टेक्नोलॉजी / साइबर सुरक्षा | सुमन कुमार | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 24 मई 2026
गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाले इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने देशभर के iPhone यूज़र्स के लिए एक गंभीर साइबर सुरक्षा चेतावनी जारी की है। एजेंसी के अनुसार, साइबर अपराधियों ने एक बेहद खतरनाक और सुनियोजित फ़िशिंग अभियान शुरू किया है, जिसमें खासतौर पर उन लोगों को निशाना बनाया जा रहा है जिनके iPhone खो गए हैं या चोरी हो चुके हैं। हैकर्स खुद को “Apple Support” बताकर यूज़र्स को फर्जी SMS भेज रहे हैं और लोगों की घबराहट तथा जल्दबाजी का फायदा उठाकर उनके निजी डेटा और Apple अकाउंट तक पहुंच बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
I4C के मुताबिक, इस साइबर फ्रॉड में यूज़र्स को ऐसे मैसेज भेजे जा रहे हैं जिनमें दावा किया जाता है कि उनका खोया हुआ iPhone ट्रैक कर लिया गया है या उसे सुरक्षित करने के लिए तुरंत कार्रवाई जरूरी है। इन संदेशों में एक लिंक दिया जाता है, जो देखने में बिल्कुल असली Apple वेबसाइट जैसा लगता है। जैसे ही यूज़र उस लिंक पर क्लिक करता है, उसे नकली वेबसाइट पर ले जाया जाता है जहां उससे Apple ID, पासवर्ड, OTP और अन्य निजी जानकारी मांगी जाती है। एक बार यह जानकारी अपराधियों के हाथ लगने के बाद वे यूज़र का पूरा अकाउंट, बैंकिंग डिटेल्स, फोटो, कॉन्टैक्ट्स और अन्य संवेदनशील डेटा तक एक्सेस हासिल कर सकते हैं।
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि यह हमला इसलिए ज्यादा खतरनाक है क्योंकि इसमें अपराधी लोगों की भावनात्मक स्थिति और घबराहट का फायदा उठा रहे हैं। जब किसी व्यक्ति का फोन चोरी या गुम हो जाता है तो वह उसे वापस पाने के लिए बेहद बेचैन रहता है। इसी मानसिक स्थिति का इस्तेमाल कर हैकर्स यूज़र्स को जल्दबाजी में गलत कदम उठाने के लिए मजबूर कर देते हैं। गृह मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध SMS, ईमेल या लिंक पर क्लिक न करें और केवल Apple की आधिकारिक वेबसाइट या “Find My iPhone” जैसे अधिकृत प्लेटफॉर्म का ही इस्तेमाल करें।
सरकार ने यह भी सलाह दी है कि यूज़र्स तुरंत अपने Apple अकाउंट में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन सक्रिय करें, मजबूत पासवर्ड रखें और किसी भी अनजान लिंक पर अपनी निजी जानकारी साझा न करें। यदि किसी व्यक्ति को इस तरह का संदिग्ध संदेश मिलता है तो उसकी शिकायत राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर तुरंत दर्ज कराई जानी चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल इंडिया के दौर में साइबर अपराध तेजी से विकसित हो रहे हैं और आने वाले समय में इस तरह के हाई-टेक फ्रॉड आम लोगों के लिए बड़ी चुनौती बन सकते हैं। ऐसे में जागरूकता और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव मानी जा रही है।




