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ममता बनर्जी के खिलाफ पुलिस शिकायत, बांग्लादेश की राजनीतिक हत्या से केंद्र को जोड़ने पर विवाद

राजनीति | ABC NATIONAL NEWS | कोलकाता / सिलीगुड़ी | 4 जून 2026

ममता बनर्जी के बयान पर कानूनी विवाद

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के खिलाफ एक अधिवक्ता द्वारा पुलिस शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ममता बनर्जी ने हालिया सार्वजनिक भाषणों में संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं और बांग्लादेश में हुई एक राजनीतिक हत्या को भारत सरकार से जोड़कर ऐसे बयान दिए जो देश की संप्रभुता, राष्ट्रीय हितों और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए हानिकारक माने जा सकते हैं। इस शिकायत ने पश्चिम बंगाल की चुनावी राजनीति के बीच एक नया विवाद खड़ा कर दिया है।

सिलीगुड़ी साइबर थाने में दर्ज हुई शिकायत

जानकारी के अनुसार कलकत्ता हाईकोर्ट की जलपाईगुड़ी सर्किट बेंच से जुड़ी अधिवक्ता रिंकी चटर्जी सिंह ने 3 जून को सिलीगुड़ी स्थित साइबर पुलिस स्टेशन में यह शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि विधानसभा चुनावों के दौरान और उसके बाद ममता बनर्जी द्वारा दिए गए कुछ बयान न केवल राजनीतिक रूप से भड़काऊ थे, बल्कि उन्होंने संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े किए।

बांग्लादेश की घटना को लेकर उठाया गया मुद्दा

शिकायत का सबसे महत्वपूर्ण पहलू वह कथित बयान है जिसमें ममता बनर्जी ने बांग्लादेश में हुई एक राजनीतिक हत्या के संदर्भ में केंद्र सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए थे। शिकायतकर्ता का कहना है कि किसी पड़ोसी देश की आंतरिक राजनीतिक घटना को बिना ठोस प्रमाण भारत सरकार से जोड़ना गंभीर विषय है और इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि प्रभावित हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे बयान जनता के बीच भ्रम और अविश्वास पैदा कर सकते हैं।

संवैधानिक संस्थाओं पर टिप्पणी को लेकर आपत्ति

शिकायत में यह भी कहा गया है कि चुनावी अभियान के दौरान ममता बनर्जी ने कुछ संवैधानिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर तीखी टिप्पणियां की थीं। शिकायतकर्ता के अनुसार लोकतांत्रिक व्यवस्था में आलोचना का अधिकार सभी को है, लेकिन यदि बयान संस्थाओं की विश्वसनीयता को कमजोर करने वाले हों तो उनकी कानूनी समीक्षा आवश्यक हो जाती है। इसी आधार पर पुलिस से मामले की जांच की मांग की गई है।

राजनीतिक माहौल में बढ़ा विवाद

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के बाद राजनीतिक वातावरण पहले से ही काफी गर्म है। तृणमूल कांग्रेस और विपक्षी दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है। ऐसे समय में मुख्यमंत्री के खिलाफ दर्ज यह शिकायत राजनीतिक बहस को और तेज कर सकती है। विपक्षी दल इसे गंभीर मामला बता रहे हैं, जबकि तृणमूल कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि यह राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा हो सकता है।

कानूनी प्रक्रिया पर सबकी नजर

फिलहाल पुलिस ने शिकायत प्राप्त होने की पुष्टि की है, लेकिन मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी, इस पर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की प्रकृति को देखते हुए पुलिस प्रारंभिक जांच कर सकती है और उसके बाद आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।

तृणमूल कांग्रेस की प्रतिक्रिया का इंतजार

समाचार लिखे जाने तक ममता बनर्जी या तृणमूल कांग्रेस की ओर से इस शिकायत पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि मामला आगे बढ़ता है तो यह पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया चुनावी मुद्दा बन सकता है।

ममता बनर्जी के खिलाफ दर्ज यह शिकायत केवल एक कानूनी मामला नहीं बल्कि राजनीतिक और संवैधानिक बहस का विषय भी बन गई है। बांग्लादेश की राजनीतिक घटनाओं, केंद्र सरकार की भूमिका और संवैधानिक संस्थाओं पर की गई टिप्पणियों को लेकर उठे सवाल अब जांच और कानूनी प्रक्रिया के दायरे में आ सकते हैं। आने वाले दिनों में इस मामले पर पुलिस और राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी।

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