राष्ट्रीय / पंजाब | सुरजीत सिंह | ABC NATIONAL NEWS | 10 मई 2026
पंजाब की राजनीति में शनिवार को बड़ा भूचाल आ गया, जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा को कथित 100 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार कर लिया। ED की यह कार्रवाई कई घंटों तक चली छापेमारी और पूछताछ के बाद हुई। एजेंसी का आरोप है कि यह मामला फर्जी GST ट्रांजैक्शन, शेल कंपनियों और विदेश से फंड की कथित राउंड-ट्रिपिंग से जुड़ा हुआ है।
कौन हैं संजीव अरोड़ा?
संजೀವ अरोड़ा पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार में उद्योग, निवेश प्रोत्साहन और स्थानीय निकाय मंत्री हैं। वे मूल रूप से लुधियाना के उद्योगपति और कारोबारी पृष्ठभूमि से आते हैं। राजनीति में आने से पहले वे रियल एस्टेट, इंफ्रास्ट्रक्चर और सामाजिक कार्यों के कारण चर्चा में रहे। उन्हें 2022 में आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा भेजा था और बाद में पंजाब कैबिनेट में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गईं।
ED का आरोप क्या है?
ED के मुताबिक यह मामला कथित फर्जी GST खरीद, हवाला लेन-देन और लगभग 100 करोड़ रुपये की संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों से जुड़ा है। जांच एजेंसी का दावा है कि कुछ कंपनियों के जरिए फर्जी बिलिंग की गई और पैसों को विदेश भेजकर दोबारा भारत में निवेश के रूप में वापस लाया गया। जांच में Hampton Sky Realty Limited सहित कुछ कंपनियों के नाम सामने आए हैं।
एजेंसी ने शनिवार सुबह चंडीगढ़, दिल्ली और अन्य स्थानों पर कई परिसरों पर छापेमारी की थी। इसके बाद लंबी पूछताछ के बाद संजीव अरोड़ा को गिरफ्तार किया गया।
AAP ने बताया राजनीतिक बदले की कार्रवाई
आम आदमी पार्टी ने ED की कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बताया है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार विपक्षी दलों को डराने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है। AAP नेताओं का कहना है कि चुनावी माहौल के बीच यह कार्रवाई राजनीतिक दबाव बनाने के उद्देश्य से की गई है।
बीजेपी ने उठाए सवाल
वहीं बीजेपी ने इस मामले को पंजाब सरकार में कथित भ्रष्टाचार से जोड़ते हुए AAP पर हमला बोला है। पंजाब बीजेपी अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि ED की कार्रवाई ने AAP सरकार के अंदरूनी मतभेद और भ्रष्टाचार को उजागर कर दिया है।
अब आगे क्या?
ED अब संजीव अरोड़ा से पूछताछ कर कथित मनी ट्रेल, शेल कंपनियों और विदेशी लेन-देन के नेटवर्क की जांच करेगी। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस केस में और कारोबारी तथा राजनीतिक नाम भी सामने आ सकते हैं। फिलहाल पंजाब की राजनीति में इस गिरफ्तारी ने बड़ा राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है।




