Home » National » भीषण गर्मी ने देश को जकड़ा, 44 डिग्री के पार पहुंचा पारा, इंसान ही नहीं पशु-पक्षी भी बेहाल

भीषण गर्मी ने देश को जकड़ा, 44 डिग्री के पार पहुंचा पारा, इंसान ही नहीं पशु-पक्षी भी बेहाल

राष्ट्रीय | काव्य अग्रवाल | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 24 मई 2026

देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और लू ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। शनिवार को दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और झारखंड समेत कई राज्यों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में गर्मी और अधिक खतरनाक रूप ले सकती है। लगातार चल रही तपती हवाओं और उमस भरी रातों ने लोगों की परेशानी कई गुना बढ़ा दी है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि पंजाब के कई अस्पतालों में हीट स्ट्रोक प्रबंधन यूनिट सक्रिय करनी पड़ी हैं, जबकि झारखंड के कुछ जिलों के लिए हीटवेव अलर्ट जारी किया गया है।

दिल्ली समेत कई शहरों में गर्मी का असर केवल इंसानों पर ही नहीं, बल्कि पशु-पक्षियों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। पशु चिकित्सकों और रेस्क्यू टीमों के अनुसार राजधानी में कबूतर गर्मी और डिहाइड्रेशन के कारण आसमान से बेहोश होकर गिर रहे हैं, जबकि कई चील और अन्य पक्षी सड़कों के किनारे अचेत हालत में मिल रहे हैं। आवारा जानवरों में पेट संबंधी बीमारियां और शरीर में पानी की भारी कमी देखी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ता तापमान और कंक्रीट के फैलते जंगल शहरों को “हीट ट्रैप” में बदल रहे हैं, जिससे इंसानों के साथ-साथ जीव-जंतुओं का जीवन भी संकट में पड़ता जा रहा है।

भीषण गर्मी का असर मजदूरों, सफाई कर्मचारियों, रिक्शा चालकों और खुले में काम करने वाले लाखों लोगों पर सबसे ज्यादा पड़ रहा है। दिल्ली और अन्य शहरों में महिलाएं और सफाई कर्मचारी सिर को कपड़ों से ढंककर काम करने को मजबूर दिखाई दिए। कई राज्यों में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी है, जिससे बिजली कटौती और जल संकट की आशंका भी बढ़ गई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि रात के समय भी तापमान सामान्य से काफी ऊपर बना हुआ है, जिसके कारण लोगों को राहत नहीं मिल पा रही। इससे बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों के लिए खतरा और बढ़ गया है।

ALSO READ  किताब से डर गई सरकार: सच का सामना करने के बजाय FIR की राह पर तानाशाही सत्ता

विशेषज्ञ इस भीषण गर्मी को केवल मौसमी बदलाव नहीं, बल्कि जलवायु परिवर्तन के गंभीर संकेत के रूप में देख रहे हैं। उनका कहना है कि हर साल बढ़ती हीटवेव अब भारत के लिए एक स्थायी संकट का रूप लेती जा रही है। सरकार और प्रशासन लोगों से दोपहर में घर से बाहर न निकलने, अधिक पानी पीने और पशु-पक्षियों के लिए पानी रखने की अपील कर रहे हैं। आने वाले दिनों में यदि तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो स्वास्थ्य सेवाओं, बिजली व्यवस्था और जल आपूर्ति पर भारी दबाव पड़ सकता है। देश फिलहाल भीषण गर्मी की ऐसी मार झेल रहा है, जिसने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *