राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | कोलकाता | 9 मई 2026
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक ऐतिहासिक अध्याय शुरू होने जा रहा है। पहली बार भारतीय जनता पार्टी राज्य में अपनी सरकार बनाने जा रही है। लंबे समय तक वामपंथ और फिर ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस की राजनीति देखने वाले बंगाल में अब सत्ता परिवर्तन की तस्वीर पूरी तरह साफ हो चुकी है। बीजेपी विधायक दल की बैठक में सुवेंदु अधिकारी को नेता चुने जाने के बाद अब उनके मुख्यमंत्री बनने का रास्ता पूरी तरह खुल गया है। कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में होने वाला शपथ ग्रहण समारोह बेहद भव्य और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष समेत कई वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री और बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। पार्टी इसे सिर्फ सरकार गठन नहीं, बल्कि बंगाल में “राजनीतिक परिवर्तन” के रूप में पेश कर रही है।
बीजेपी ने इस जीत को “ऐतिहासिक जनादेश” बताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि बंगाल की जनता ने हिंसा, भ्रष्टाचार और राजनीतिक टकराव से परेशान होकर बदलाव के पक्ष में मतदान किया है। चुनाव नतीजों में बीजेपी ने स्पष्ट बढ़त हासिल करते हुए तृणमूल कांग्रेस के 15 साल पुराने शासन का अंत कर दिया। सबसे ज्यादा चर्चा सुवेंदु अधिकारी की जीत को लेकर रही, जिन्होंने ममता बनर्जी के मजबूत गढ़ माने जाने वाले भवानीपुर में भी बड़ी जीत दर्ज की।
चुनाव परिणाम आने के बाद राज्य में कई जगह राजनीतिक हिंसा की घटनाएं भी सामने आईं। बीजेपी ने आरोप लगाया कि उसके कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने भी अपने समर्थकों पर हमलों का दावा किया। इन घटनाओं ने राज्य की कानून व्यवस्था को लेकर बहस और तेज कर दी है।
सुवेंदु अधिकारी ने विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद कहा कि उनकी सरकार “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” के सिद्धांत पर काम करेगी। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा, उद्योग, रोजगार और सीमावर्ती इलाकों में घुसपैठ रोकने को प्राथमिकता बताया। बीजेपी नेतृत्व का दावा है कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर बंगाल को नई दिशा देंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह जीत सिर्फ चुनावी बदलाव नहीं बल्कि बंगाल की राजनीति के दशकों पुराने समीकरणों में बड़ा परिवर्तन है। ब्रिगेड ग्राउंड, जो कभी वामपंथी राजनीति का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता था, अब पहली बीजेपी सरकार के शपथ ग्रहण का गवाह बनने जा रहा है। पूरे देश की नजर अब इस बात पर है कि बंगाल में बीजेपी सरकार किस तरह अपनी नई राजनीतिक और प्रशासनिक शुरुआत करती है।




