राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 2 अगस्त 2026
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने संसद परिसर में राम मंदिर के चंदे से जुड़े विवाद पर किए गए विपक्ष के नाट्य प्रदर्शन को लेकर दर्ज मामले पर बीजेपी को घेरा है। खेड़ा ने आरोप लगाया कि धार्मिक वेशभूषा को लेकर बीजेपी की आपत्ति चयनात्मक है और एक ही तरह की चीज को राजनीतिक परिस्थिति के हिसाब से अलग-अलग तरीके से देखा जा रहा है।
‘बीजेपी भी अजीब है’
पवन खेड़ा ने कहा, “बीजेपी भी अजीब है। साधु के वस्त्र चंदा चोर पहने, कोई और नहीं।” उन्होंने राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का उल्लेख करते हुए दावा किया कि अनिल मिश्रा उस दौरान साधु की वेशभूषा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास खड़े थे। खेड़ा ने अनिल मिश्रा को राम मंदिर के चंदे से जुड़े विवाद से जोड़ते हुए कहा कि उस समय किसी को सनातन धर्म या साधु-संतों का अपमान नजर नहीं आया।
हालांकि, चंदा विवाद में किसी व्यक्ति की कथित भूमिका से जुड़े आरोपों को स्वतंत्र रूप से सिद्ध तथ्य मानने के बजाय आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
‘जनप्रतिनिधि वही वस्त्र व्यंग्य के लिए पहने तो पाप हो गया’
खेड़ा ने संसद में हुए विपक्ष के प्रतीकात्मक प्रदर्शन का बचाव करते हुए बीजेपी पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “लेकिन वही वस्त्र एक जनप्रतिनिधि व्यंग्य के लिए पहने, तो पाप हो गया।”
उनका इशारा उस नाट्य प्रदर्शन की ओर था जिसमें सांसद पप्पू यादव ने पुजारी की वेशभूषा पहनकर राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़ी कथित गड़बड़ी पर व्यंग्य किया था। प्रदर्शन के बाद राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के खिलाफ वाराणसी में सनातन धर्म के कथित अपमान को लेकर मामला दर्ज होने की खबर सामने आई थी।
‘चंदा चोरी से पेपर लीक और बच्चों पर कार्रवाई तक सरकार घिरी’
कांग्रेस नेता ने इस विवाद को दूसरे राजनीतिक मुद्दों से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि “आज चंदा चोरी से लेकर पेपर लीक और बच्चों पर हुए दमन तक, हर मोर्चे पर इस सरकार की थू-थू हो रही है।”
खेड़ा का आरोप है कि इन मुद्दों पर सरकार से सवाल पूछे जाने के बीच विपक्षी नेताओं के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। छात्र प्रदर्शनों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर भी कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल लगातार केंद्र सरकार को घेर रहे हैं।
‘केस करके ध्यान भटकाने की कोशिश’
पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि विपक्ष के खिलाफ दर्ज किए जा रहे मामले असली मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाने की कोशिश हैं। उन्होंने कहा, “इसलिए अब असंगत केस करके ध्यान भटकाने और अपना उल्लू सीधा करने की कोशिश की जा रही है।”
कांग्रेस का तर्क है कि संसद परिसर में किया गया प्रदर्शन भगवान राम या सनातन धर्म के खिलाफ नहीं, बल्कि मंदिर के चढ़ावे से जुड़ी कथित गड़बड़ी पर राजनीतिक व्यंग्य था। वहीं इस प्रदर्शन का विरोध करने वाले पक्ष का कहना है कि धार्मिक वेशभूषा और प्रतीकों के इस तरह इस्तेमाल से धार्मिक भावनाएं आहत हुईं।




