अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 31 जुलाई 2026
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत ने एक बार फिर व्यापारिक जहाजों और नाविकों की सुरक्षा को लेकर अपनी चिंता स्पष्ट कर दी है। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने शुक्रवार को ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से टेलीफोन पर बातचीत कर क्षेत्र में जारी संघर्ष पर भारत की गहरी चिंता जताई।
जयशंकर ने कहा कि किसी भी परिस्थिति में व्यापारिक जहाजों और नाविकों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत किसी भी पक्ष द्वारा ऐसे हमलों की कड़ी निंदा करता है और समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने की आवश्यकता पर बल देता है।
विदेश मंत्री ने बताया कि बातचीत के दौरान ईरान के विदेश मंत्री ने उन्हें पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और चल रही कूटनीतिक चर्चाओं से अवगत कराया। भारत ने दोहराया कि क्षेत्रीय संकट का समाधान केवल संवाद और कूटनीति के माध्यम से ही संभव है।
गौरतलब है कि इसी महीने होर्मुज जलडमरूमध्य में दो तेल टैंकरों पर हुए मिसाइल हमले में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई थी, जबकि छह अन्य भारतीय घायल हुए थे। इस घटना के बाद भारत ने ईरान के वरिष्ठ राजनयिक को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया था।
सरकार ने संसद को भी बताया है कि फरवरी 2026 में पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद से 2,557 भारतीय नागरिकों को ईरान से सुरक्षित वापस लाया गया है। वर्तमान में लगभग 7,000 भारतीय नागरिक अब भी ईरान में मौजूद हैं, जिनमें छात्र, कामगार, नाविक और अन्य पेशेवर शामिल हैं।
भारत लगातार सभी पक्षों से संयम बरतने, समुद्री मार्गों की सुरक्षा बनाए रखने और क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए शांतिपूर्ण संवाद का रास्ता अपनाने की अपील कर रहा है।




