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भारत-अफगानिस्तान के बीच कृषि सहयोग बढ़ाने पर चर्चा, तालिबान प्रशासन ने जताई रुचि

राष्ट्रीय/ अंतरराष्ट्रीय/ कृषि | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 13 जुलाई 2026

भारत और अफगानिस्तान के बीच कृषि क्षेत्र में सहयोग को नई दिशा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है। अफगानिस्तान के तालिबान प्रशासन ने भारत के साथ कृषि, सिंचाई, कृषि अवसंरचना, पशुपालन और कृषि व्यापार जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की इच्छा जताई है। दोनों पक्षों के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक में मौजूदा सहयोग की समीक्षा के साथ भविष्य की संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, अफगानिस्तान के कृषि, सिंचाई एवं पशुपालन मंत्री मौलवी अताउल्लाह ओमारी के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल और भारतीय अधिकारियों के बीच नई दिल्ली में वार्ता हुई। बैठक के दौरान कृषि अनुसंधान, कृषि शिक्षा, क्षमता निर्माण, आधुनिक कृषि तकनीकों के आदान-प्रदान और द्विपक्षीय कृषि व्यापार को मजबूत करने पर सहमति बनी।

विदेश मंत्रालय ने बताया कि अफगान प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से कृषि अवसंरचना के विकास, सिंचाई परियोजनाओं, पशुधन विकास और कृषि उत्पादों के व्यापार को बढ़ावा देने में भारत के अनुभव और तकनीकी सहयोग में रुचि दिखाई। दोनों पक्षों ने किसानों की उत्पादकता बढ़ाने और कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर भी विचार-विमर्श किया।

बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि भारत द्वारा पिछले वर्षों में अफगानिस्तान में शुरू की गई विकास परियोजनाओं को आगे कैसे बढ़ाया जा सकता है। कृषि शिक्षा, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और विशेषज्ञों के आदान-प्रदान के माध्यम से सहयोग को और मजबूत बनाने पर भी जोर दिया गया।

हाल के महीनों में भारत और अफगानिस्तान के बीच संपर्क लगातार बढ़ा है। मानवीय सहायता, व्यापार और विकास परियोजनाओं के साथ-साथ अब कृषि क्षेत्र भी दोनों देशों के सहयोग का एक महत्वपूर्ण आधार बनता दिखाई दे रहा है। भारत पहले भी अफगानिस्तान को गेहूं, दवाइयां और अन्य मानवीय सहायता उपलब्ध कराता रहा है।

हालांकि, भारत ने अब तक तालिबान प्रशासन को औपचारिक मान्यता नहीं दी है। इसके बावजूद दोनों पक्ष व्यावहारिक और विकास से जुड़े मुद्दों पर संवाद बनाए हुए हैं। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इस बैठक का उद्देश्य कृषि और विकास संबंधी सहयोग को आगे बढ़ाना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रस्तावित सहयोग योजनाएं आगे बढ़ती हैं, तो इससे अफगानिस्तान के कृषि क्षेत्र को तकनीकी और संस्थागत सहायता मिलेगी, जबकि भारत के लिए मध्य एशिया क्षेत्र में आर्थिक और कृषि सहयोग के नए अवसर भी खुल सकते हैं। ऐसे समय में जब अफगानिस्तान अपनी कृषि व्यवस्था को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है, भारत के साथ बढ़ता सहयोग दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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