लाइफस्टाइल/ स्वास्थ्य | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 2 अगस्त 2026
रात को आराम की नींद के लिए बिस्तर और तकिए का आरामदायक होना जरूरी है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस तकिए पर आप रोज करीब सात-आठ घंटे सिर रखकर सोते हैं, उसे आखिरी बार कब बदला था? फिजिशियन डॉ. कुणाल सूद के मुताबिक ज्यादातर तकियों को हर एक से दो साल के बीच बदल देना चाहिए। लंबे समय तक इस्तेमाल होने वाला तकिया केवल अपना आकार ही नहीं खोता, बल्कि उसमें पसीना, शरीर का तेल, मृत त्वचा और धूल के बेहद छोटे कण भी जमा होते रहते हैं।
सोते समय तकिए में जमा होती रहती है गंदगी
डॉ. सूद के अनुसार हम सोते समय अनजाने में बहुत कुछ अपने तकिए पर छोड़ जाते हैं। पसीना, त्वचा से निकलने वाला तेल और मृत त्वचा कोशिकाएं धीरे-धीरे तकिए में जमा होती रहती हैं। नियमित सफाई न होने पर यह तकिया देखने में साफ होने के बावजूद अंदर से उतना साफ नहीं रह जाता।
डस्ट माइट्स बढ़ा सकते हैं एलर्जी की परेशानी
तकिए में जमा मृत त्वचा कोशिकाएं डस्ट माइट्स के लिए भोजन का काम कर सकती हैं। इनके अवशेष कुछ लोगों में एलर्जी के लक्षण बढ़ा सकते हैं। इसका असर सुबह उठने पर नाक बंद होने, छींक आने या एलर्जी जैसी परेशानी के रूप में दिखाई दे सकता है। हालांकि हर व्यक्ति पर इसका असर एक जैसा हो, यह जरूरी नहीं है।
पुराना तकिया गर्दन को नहीं देता सही सहारा
समस्या केवल सफाई तक सीमित नहीं है। लगातार इस्तेमाल के कारण तकिया धीरे-धीरे दबने और चपटा होने लगता है। जब तकिया अपना मूल आकार खो देता है तो सिर और गर्दन को मिलने वाला सहारा भी कम हो सकता है। डॉ. सूद के मुताबिक कुछ लोगों में इसकी वजह से सुबह गर्दन में अकड़न या नींद की गुणवत्ता प्रभावित होने जैसी परेशानी हो सकती है।
हर हफ्ते धोएं तकिए का कवर
तकिए को साफ रखने का सबसे आसान तरीका उसके कवर को नियमित रूप से धोना है। डॉ. सूद के मुताबिक तकिए का कवर हर सप्ताह धोना और तकिए को उसकी सामग्री तथा निर्माता के निर्देशों के अनुसार समय-समय पर साफ करना उसमें जमा गंदगी को कम करने में मदद कर सकता है।
कब समझें कि अब नया तकिया चाहिए?
यदि तकिया बहुत ज्यादा चपटा हो चुका है, पहले जैसा आकार वापस नहीं ले रहा, सिर और गर्दन को पर्याप्त सहारा नहीं मिल रहा या लंबे समय से इस्तेमाल किया जा रहा है, तो उसे बदलने पर विचार किया जा सकता है। सामान्य तौर पर डॉ. सूद एक से दो साल में तकिया बदलने की सलाह देते हैं, हालांकि इसकी उम्र उसके मटेरियल और इस्तेमाल के तरीके पर भी निर्भर करती है।
एक साफ और सही आकार का तकिया सिर्फ आराम की चीज नहीं है। बेहतर नींद और सिर-गर्दन को उचित सहारा देने के लिए तकिए की सफाई और समय पर उसे बदलना भी आपकी रोजमर्रा की सेहत का छोटा लेकिन महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है।
यह जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी एलर्जी, गर्दन के दर्द या लगातार नींद संबंधी समस्या के लिए डॉक्टर की सलाह लेना उचित है।




