स्पोर्ट्स | ABC NATIONAL NEWS | स्पोर्ट्स डेस्क | 8 जुलाई 2026
विश्व कप में अगर कोई टीम आखिरी सीटी बजने तक हार नहीं मानती, तो उसका नाम अर्जेंटीना है। और अगर उस टीम में लियोनेल मेसी हों, तो मुकाबला खत्म होने से पहले नतीजा तय मान लेना सबसे बड़ी भूल साबित हो सकती है।
फीफा विश्व कप 2026 के प्री-क्वार्टर फाइनल में अर्जेंटीना ने ऐसा ही करिश्मा कर दिखाया। एक समय विश्व चैंपियन टीम मिस्र के खिलाफ 2-0 से पिछड़कर टूर्नामेंट से बाहर होने की कगार पर खड़ी थी। मेसी पेनल्टी भी गंवा चुके थे और करोड़ों प्रशंसकों की उम्मीदें टूटती दिख रही थीं। लेकिन अगले 14 मिनट में जो हुआ, उसने विश्व कप के इतिहास में एक और यादगार अध्याय जोड़ दिया।
मर्सिडीज-बेंज स्टेडियम में मिस्र ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। 14वें मिनट में यासेर इब्राहिम ने शानदार हेडर से गोल कर अर्जेंटीना को झटका दिया। इसके बाद 67वें मिनट में मोस्तफा जिको ने दूसरा गोल दागकर स्कोर 2-0 कर दिया। स्टेडियम में मौजूद मिस्र के समर्थक जीत का जश्न मनाने लगे थे।
इससे पहले 20वें मिनट में मेसी के पास बराबरी का सुनहरा मौका था, लेकिन मिस्र के गोलकीपर मोस्तफा शोबीर ने उनकी पेनल्टी बचाकर मुकाबले का रुख बदल दिया। ऐसा लगने लगा कि विश्व चैंपियन का सफर यहीं खत्म हो जाएगा।
लेकिन इसके बाद मैदान पर उतरी वह अर्जेंटीना, जिसे दुनिया कभी हार मानते नहीं देखती।
79वें मिनट में क्रिस्टियन रोमेरो ने मेसी के सटीक क्रॉस पर हेडर लगाकर पहला गोल किया। चार मिनट बाद मेसी ने खुद गोल दागते हुए स्कोर 2-2 कर दिया। पूरा स्टेडियम “मेसी… मेसी…” के नारों से गूंज उठा।
जब मुकाबला अतिरिक्त समय में पहुंचा और पेनल्टी शूटआउट की चर्चा शुरू हो चुकी थी, तभी 92वें मिनट में एंजो फर्नांडीज ने लाउतारो मार्टिनेज के क्रॉस पर शानदार हेडर लगाकर गेंद जाल में पहुंचा दी। इस गोल के साथ अर्जेंटीना ने 3-2 की अविश्वसनीय जीत दर्ज कर क्वार्टर फाइनल का टिकट हासिल कर लिया।
मुकाबले में मिस्र का एक गोल VAR के जरिए रद्द भी हुआ, जिसने मैच की दिशा बदलने में अहम भूमिका निभाई।
इस ऐतिहासिक जीत के बाद अर्जेंटीना अब क्वार्टर फाइनल में कोलंबिया और स्विट्जरलैंड के बीच होने वाले मुकाबले की विजेता टीम से भिड़ेगा।
विश्व कप का संदेश एक बार फिर साफ है—जब तक आखिरी सीटी नहीं बजती, तब तक मेसी और अर्जेंटीना को हराना आसान नहीं।




