राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 21 जून 2026
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर दक्षिण दिल्ली स्थित हडको प्लेस एक्सटेंशन, अंसल प्लाजा में रविवार को भव्य योग समारोह का आयोजन किया गया। आद्या कौशलम् ट्रस्ट एवं इंडियन योगिनी एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों लोगों ने एक साथ कॉमन योग प्रोटोकॉल (CYP) का सामूहिक अभ्यास कर योग, स्वास्थ्य और संतुलित जीवनशैली का संदेश दिया।
सुबह से ही आयोजन स्थल पर उत्साहपूर्ण वातावरण देखने को मिला। विभिन्न आयु वर्ग के प्रतिभागियों ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। सामूहिक योगाभ्यास के दौरान पूरा परिसर सकारात्मक ऊर्जा, अनुशासन और आध्यात्मिक चेतना से ओत-प्रोत दिखाई दिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में हडको के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (CMD) श्री संजय कुलश्रेष्ठ उपस्थित रहे। उनके साथ भारतीय उद्योग एवं व्यापार जगत से जुड़े प्रमुख संगठन IABF के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राकेश मिश्रा, भारत सरकार के भारी उद्योग मंत्रालय की पूर्व स्वतंत्र निदेशक एवं इंडियन योगिनी एसोसिएशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. आर. एच. लता तथा प्रख्यात समाजसेवी श्रीमती राखी कुलश्रेष्ठ भी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहीं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ. आर. एच. लता ने कहा कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य का साधन नहीं, बल्कि मानसिक शांति, भावनात्मक संतुलन और आध्यात्मिक उन्नति का आधार है। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली से उत्पन्न तनाव, चिंता और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बीच योग मानव जीवन को संतुलित बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है।
मुख्य अतिथि श्री संजय कुलश्रेष्ठ ने कहा कि योग भारत की हजारों वर्ष पुरानी सांस्कृतिक विरासत है, जिसने आज पूरी दुनिया को स्वास्थ्य और शांति का मार्ग दिखाया है। उन्होंने कहा कि योग के माध्यम से भारत ने वैश्विक स्तर पर मानव कल्याण का एक नया मॉडल प्रस्तुत किया है और आज विश्व समुदाय इसे उत्साहपूर्वक अपना रहा है।
डॉ. राकेश मिश्रा ने योग के वैज्ञानिक, सामाजिक और मनोवैज्ञानिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योग केवल बीमारियों से बचाव का माध्यम नहीं बल्कि एक स्वस्थ, अनुशासित और सकारात्मक समाज निर्माण का आधार भी है। उन्होंने युवाओं से योग को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
योग सत्र का संचालन आद्या कौशलम् ट्रस्ट की सक्रिय सदस्यों श्रीमती बिमला कुमारी, श्रीमती सविता वावरे, डॉ. शारदा सूर्यवंशी एवं श्रीमती धनेश्वरी जी द्वारा किया गया। उनके कुशल निर्देशन में प्रतिभागियों ने कॉमन योग प्रोटोकॉल के अंतर्गत विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की क्रियाओं का अभ्यास किया। प्रशिक्षकों ने योग की प्रत्येक प्रक्रिया को सरल एवं व्यवस्थित तरीके से समझाते हुए उसके स्वास्थ्य लाभों की जानकारी भी दी।
योगाभ्यास के उपरांत आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम ने समारोह को और अधिक आकर्षक बना दिया। युवा कलाकार लावण्या ठाकुर ने अपनी मनोहारी शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं निकिता एवं उनके समूह ने हरि स्तुति तथा योग-आधारित नृत्य की प्रस्तुति देकर भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और योग के अद्भुत समन्वय को मंच पर जीवंत कर दिया। उपस्थित अतिथियों और प्रतिभागियों ने कलाकारों की प्रस्तुतियों की मुक्तकंठ से सराहना की।
समारोह के दौरान सभी प्रतिभागियों ने नियमित योगाभ्यास कर स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य जागरूकता, अनुशासन, सामूहिक सहभागिता और सामाजिक समरसता का संदेश भी प्रभावी रूप से प्रसारित किया गया।
आद्या कौशलम् ट्रस्ट एवं इंडियन योगिनी एसोसिएशन की पूरी टीम द्वारा कार्यक्रम का सफल संचालन एवं समन्वयन किया गया। आयोजन के अंत में सभी प्रतिभागियों ने योग को जन-जन तक पहुंचाने और स्वस्थ भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प व्यक्त किया।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित यह भव्य कार्यक्रम न केवल योग के प्रति बढ़ती जनभागीदारी का प्रमाण बना, बल्कि इसने यह भी सिद्ध किया कि भारत की प्राचीन योग परंपरा आज वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य, अनुशासन, मानसिक शांति और मानव कल्याण का सशक्त माध्यम बन चुकी है।






