करें। यहां की गलियां, चौक, कैफे, बाजार और शाम की जिंदगी ही यात्रा का बड़ा हिस्सा हैं।
कुछ स्पेनिश शब्द याद कर लिए तो सफर और आसान हो जाएगा
स्पेन जाने से पहले कुछ छोटे-छोटे शब्द याद कर लेना काफी उपयोगी हो सकता है। “होला” यानी नमस्ते, “ग्रासियास” यानी धन्यवाद, “पोर फावोर” यानी कृपया, “पेरदोन” यानी माफ कीजिए और “एल उल्तिमो?” यानी आखिरी कौन है? ये शब्द आपको रोजमर्रा की छोटी बातचीत में मदद करेंगे। बड़े पर्यटन शहरों में अंग्रेजी से काफी काम चल सकता है, लेकिन छोटे शहरों और स्थानीय दुकानों में अपनी कोशिश से स्पेनिश बोलना लोगों के साथ संवाद को आसान बना सकता है।
सबसे अच्छा समय—मौसम, भीड़ और बजट तीनों का संतुलन जरूरी
अगर आपका उद्देश्य कम भीड़ और अपेक्षाकृत बेहतर कीमतों के साथ स्पेन देखना है तो अप्रैल-मई या सितंबर-अक्टूबर अच्छे विकल्प हो सकते हैं। गर्मियों के चरम महीनों में समुद्र तट और पर्यटन स्थल बेहद लोकप्रिय होते हैं और होटल महंगे हो सकते हैं। दूसरी ओर नवंबर से मार्च के बीच कई जगहों पर खर्च अपेक्षाकृत कम हो सकता है, लेकिन मौसम के अनुसार यात्रा कार्यक्रम बदलना पड़ सकता है। यदि समुद्र तट आपकी प्राथमिकता है तो गर्मियों का अनुभव अलग होगा, जबकि शहर, संग्रहालय और ऐतिहासिक स्थलों की यात्रा के लिए हल्का मौसम ज्यादा आरामदायक हो सकता है।
यात्रा की योजना बनाते समय सबसे पहले उड़ान नहीं, पूरा रास्ता तय करें
स्पेन यात्रा की योजना बनाने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि पहले तय करें कि आपके पास कितने दिन हैं और आप किन चीजों को प्राथमिकता देना चाहते हैं। अगर इतिहास पसंद है तो मैड्रिड, टोलेडो, सेविल और ग्रानादा को ज्यादा समय दें। अगर समुद्र और आधुनिक शहर पसंद हैं तो बार्सिलोना और वेलेंसिया को प्राथमिकता दें। इसके बाद शहरों का क्रम तय करें और फिर अंतरराष्ट्रीय उड़ान खोजें। होटल शहर के बिल्कुल सबसे महंगे पर्यटन केंद्र में लेने के बजाय मेट्रो या ट्रेन से जुड़े अच्छे इलाके में लेना कई बार काफी सस्ता पड़ सकता है। प्रमुख आकर्षणों के टिकट पहले से लेने और शहरों के बीच यात्रा की बुकिंग समय रहते करने से अंतिम समय के खर्च से बचा जा सकता है।
स्पेन घूमने का असली मजा—पर्यटक नहीं, यात्री बनकर जाएं
स्पेन को यादगार बनाने का सबसे अच्छा तरीका है कि वहां केवल मशहूर जगहों की सूची पूरी करने न जाएं। सुबह किसी पुराने चौक में कॉफी पीजिए, दोपहर में स्थानीय मेनू डेल दिया का स्वाद लीजिए, शाम को किसी ऐतिहासिक गली में घूमिए, स्थानीय बाजार में जाइए, समुद्र किनारे बैठिए और रात में उस शहर की जिंदगी को महसूस कीजिए। अगर दुकान में कतार दिखाई न दे तो “एल उल्तिमो?” पूछना याद रखिए। खाना खत्म होने के बाद तुरंत उठने के बजाय थोड़ी देर सोबरेमेसा का आनंद लीजिए। वेलेंसिया में पैएला मिले तो उसे रात के बजाय दोपहर में आजमाइए। और सबसे जरूरी—हर शहर को जल्दी-जल्दी न निपटाएं।
स्पेन की असली खूबसूरती कैमरे में नहीं, अनुभव में कैद होती है
बार्सिलोना की इमारतें और मैड्रिड के संग्रहालय निश्चित रूप से यात्रा की तस्वीरों को खूबसूरत बनाएंगे, लेकिन स्पेन की असली याद शायद किसी छोटे चौक में बैठे हुए आएगी, जहां आसपास के लोग आराम से बातचीत कर रहे हों; किसी स्थानीय रेस्तरां में मिले गर्मजोशी भरे भोजन से आएगी; किसी पुराने शहर की संकरी गली में अचानक सामने आए खूबसूरत भवन से आएगी या फिर समुद्र किनारे बैठकर डूबते सूरज को देखने से। स्पेन को सिर्फ घूमना नहीं है—उसे उसकी रफ्तार में जीना है। यही वह अनुभव है जो एक साधारण विदेश यात्रा को जीवन भर याद रहने वाली यात्रा में बदल सकता है।




