राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | 13 जुलाई 2026
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्ला द्वारा बीजेपी पर उनकी पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के विधायकों को तोड़ने की कोशिश के आरोपों पर NDA नेताओं ने तीखा पलटवार किया है। बीजेपी सहयोगी और NCP के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी लोकतांत्रिक परंपराओं का पूरा सम्मान करती है और सरकार बनाने के लिए कभी अलोकतांत्रिक रास्ता नहीं अपनाती।
प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि 2024 के जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में नेशनल कॉन्फ्रेंस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनाई। उन्होंने कहा कि उस सरकार के गठन में बीजेपी ने कोई बाधा नहीं डाली, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति पार्टी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने भी ओमर अब्दुल्ला के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बीजेपी दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है और उसे किसी अन्य दल को तोड़ने की जरूरत नहीं है।
दरअसल, ओमर अब्दुल्ला ने आरोप लगाया था कि बीजेपी उनकी पार्टी के विधायकों को 20 से 30 करोड़ रुपये और मंत्री पद का लालच देकर अपने साथ लाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी पहले भी तृणमूल कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव गुट) और आम आदमी पार्टी में टूट करा चुकी है और अब जम्मू-कश्मीर में भी “बैकडोर” से सत्ता हासिल करना चाहती है।
बीजेपी के वरिष्ठ नेता दिनेश शर्मा ने इन आरोपों को कांग्रेस की राजनीति से जोड़ते हुए कहा कि जब विपक्ष को हार दिखाई देती है तो वह ऐसे आरोप लगाने लगता है।
वहीं कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने ओमर अब्दुल्ला का समर्थन करते हुए कहा कि देश में लोकतंत्र खतरे में है और विपक्षी दलों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है।
गौरतलब है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस-कांग्रेस गठबंधन ने 2024 के विधानसभा चुनाव में 90 में से 49 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी, जबकि बीजेपी को 29 सीटें मिली थीं। इस बीच ओमर अब्दुल्ला ने 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर प्रदर्शन करने का भी ऐलान किया है।
इस राजनीतिक टकराव के बीच जम्मू-कश्मीर की राजनीति में राज्य का दर्जा और दल-बदल के आरोप एक बार फिर राष्ट्रीय बहस का केंद्र बन गए हैं।




