अंतरराष्ट्रीय | लुबना आबिदी | ABC NATIONAL NEWS | लंदन | 2 जून 2026
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने ब्रिटिश मुस्लिम समुदाय की खुलकर सराहना करते हुए उन्हें देश की सफलता, प्रतिभा और रचनात्मकता का महत्वपूर्ण प्रतीक बताया है। एक आधिकारिक संसदीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ब्रिटिश मुसलमान देश के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और उनके योगदान ने ब्रिटेन को अधिक मजबूत, समृद्ध और विविधतापूर्ण बनाया है।
प्रधानमंत्री स्टार्मर ने कहा कि ऐसे संसदीय मंच और सामुदायिक कार्यक्रम केवल औपचारिक आयोजन नहीं हैं, बल्कि वे उस जीवंत और सकारात्मक भूमिका को सामने लाते हैं जो मुस्लिम समुदाय ब्रिटेन के सार्वजनिक जीवन में निभा रहा है। उन्होंने कहा कि देश के हर क्षेत्र में मुस्लिम समुदाय की उपलब्धियां दिखाई देती हैं और उनकी मेहनत, नवाचार तथा नेतृत्व क्षमता नई पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि ब्रिटेन की असली ताकत उसकी विविधता में निहित है और मुस्लिम समुदाय इस विविधता का एक अहम स्तंभ है। शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार, विज्ञान, खेल, कला और सार्वजनिक सेवा जैसे क्षेत्रों में ब्रिटिश मुसलमानों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है, जो देश के विकास को नई दिशा दे रही है।
कीर स्टार्मर ने यह भी कहा कि ब्रिटिश समाज को और अधिक समावेशी, समान अवसरों वाला और सौहार्दपूर्ण बनाने में मुस्लिम समुदाय की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने समुदाय के युवाओं, पेशेवरों, शिक्षाविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की विशेष रूप से सराहना करते हुए कहा कि उनका योगदान आने वाले वर्षों में भी ब्रिटेन की प्रगति का आधार बना रहेगा।
प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब ब्रिटेन में सामाजिक एकता, सांस्कृतिक विविधता और सामुदायिक सहभागिता को लेकर व्यापक चर्चा चल रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि स्टार्मर का यह संदेश न केवल ब्रिटिश मुस्लिम समुदाय के प्रति सम्मान का प्रतीक है, बल्कि यह बहुसांस्कृतिक ब्रिटेन की उस सोच को भी मजबूत करता है जिसमें सभी समुदायों की भागीदारी और योगदान को समान महत्व दिया जाता है।
ब्रिटिश मुस्लिम संगठनों और सामुदायिक नेताओं ने प्रधानमंत्री के बयान का स्वागत करते हुए कहा कि यह देश के लाखों मुसलमानों की मेहनत, उपलब्धियों और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका की महत्वपूर्ण पहचान है। उनका मानना है कि ऐसे सकारात्मक संदेश समाज में विश्वास, एकता और पारस्परिक सम्मान को और मजबूत करेंगे।




