ट्रैवल/ राष्ट्रीय/ उत्तर प्रदेश | ABC NATIONAL NEWS | नोएडा/जेवर | 15 जून 2026
उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक दिन साबित हुआ जब नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) ने सोमवार को अपनी पहली यात्री उड़ान का स्वागत किया। लखनऊ से उड़ान भरकर इंडिगो की फ्लाइट 6E-2278 सुबह 7:58 बजे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरी और इसके साथ ही देश के सबसे महत्वाकांक्षी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट का यात्री संचालन औपचारिक रूप से शुरू हो गया। इस पहली उड़ान की सबसे खास बात यह रही कि इसमें जेवर क्षेत्र के उन ग्रामीणों और किसानों को यात्रा कराई गई, जिनकी जमीन एयरपोर्ट के पहले चरण के निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई थी। प्रशासन ने इसे विकास यात्रा में स्थानीय लोगों की भागीदारी का प्रतीक बताया।
एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार यह विमान सुबह 7:12 बजे लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से रवाना हुआ था। पहली लैंडिंग के कुछ ही समय बाद नोएडा एयरपोर्ट से पहली उड़ान भी लखनऊ के लिए रवाना हुई।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को उत्तर भारत के सबसे बड़े विमानन केंद्रों में विकसित करने की योजना है। इसके पूरी तरह विकसित होने के बाद यह दिल्ली-एनसीआर के बढ़ते हवाई यातायात का बड़ा हिस्सा संभालेगा और इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दबाव कम करेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि जेवर एयरपोर्ट के संचालन से पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और राजस्थान के कुछ हिस्सों को बड़ा लाभ मिलेगा। इससे न केवल यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी बल्कि क्षेत्र में निवेश, उद्योग, लॉजिस्टिक्स और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही इस परियोजना को उत्तर प्रदेश की आर्थिक प्रगति का बड़ा इंजन बता चुके हैं। सरकार का दावा है कि एयरपोर्ट के आसपास एयरोसिटी, लॉजिस्टिक्स हब, औद्योगिक कॉरिडोर और नए शहरी विकास केंद्र विकसित किए जाएंगे।
पहली उड़ान के साथ ही जेवर एयरपोर्ट ने भारत के विमानन मानचित्र पर अपनी औपचारिक उपस्थिति दर्ज करा दी है। आने वाले वर्षों में यह परियोजना देश के सबसे बड़े एयर ट्रांसपोर्ट और आर्थिक विकास केंद्रों में शामिल हो सकती है।




