स्वास्थ्य/ लाइफस्टाइल/ यूथ/ विमेन | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 2 अगस्त 2026
स्वस्थ यौन जीवन को अक्सर इस बात से जोड़कर देखा जाता है कि कोई जोड़ा कितनी बार शारीरिक संबंध बनाता है। लेकिन महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार यह सोच अधूरी है। अच्छे यौन जीवन का कोई तय आंकड़ा नहीं होता। ज्यादा महत्वपूर्ण है कि दोनों साथी रिश्ते में कितना सहज महसूस करते हैं, उनके बीच कितना भरोसा और अपनापन है और शारीरिक संबंध दोनों की सहमति तथा संतुष्टि से बन रहे हैं या नहीं।
कितनी बार सेक्स करते हैं, इसका कोई ‘सही नंबर’ नहीं
हर व्यक्ति और हर रिश्ते में यौन इच्छा अलग होती है। समय के साथ इसमें बदलाव आना भी सामान्य है। काम का दबाव, बच्चों की जिम्मेदारी, थकान, उम्र, हार्मोन और रोजमर्रा का तनाव यौन इच्छा को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए दूसरे लोगों से तुलना करके यह सोचना कि सप्ताह या महीने में कितनी बार संबंध बनाना ‘सामान्य’ है, बेवजह दबाव पैदा कर सकता है। हालांकि यदि यौन इच्छा में अचानक या परेशान करने वाली कमी आए अथवा संबंध बनाते समय लगातार दर्द हो, तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय डॉक्टर से बात करनी चाहिए।
अच्छे रिश्ते की चाबी है खुलकर बातचीत
स्वस्थ अंतरंग रिश्ते में संवाद बेहद महत्वपूर्ण है। दोनों साथियों को एक-दूसरे से अपनी पसंद, नापसंद, सीमाओं और सहजता के बारे में खुलकर बात करनी चाहिए। कोई भी अंतरंग गतिविधि आपसी सहमति और आराम के साथ ही होनी चाहिए। कई बार रिश्ते में शारीरिक निकटता का अर्थ केवल संभोग नहीं होता। एक-दूसरे को गले लगाना, स्पर्श, साथ समय बिताना और भावनात्मक रूप से करीब होना भी अंतरंगता का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
व्यस्त जिंदगी में अंतरंगता के लिए समय निकालना गलत नहीं
काम, परिवार और दूसरी जिम्मेदारियों के बीच कई जोड़ों को एक-दूसरे के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाता। ऐसे में अंतरंगता के लिए समय तय करना भी उपयोगी हो सकता है। यह जरूरी नहीं कि हर रोमांटिक या अंतरंग पल अचानक ही पैदा हो। महत्वपूर्ण यह है कि दोनों साथी उस समय को लेकर सहज हों और किसी पर दबाव न हो।
सेक्स और सेहत के बीच भी है संबंध
यौन गतिविधि तनाव कम करने, आराम और बेहतर नींद जैसी चीजों से जुड़ी हो सकती है। शारीरिक गतिविधि की तरह सेक्स के दौरान भी हृदय गति बढ़ सकती है। कुछ शोध यौन संतुष्टि और स्वास्थ्य के कुछ सकारात्मक संकेतों के बीच संबंध बताते हैं, लेकिन सेक्स को हृदय रोग, अवसाद या दूसरी बीमारियों का इलाज समझना सही नहीं होगा। किसी बीमारी के इलाज का विकल्प नियमित यौन संबंध नहीं हैं।
दर्द हो रहा है तो उसे सामान्य मानकर न सहें
महिलाओं में संबंध के दौरान दर्द, योनि में अत्यधिक सूखापन या असहजता के पीछे कई कारण हो सकते हैं। खासकर मेनोपॉज के बाद एस्ट्रोजन कम होने से योनि के ऊतकों में सूखापन और बदलाव आ सकते हैं। ऐसी स्थिति में सेक्स असहज या दर्दनाक हो सकता है। लगातार समस्या होने पर स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है, क्योंकि कई मामलों में उपचार और राहत के विकल्प उपलब्ध होते हैं।
गर्भावस्था में सेक्स आमतौर पर सुरक्षित, लेकिन डॉक्टर की सलाह महत्वपूर्ण
सामान्य और बिना जटिलता वाली गर्भावस्था में अक्सर सेक्स सुरक्षित माना जाता है। लेकिन गर्भावस्था बढ़ने के साथ कुछ महिलाओं को असुविधा महसूस हो सकती है। ऐसी स्थिति में आराम और आपसी संवाद महत्वपूर्ण हैं। रक्तस्राव, तेज दर्द, पानी की थैली फटने, प्लेसेंटा संबंधी समस्या, समय से पहले प्रसव के जोखिम या डॉक्टर द्वारा सेक्स से बचने की सलाह जैसी परिस्थितियों में चिकित्सकीय निर्देश का पालन करना चाहिए।
सुरक्षित सेक्स को कभी न भूलें
स्वस्थ यौन जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा यौन संचारित संक्रमणों यानी STI से बचाव भी है। जरूरत के अनुसार कंडोम जैसे अवरोधक साधनों का इस्तेमाल और STI जांच संक्रमण के जोखिम को कम करने में मदद कर सकते हैं। कई संक्रमणों में शुरुआत में कोई लक्षण दिखाई नहीं देते, इसलिए जोखिम होने पर जांच महत्वपूर्ण हो सकती है।
महिलाओं की सेहत सिर्फ यौन स्वास्थ्य तक सीमित नहीं
महिलाओं के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच, उम्र और जोखिम के अनुसार सर्वाइकल तथा ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग, जरूरी टीकाकरण, संतुलित भोजन, व्यायाम और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना भी महत्वपूर्ण है। धूम्रपान से दूरी और शराब के सेवन को सीमित रखना कई बीमारियों के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि स्वस्थ यौन जीवन की कोई एक परिभाषा सभी लोगों पर लागू नहीं होती। इसकी बुनियाद संख्या या प्रदर्शन नहीं, बल्कि सहमति, सुरक्षा, संवाद, सहजता, अंतरंगता और दोनों साथियों की संतुष्टि है। और यदि सेक्स दर्द, डर या लगातार परेशानी का कारण बन रहा है, तो उसे चुपचाप सहने के बजाय योग्य डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है और व्यक्तिगत चिकित्सकीय सलाह का विकल्प नहीं है।




