खेल | संजीव कुमार | ABC NATIONAL NEWS | मुंबई | 28 जुलाई 2026
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए 15 सदस्यीय भारतीय टीम की घोषणा कर दी है। शुभमन गिल टीम की कमान संभालेंगे, जबकि केएल राहुल उपकप्तान होंगे। तेज़ गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह और बल्लेबाज़ साई सुदर्शन का चयन फिटनेस क्लियरेंस के अधीन रखा गया है।
इस टीम का सबसे बड़ा आकर्षण 33 वर्षीय मध्य प्रदेश के ऑलराउंडर सारांश जैन का पहला अंतरराष्ट्रीय चयन है। घरेलू क्रिकेट में वर्षों तक लगातार शानदार प्रदर्शन करने वाले सारांश को आखिरकार टीम इंडिया की टेस्ट कैप मिलने का मौका मिला है। दाएं हाथ के ऑफ स्पिनर और बाएं हाथ के बल्लेबाज़ सारांश ने हाल ही में श्रीलंका दौरे पर इंडिया-ए के लिए शानदार प्रदर्शन करते हुए दो अनौपचारिक टेस्ट में सात विकेट लिए। दूसरे मैच में उन्होंने छह विकेट झटके और नाबाद 70 रन बनाकर भारत की 10 विकेट की जीत में अहम भूमिका निभाई।
टीम में एक और युवा स्पिन ऑलराउंडर 23 वर्षीय मानव सुथार को भी जगह मिली है। राजस्थान के रहने वाले मानव बाएं हाथ के बल्लेबाज़ और स्लो लेफ्ट-आर्म ऑर्थोडॉक्स स्पिनर हैं। उन्होंने जून 2026 में अफगानिस्तान के खिलाफ भारतीय टेस्ट टीम के लिए पदार्पण किया था। घरेलू क्रिकेट और इंडिया-ए के लिए लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन के बाद चयनकर्ताओं ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया है। श्रीलंका की स्पिन-अनुकूल परिस्थितियों में उनकी गेंदबाज़ी भारतीय टीम के लिए महत्वपूर्ण हथियार साबित हो सकती है।
सारांश की सफलता के पीछे पूर्व भारतीय ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह का भी अहम योगदान रहा। इस साल मार्च में बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में आयोजित विशेष स्पिन कैंप के दौरान हरभजन ने उन्हें करीब पांच दिनों तक प्रशिक्षण दिया था। हरभजन ने कहा कि सारांश केवल बल्लेबाज़ी करने वाला ऑफ स्पिनर नहीं, बल्कि ऐसा ऑफ स्पिनर है जिसकी पहली सोच विकेट लेना है। उनके मुताबिक सारांश की गेंदबाज़ी की सबसे बड़ी ताकत उनकी सरल और संतुलित गेंदबाज़ी एक्शन, बेहतरीन सीम पोजिशन, सटीक लाइन-लेंथ और लगातार विकेट लेने की भूख है।
हरभजन ने कहा कि घरेलू क्रिकेट में लंबे स्पेल फेंकने का अनुभव सारांश को मानसिक रूप से बेहद मजबूत बनाता है। उन्होंने कहा कि विकेट कैसी भी हो, सफल गेंदबाज़ वही होता है जो परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढाल ले और बल्लेबाज़ को अपनी योजना के मुताबिक खेलने पर मजबूर करे।
वॉशिंगटन सुंदर के पहले टेस्ट से बाहर रहने के कारण सारांश जैन भारतीय टीम के इकलौते विशेषज्ञ ऑफ स्पिनर होंगे। श्रीलंका की स्पिन-अनुकूल पिचों को देखते हुए चयनकर्ताओं ने रविंद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मानव सुथार और सारांश जैन के रूप में चार स्पिन विकल्प चुने हैं।
घरेलू क्रिकेट में सारांश का रिकॉर्ड भी बेहद प्रभावशाली रहा है। 2025-26 रणजी ट्रॉफी सीजन में उन्होंने 518 रन बनाए और 30 विकेट लिए। इसके बाद दलीप ट्रॉफी में 16 विकेट और दो अर्धशतकों के दम पर सेंट्रल ज़ोन को 11 साल बाद खिताब दिलाते हुए ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ बने। यदि उन्हें श्रीलंका के खिलाफ पदार्पण का अवसर मिलता है, तो वह 1998 में रॉबिन सिंह के बाद 33 वर्ष की उम्र में टेस्ट डेब्यू करने वाले भारत के पहले खिलाड़ी बनेंगे।
श्रीलंका टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम
शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उपकप्तान), यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), साई सुदर्शन, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रविंद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मानव सुथार, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, देवदत्त पडिक्कल और सारांश जैन।
साई सुदर्शन और जसप्रीत बुमराह की उपलब्धता बीसीसीआई की फिटनेस क्लियरेंस पर निर्भर करेगी।




