राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | पुडुचेरी | 13 मई 2026
केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की राजनीति में बुधवार को एक बार फिर अनुभवी नेता एन. रंगासामी का दबदबा देखने को मिला, जब उन्होंने लगातार पांचवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर नया राजनीतिक रिकॉर्ड कायम कर दिया। ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस यानी AINRC के संस्थापक और पुडुचेरी की राजनीति के सबसे प्रभावशाली चेहरों में शामिल रंगासामी ने NDA गठबंधन सरकार का नेतृत्व संभालते हुए सत्ता में वापसी की। उपराज्यपाल के. कैलाशनाथन ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
शपथ ग्रहण समारोह में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, बीजेपी के वरिष्ठ नेता बी.एल. संतोष और गठबंधन के कई प्रमुख नेता मौजूद रहे। रंगासामी के साथ भाजपा नेता ए. नमस्सिवायम और AINRC नेता मल्लाडी कृष्णा राव ने भी मंत्री पद की शपथ ली। मल्लाडी कृष्णा राव ने तेलुगु भाषा में शपथ ली, क्योंकि वे यानम क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो आंध्र प्रदेश से घिरा पुडुचेरी का विशेष क्षेत्र है।
दरअसल, 9 अप्रैल 2026 को हुए विधानसभा चुनाव में NDA गठबंधन ने पुडुचेरी में स्पष्ट बढ़त हासिल करते हुए सत्ता बरकरार रखी। AINRC ने 16 सीटों पर चुनाव लड़कर 12 सीटें जीतीं, जबकि बीजेपी ने 10 सीटों पर चुनाव लड़ते हुए 4 सीटों पर जीत दर्ज की। इसके अलावा AIADMK और सहयोगी दलों को भी सीटें मिलीं, जिससे 30 सदस्यीय विधानसभा में NDA का आंकड़ा बहुमत से ऊपर पहुंच गया। इसी जीत के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने एन. रंगासामी को मुख्यमंत्री नियुक्त किया।
एन. रंगासामी का राजनीतिक सफर बेहद दिलचस्प माना जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत कांग्रेस पार्टी से की थी और पहली बार 2001 में पुडुचेरी के मुख्यमंत्री बने। इसके बाद 2006 में भी उन्होंने मुख्यमंत्री पद संभाला। हालांकि बाद में कांग्रेस से मतभेद बढ़ने पर उन्होंने 2011 में ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस यानी AINRC की स्थापना की और उसी वर्ष चुनाव जीतकर तीसरी बार मुख्यमंत्री बने। 2021 में NDA गठबंधन के साथ उन्होंने चौथी बार सरकार बनाई और अब 2026 में लगातार दूसरी बार तथा कुल पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनकर उन्होंने पुडुचेरी की राजनीति में अपना कद और मजबूत कर लिया है।
शपथ लेने के बाद एन. रंगासामी ने कहा कि उनकी सरकार पुडुचेरी के विकास, रोजगार, इंफ्रास्ट्रक्चर और जनकल्याण योजनाओं पर फोकस करेगी। उन्होंने कहा कि जनता ने एक बार फिर NDA गठबंधन पर भरोसा जताया है और उनकी सरकार राज्य के विकास को नई गति देगी। रंगासामी ने यह भी संकेत दिया कि जल्द ही मंत्रिमंडल का और विस्तार किया जाएगा।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक पुडुचेरी में NDA की यह जीत सिर्फ एक चुनावी सफलता नहीं बल्कि दक्षिण भारत में बीजेपी और उसके सहयोगियों के बढ़ते प्रभाव का संकेत भी मानी जा रही है। तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और असम के बाद पुडुचेरी में NDA की सत्ता वापसी को राष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। खास बात यह है कि रंगासामी की व्यक्तिगत लोकप्रियता और उनकी “साफ-सुथरी प्रशासनिक छवि” NDA की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी।
पुडुचेरी की राजनीति में एन. रंगासामी को अक्सर “जनता के मुख्यमंत्री” के तौर पर देखा जाता है। उनकी सरल जीवनशैली, शांत स्वभाव और प्रशासनिक अनुभव ने उन्हें लंबे समय तक जनता के बीच लोकप्रिय बनाए रखा है। यही वजह रही कि सत्ता विरोधी माहौल की संभावनाओं के बावजूद NDA गठबंधन ने फिर जीत दर्ज की और रंगासामी पांचवीं बार मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचे।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि रंगासामी सरकार अपने नए कार्यकाल में किन बड़े फैसलों और योजनाओं के जरिए पुडुचेरी की राजनीति और विकास मॉडल को नई दिशा देती है।




