राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | जम्मू | 13 जुलाई 2026
जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनकी सार्वजनिक घोषणा की याद दिलाते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री का वादा केवल भाषण नहीं, बल्कि उस पर अमल भी होना चाहिए।
जम्मू में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा कि कटरा की सभा में प्रधानमंत्री ने स्वयं कहा था कि जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा वापस देना “मोदी की गारंटी” है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि प्रधानमंत्री का वादा इतना महत्वपूर्ण है, तो उसे अब तक पूरा क्यों नहीं किया गया।
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लिया, विधानसभा चुनाव हुए, सरकार बनी, लेकिन राज्य का संवैधानिक दर्जा अब भी बहाल नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई का समय आ गया है।
नेशनल कॉन्फ्रेंस ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का फैसला किया है। पार्टी ने घोषणा की है कि संसद के मानसून सत्र के पहले दिन, 20 जुलाई को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दिया जाएगा। इस प्रदर्शन में जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने और संवैधानिक अधिकार लौटाने की मांग की जाएगी।
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि राज्य का दर्जा किसी राजनीतिक दल की मांग नहीं, बल्कि जम्मू-कश्मीर के लोगों का लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार वास्तव में अपने वादों के प्रति गंभीर है, तो उसे अब बिना किसी देरी के इस दिशा में फैसला लेना चाहिए।
गौरतलब है कि अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 के अधिकांश प्रावधान हटाए जाने और जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन के बाद राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया गया था। इसके बाद से राज्य का दर्जा बहाल करने का मुद्दा लगातार राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है।
अब नेशनल कॉन्फ्रेंस इस मुद्दे को संसद से लेकर सड़क तक ले जाने की तैयारी में है। ऐसे में मानसून सत्र के दौरान जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति का बड़ा मुद्दा बनने की संभावना है।




