राष्ट्रीय/झारखंड/शिक्षा | ABC NATIONAL NEWS | रांची | 10 अगस्त 2026
झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन आज सोमवार को विधानसभा घेराव के साथ और तेज होने जा रहा है। रविवार को सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच करीब छह घंटे चली बातचीत के बाद सरकार ने 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा तथा 2023 और 2025 की JPSC बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द करने पर सहमति जताई, लेकिन छात्रों ने आंदोलन खत्म करने से इनकार कर दिया। छात्रों की सबसे बड़ी मांग JSSC-CGL परीक्षा की CBI जांच है और इसी मुद्दे पर सरकार तथा आंदोलनकारी अभ्यर्थियों के बीच गतिरोध बना हुआ है।
छात्र नेताओं ने साफ कर दिया है कि सोमवार का विधानसभा घेराव शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा और CBI जांच की मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं प्रशासन ने विधानसभा और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। रांची पुलिस का कहना है कि बड़ी संख्या में छात्रों के पहुंचने की संभावना है और एहतियात के तौर पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
JPSC परीक्षा रद्द, लेकिन आंदोलन खत्म नहीं
रविवार की बातचीत में सरकार ने 14वीं JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा के साथ 2023 और 2025 की बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द करने पर सहमति दी। भर्ती प्रक्रिया में सुधार से जुड़ी कुछ अन्य मांगों पर भी सरकार ने कदम उठाने का आश्वासन दिया।
लेकिन छात्रों के लिए यह फैसला आंदोलन खत्म करने के लिए पर्याप्त नहीं है। उनका कहना है कि JSSC-CGL परीक्षा में गड़बड़ियों की CBI जांच होनी चाहिए। सरकार ने इसके बदले सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में न्यायिक जांच का प्रस्ताव दिया है। इसी मुद्दे पर बातचीत किसी अंतिम समाधान तक नहीं पहुंच सकी।
आज विधानसभा तक मार्च, पुलिस अलर्ट
छात्र संगठनों ने आज विधानसभा घेराव का कार्यक्रम जारी रखा है। छात्र नेता कुणाल ने कहा है कि आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन CBI जांच की मांग से समझौता नहीं किया जाएगा।
प्रशासन ने भी विधानसभा के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है। पहले से ही प्रदर्शन को देखते हुए निषेधात्मक आदेश और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई थी।
रांची सिटी एसपी पारस राणा ने कहा है कि यदि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहता है तो पुलिस किसी को परेशान नहीं करेगी। हालांकि हिंसा या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश होने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पैलेट गन के वीडियो पर पुलिस की सफाई
विधानसभा घेराव से पहले सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में सुरक्षा कर्मियों के पास कथित पैलेट गन दिखाई देने को लेकर सवाल उठे। रांची पुलिस ने सफाई देते हुए कहा कि वीडियो में दिखाई दे रही चीज पेंटबॉल गन है, पैलेट गन नहीं।
पुलिस के मुताबिक पेंटबॉल गन से नरम रंगीन गेंदें निकलती हैं, जिनका इस्तेमाल किसी व्यक्ति को चिह्नित करने के लिए किया जा सकता है। पुलिस ने यह भी कहा कि यदि पैलेट गन कहीं मौजूद है तो उसका इस्तेमाल केवल आपात स्थिति में किया जाएगा।
अब छात्रों के आज के मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच समन्वय महत्वपूर्ण रहेगा।
तीन JPSC सदस्यों का इस्तीफा भी स्वीकार
छात्र आंदोलन के बीच JPSC के तीन सदस्यों—अजिता भट्टाचार्य, अनीमा हांसदा और जमाल अहमद—के इस्तीफे भी स्वीकार कर लिए गए हैं। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने रविवार को इनके इस्तीफों को मंजूरी दी।
एक साथ तीन सदस्यों के इस्तीफे और परीक्षाओं को लेकर उठे सवालों ने झारखंड की भर्ती व्यवस्था पर बहस को और गहरा कर दिया है। छात्रों का कहना है कि केवल परीक्षाएं रद्द करना पर्याप्त नहीं है; भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए व्यापक सुधार जरूरी हैं।
सरकार के सामने दोहरी चुनौती
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रदर्शनकारी छात्रों को भरोसा दिलाया है कि न्याय पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाएगा। सरकार ने छात्रों की कुछ महत्वपूर्ण मांगों पर कदम भी उठाए हैं, लेकिन CBI जांच को लेकर स्थिति अब भी स्पष्ट नहीं हुई है।
यही वजह है कि सरकार के सामने आज दोहरी चुनौती है—एक तरफ छात्रों की मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से सुनना और दूसरी तरफ विधानसभा की सुरक्षा तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखना।
सवाल सिर्फ परीक्षा का नहीं, युवाओं के भरोसे का
JPSC-JSSC विवाद अब केवल परीक्षा रद्द करने या किसी एक भर्ती प्रक्रिया की जांच तक सीमित नहीं है। इसके केंद्र में राज्य के हजारों-लाखों युवाओं का भर्ती व्यवस्था पर भरोसा है।
सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले अभ्यर्थी वर्षों तक पढ़ाई करते हैं। परीक्षा में कथित अनियमितता, पेपर लीक, परिणाम में देरी या परीक्षा रद्द होने से उनका समय, पैसा और करियर प्रभावित होता है। इसलिए छात्रों की मांग है कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिसमें परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठने की गुंजाइश कम से कम हो।
आज का विधानसभा घेराव इसी लंबे आंदोलन का महत्वपूर्ण पड़ाव है। सरकार ने JPSC की कुछ परीक्षाओं को रद्द करने पर सहमति देकर एक कदम आगे बढ़ाया है, लेकिन JSSC-CGL की CBI जांच पर छात्र अब भी अड़े हैं। ऐसे में आज की नजर सिर्फ विधानसभा के बाहर जुटने वाली भीड़ पर नहीं, बल्कि इस बात पर भी रहेगी कि सरकार और छात्रों के बीच बातचीत से समाधान निकलता है या आंदोलन और लंबा खिंचता है।




