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राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर कांग्रेस का बड़ा हमला, बोली— आस्था नहीं, हिसाब दीजिए

राष्ट्रीय/ उत्तर प्रदेश/ आस्था/ अपराध | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 13 जुलाई 2026

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन के मामले ने अब बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े प्रबंधन पर सीधा हमला बोलते हुए कहा है कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के नाम पर जमा हुए धन का पूरा हिसाब देश के सामने रखा जाना चाहिए। पार्टी का आरोप है कि इस मामले में असली जिम्मेदार लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है।

कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि उसका सवाल भगवान राम या मंदिर निर्माण पर नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं के चढ़ावे के प्रबंधन पर है। पार्टी का कहना है कि जब देशभर के लोगों ने विश्वास के साथ दान दिया है, तो हर रुपये का हिसाब सार्वजनिक होना चाहिए। यदि गबन या वित्तीय अनियमितता हुई है तो दोषियों के खिलाफ बिना किसी राजनीतिक संरक्षण के कार्रवाई होनी चाहिए।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पूरी तरह पारदर्शी नहीं है और अब समय आ गया है कि दान की राशि, उसके उपयोग, ऑडिट रिपोर्ट और वित्तीय निर्णयों को सार्वजनिक किया जाए। पार्टी का कहना है कि आस्था के नाम पर जवाबदेही से बचा नहीं जा सकता।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस इस विवाद के जरिए अयोध्या की राजनीतिक बहस को नए मोड़ पर ले जाने की कोशिश कर रही है। जहां भाजपा वर्षों से राम मंदिर को अपनी सबसे बड़ी राजनीतिक उपलब्धि के रूप में पेश करती रही है, वहीं कांग्रेस अब सवाल उठा रही है कि यदि मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है, तो उसके संचालन में पारदर्शिता भी उतनी ही जरूरी होनी चाहिए।

दूसरी ओर भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को निराधार और राजनीतिक बताया है। पार्टी का कहना है कि कांग्रेस राम मंदिर जैसे आस्था के विषय पर राजनीति कर रही है और जनता सब समझती है।

राम मंदिर चढ़ावा विवाद अब संसद के मानसून सत्र में भी प्रमुख मुद्दा बन सकता है। विपक्ष इसे जोरदार ढंग से उठाने की तैयारी कर रहा है, जबकि सत्तापक्ष कांग्रेस के आरोपों का जवाब देने की रणनीति बना रहा है।

इस विवाद ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े संस्थानों में वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही का स्तर क्या होना चाहिए। राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच अब सबकी निगाह इस बात पर है कि जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और क्या पूरे मामले की सच्चाई सार्वजनिक हो पाती है।

https://abcnationalnews.com/ram-mandir-donation-scam-cjis-bench-to-hear-the-matter-on-july-13/

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